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एक-एक बेड पर दो-दो मरीज
kushinagar
Updated Wed, 31 Aug 2016 10:49 PM IST
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मरीज
- फोटो : santosh verma
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पडरौना। इन दिनों संयुक्त जिला चिकित्सालय में इंसेफेलाइटिस और इसके जैसे लक्षण दिखने वाले संभावित मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। बुधवार को संयुक्त जिला चिकित्सालय में इस बीमारी से ग्रस्त कई बच्चे भर्ती कराए गए थे। हालत यह थी कि अचानक बढ़ी तादाद के कारण एक-एक बेड पर दो-दो मरीजों को भर्ती किया गया था।
बुधवार को संयुक्त जिला चिकित्सालय का जनरल वार्ड से लेकर आईसीयू तक भरा हुआ था। आईसीयू में कप्तानगंज के डेढ़ वर्षीय रवि, चिरगोड़ा की छह वर्ष की काजल, कुरमौल के पांच वर्ष के रमजान, लमकन के रितिक, हेतिमपुर की चार वर्षीय ज्योति, पडरौना की पांच वर्ष की सुमन, छितौनी के तीन वर्षीय ऋतिक, कसया के आठ वर्षीय अंशुल और कसया के 12 माह के निखिल का इलाज चल रहा था।
इसके अलावा जनरल वार्ड में भी इस बीमारी के लक्षण वाले मरीज भर्ती कराए गए थे। इनमें सपहां की चार वर्षीय बबली, चौरिया के चार वर्षीय अंश, परवरपार के पांच वर्षीय आदित्य, बरवा महादेवी की सात वर्ष की अंजली, सपहां की दस वर्षीय नंदनी, पिपरा के पांच वर्षीय स्वामीनाथ, मिश्रौली के चार वर्षीय अनुराग, चौरिया के चार वर्षीय सूर्यप्रकाश, विजयपुर के छह वर्ष की गुलाब शाह, करहिया की 12 वर्षीय नीतू, तमकुही के दो वर्षीय ध्रुव, विजयपुर के एक वर्ष के कुणाल का इलाज जनरल वार्ड में चल रहा था। मरीजों की तादाद अचानक बढ़ जाने से बेड कम पड़ गए थे। ऐसी दशा में एक-एक बेड पर दो-दो मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा था।
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बुधवार को संयुक्त जिला चिकित्सालय का जनरल वार्ड से लेकर आईसीयू तक भरा हुआ था। आईसीयू में कप्तानगंज के डेढ़ वर्षीय रवि, चिरगोड़ा की छह वर्ष की काजल, कुरमौल के पांच वर्ष के रमजान, लमकन के रितिक, हेतिमपुर की चार वर्षीय ज्योति, पडरौना की पांच वर्ष की सुमन, छितौनी के तीन वर्षीय ऋतिक, कसया के आठ वर्षीय अंशुल और कसया के 12 माह के निखिल का इलाज चल रहा था।
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इसके अलावा जनरल वार्ड में भी इस बीमारी के लक्षण वाले मरीज भर्ती कराए गए थे। इनमें सपहां की चार वर्षीय बबली, चौरिया के चार वर्षीय अंश, परवरपार के पांच वर्षीय आदित्य, बरवा महादेवी की सात वर्ष की अंजली, सपहां की दस वर्षीय नंदनी, पिपरा के पांच वर्षीय स्वामीनाथ, मिश्रौली के चार वर्षीय अनुराग, चौरिया के चार वर्षीय सूर्यप्रकाश, विजयपुर के छह वर्ष की गुलाब शाह, करहिया की 12 वर्षीय नीतू, तमकुही के दो वर्षीय ध्रुव, विजयपुर के एक वर्ष के कुणाल का इलाज जनरल वार्ड में चल रहा था। मरीजों की तादाद अचानक बढ़ जाने से बेड कम पड़ गए थे। ऐसी दशा में एक-एक बेड पर दो-दो मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा था।
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