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Kushinagar News: घर जाने के लिए नहीं मिलीं बसें, ठिठुर कर बिताई रात
Tue, 20 Jan 2026 02:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 20 Jan 2026 02:12 AM IST
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बस का इंतजार करते यात्री। संवाद
पडरौना। मौनी अमावस्या पर स्नान कर वापस लौटे श्रद्धालुओं को रविवार को रोडवेज से कोई साधन नहीं मिला। इसके चलते वह बस स्टेशन के आसपास सड़क की पटरी व भवनों के खुले बरामदे में ठिठुर कर रात बिताए। सोमवार सुबह जब स्टेशन से जब बसें मिलीं तो घरों के लिए बैठकर रवाना हुए। हालांकि इस दौरान वह प्रशासन के इस अव्यवस्था को लेकर कोसते नजर आए।
जिले में प्रवाहित नदियों व नेपाल के त्रिवेणी नदी में स्नान के लिए हजारों की तादाद में श्रद्धालुओं का जनसैलाब छोटे-बड़े वाहनों व बसों से स्नान करने के लिए शनिवार व रविवार को गए थे। जहां नदियों के घाटों पर आस्था की डुबकी लगाई। परिवहन निगम की तरफ से चलाई गई बसें श्रद्धालुओं की तादाद के सामने बहुत कम रहीं। इससे स्नान करने के लिए नदियों तक पहुंचने व फिर वापस लौटने के दौरान साधन नहीं होने से दुश्वारियां झेलनी पड़ीं।
इसका फायदा शहर के सुभाषचौक से चलने वाले डग्गामार वाहनों ने उठाया। इसके बावजूद श्रद्धालुओं को कोई राहत नहीं मिली। रविवार की देर रात तक बस स्टेशन के आसपास यात्रियों ने पहुंचकर बसों का इंतजार करते रहे लेकिन उन्हें कोई बसें नहीं मिलीं। इससे वह चौराहे से लेकर आसपास के घरों के खुले बरामदों में किसी तरह रात बिताई। त्रिवेणी नदी से स्नान कर शहर पहुंची इंद्रावती देवी ने बताया कि पडरौना आते ही देर हो गई। पचरुखिया जाने के लिए कोई साधन नहीं मिला तो वह रोडवेज स्टेशन के बगल में ही एक घर के बरामदें में पहुंचकर समय व्यतीत किया।
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पनियहवा के नारायणी नदी से स्नान कर सुभाषचौक पहुंची ज्ञानती देवी ने बताया कि साधन नहीं मिलने से उन्हें देर हुई। इसके चलते चौक के पास ही भवन के बाहर बरामदे में रात भर बैठकर समय बिताई। सुबह छह बजे वह बस मिलने पर तमकुहीराज के लिए रवाना हुईं।
इस संबंध परिवहन निगम के एआरएम जयप्रकाश प्रधान ने कहा कि माघ मेला के चलते डिपो की बसें प्रयागराज गईं थीं। बचे हुए बसों को लोकल रूटों पर चलने के लिए निर्देश दिया गया था। लेकिन श्रद्धालुओं की काफी भीड़ होने से कुछ दिक्कतें आई। आगे इसके लिए व्यवस्था किया जाएगा।
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जिले में प्रवाहित नदियों व नेपाल के त्रिवेणी नदी में स्नान के लिए हजारों की तादाद में श्रद्धालुओं का जनसैलाब छोटे-बड़े वाहनों व बसों से स्नान करने के लिए शनिवार व रविवार को गए थे। जहां नदियों के घाटों पर आस्था की डुबकी लगाई। परिवहन निगम की तरफ से चलाई गई बसें श्रद्धालुओं की तादाद के सामने बहुत कम रहीं। इससे स्नान करने के लिए नदियों तक पहुंचने व फिर वापस लौटने के दौरान साधन नहीं होने से दुश्वारियां झेलनी पड़ीं।
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इसका फायदा शहर के सुभाषचौक से चलने वाले डग्गामार वाहनों ने उठाया। इसके बावजूद श्रद्धालुओं को कोई राहत नहीं मिली। रविवार की देर रात तक बस स्टेशन के आसपास यात्रियों ने पहुंचकर बसों का इंतजार करते रहे लेकिन उन्हें कोई बसें नहीं मिलीं। इससे वह चौराहे से लेकर आसपास के घरों के खुले बरामदों में किसी तरह रात बिताई। त्रिवेणी नदी से स्नान कर शहर पहुंची इंद्रावती देवी ने बताया कि पडरौना आते ही देर हो गई। पचरुखिया जाने के लिए कोई साधन नहीं मिला तो वह रोडवेज स्टेशन के बगल में ही एक घर के बरामदें में पहुंचकर समय व्यतीत किया।
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पनियहवा के नारायणी नदी से स्नान कर सुभाषचौक पहुंची ज्ञानती देवी ने बताया कि साधन नहीं मिलने से उन्हें देर हुई। इसके चलते चौक के पास ही भवन के बाहर बरामदे में रात भर बैठकर समय बिताई। सुबह छह बजे वह बस मिलने पर तमकुहीराज के लिए रवाना हुईं।
इस संबंध परिवहन निगम के एआरएम जयप्रकाश प्रधान ने कहा कि माघ मेला के चलते डिपो की बसें प्रयागराज गईं थीं। बचे हुए बसों को लोकल रूटों पर चलने के लिए निर्देश दिया गया था। लेकिन श्रद्धालुओं की काफी भीड़ होने से कुछ दिक्कतें आई। आगे इसके लिए व्यवस्था किया जाएगा।