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Kushinagar News: पिकअप की ठोकर से बाइक सवार दो छात्रों की मौत

Thu, 27 Nov 2025 01:18 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 27 Nov 2025 01:18 AM IST
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Two students riding a bike died after being hit by a pickup.
लक्ष्मीपुर। पडरौना-कुबरेस्थान मार्ग पर हरका चौराहा के समीप बुधवार की दोपहर पिकअप की ठोकर से बाइक सवार दो छात्रों की मौत हो गई। हादसे के बाद चालक पिकअप लेकर मौके से भाग निकला। लोगों की सूचना पर परिजन और गांव के लोग पहुंच गए। कुछ देर बाद आई पुलिस ने दोनों शव को कब्जे में ले लिया। दोनों घर से बाइक लेकर पेट्रोल डलवाने के लिए पेट्रोल पंप पर गए थे।
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पडरौना कोतवाली क्षेत्र के गुलेलहा गांव निवासी गयाशुद्दीन का 16 साल का बेटा अरमान और कलामुद्दीन का 17 वर्षीय बेटा इरफान बुधवार को दोपहर में पड़ोसी की बाइक लेकर घर से पेट्रोल डलवाने के लिए निकले। अभी हरका चौराहा के समीप पहुंचे थे कि कुबरेस्थान की ओर से आ रही तेज रफ्तार पिकअप ने ठोकर मार दी। इससे दोनों की मौके पर मौत हो गई और बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद चालक पिकअप लेकर भाग निकला। राहगीरों ने पिकअप के नंबर का फोटो मोबाइल में खींच लिया। मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना पर परिजन पहुंचे और दोनों का शव देख दहाड़े मारकर रोने लगे। सूचना पर आई पुलिस को लोगों ने अपने मोबाइल में टक्कर मारने वाले पिकअप का नंबर दिखाया। पुलिस ने नंबर ट्रेस करने में जुटी है। अरमान कक्षा 11 और इरफान कक्षा 10 का छात्र था। दोनों की मौत की खबर मिलते ही गांव में मातम छा गया। कोतवाल हर्षवर्धन सिंह ने बताया कि पिकअप की टक्कर से बाइक सवार दोनों छात्रों की मौत हुई है। मौके पर मौजूद लोगों ने पिकअप का नंबर बताया है, उसकी पहचान कराई जा रही है।
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अरमान की मौत के बाद घर का बुझा चिराग
लक्ष्मीपुर। अरमान दो बहनों का इकलौता भाई था। घर का छोटा होने के कारण वह दुलारा था। दोनों बहने उससे बड़ी हैं। पिता मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते हैं। अरमान की मौत के बाद घर का चिराग बुझ गया। उसकी मौत के बाद बहने और मां का रो-रो कर बुरा हाल है। वहीं पिता ग्यासुद्दीन बदहवास हैं। परिजनों की चीख पुकार सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आई। पिता आंखों में आंसू लिए लड़खड़ाती जुबान से कह रहे थे कि इसे पढ़ा लिखकर अच्छा अधिकारी बनाना चाहता था, ताकि घर की माली हालत सुधर सके, लेकिन अचानक मौत की खबर ने झकझोर दिया। इरफान अपने चार भाईयों में तीसरे नंबर का था। इसके पिता बाहर रहकर काम करते है। घर की माली हालत ठीक नहीं है। इसकी मौत के बाद परिजनों पड़ोसी को कोस रहे थे, आखिर बाइक क्यों दिया।
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