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Kushinagar News: नए साल में मिलेगी दो बाईपास की सौगात
Wed, 08 Oct 2025 12:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 08 Oct 2025 12:34 AM IST
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पटेरा-बलकुड़िया मार्ग बनेगा बाईपास। संवाद
पडरौना। शहर में लगने वाले जाम से आने वाले दिनों में लोगों को निजात मिल जाएगी। नए साल में दो बाईपास से आवागमन शुरू हो जाएगा। जिला मुख्यालय के सरस्वती चौक से हरका होते हुए परसौनी कला गांव के पास मुख्य पश्चिमी गंडक नहर तक करीब नौ किलोमीटर लंबे बाईपास का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। सरस्वती चौक से निकले बाईपास का निर्माण दिसंबर तक पूरा लिया जाएगा। अब केवल पुलिया के एप्रोच समेत अन्य छोटे निर्माण कार्य ही शेष रह गए हैं।
इसी तरह मार्च तक पडरौना-बलकुड़िया मार्ग का चौड़ीकरण का कार्य भी पूरा हो जाएगा। इन दोनों सड़कों का निर्माण पूरा होने के बाद शहर में बेवजह आने वाले भारी वाहन समेत अन्य वाहनों का दबाव कम हो जाएगा।
जिला मुख्यालय बनने के बाद पडरौना शहर की सड़कों पर वाहनों का दबाव कम करने के लिए शासन ने करीब पांच वर्ष पहले बाईपास निर्माण की मंजूरी दी थी। इसके बाद बाईपास निर्माण को लेकर विभागीय कार्रवाई शुरू कर पीडब्ल्यूडी को कार्यदायी संस्था नामित किया गया। जिला मुख्यालय के सरस्वती चौक से पडरौना के गंडक नहर तक 8.950 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण के लिए हुए विभागीय सर्वे में 12 गांवों के 1256 किसानों की पांच हेक्टेयर से अधिक जमीन दायरे में आई।
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भूमि को अधिग्रहीत कर किसानों को सरकार की तरफ से निर्धारित धनराशि के भुगतान की कार्रवाई कर उन्हें जमीन का मुआवजा देकर उनसे विभाग के पक्ष में रजिस्ट्री भी करा ली गई। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सड़क निर्माण के दायरे में आए कुछ किसान अपनी जमीन के मुआवजा की धनराशि से संतुष्ट नहीं हो रहे थे।
इसके चलते वे कोर्ट गए थे। वहां मामला निस्तारित होने में हुए विलंब के चलते सड़क निर्माण कार्य पूरा करने में देरी हुई। जिन किसानों की जमीन का मुआवजा दे दिया गया था, उनकी जमीन अधिग्रहीत कर वहां निर्माण कार्य पहले ही पूरा करा लिया गया था।
न्यायालय में मामला सुलझाने के बाद पुन: सक्रिय हुआ पीडब्ल्यूडी संबंधित किसानों को भी सड़क की जद में आई जमीन का मुआवजा देकर सड़क निर्माण कार्य तेजी से कराने में जुटा है। सड़क का निर्माण कार्य अंतिम चरण में चल रहा है।
अब सड़क पर बने पुलिया का एप्रोच और बचे निर्माण कार्य की ही शेष हैं। उसे भी पूरा कराने में कार्यदायी संस्था पूरी तत्परता से जुटी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सबकुछ ठीक रहा तो करीब एक से दो माह के भीतर निर्माणाधीन सड़क का निर्माण कार्य पूरा करा लिया जाएगा। इसके बाद लोकार्पण कर लोगों के आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा।
इस तरह विभागीय व्यय वित्त समिति ने पडरौना-बकुलहा-पटेरा मार्ग किमी 0.000 से 6.700 के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य को स्वीकृति दी है। इस परियोजना को आगामी पांच वर्षों तक सड़क के अनुरक्षण का प्रावधान भी शामिल है।
इस परियोजना की स्वीकृत लागत 15 करोड़ 80 लाख 28 हजार रुपये है। सड़क चौड़ीकरण कार्य के लिए प्रथम किस्त के रूप में 4 करोड़ 74 लाख 8 हजार रुपये की धनराशि आवंटित भी कर दी गई है। लोगों का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण और निर्माण कार्य से न सिर्फ कई गांवों को सीधा लाभ मिलेगा, बल्कि पडरौना शहर व जिला मुख्यालय तक जाने के लिए बाईपास की सुविधा भी उपलब्ध हो जाएगी। इससे शहर को जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी। इस स्वीकृति को लोग ऐतिहासिक मान रहे हैं। लोगों का कहना है कि बलकुड़िया से सीधे लोग अब पडरौना शहर होते जिला मुख्यालय पहुंच जाएंगे। धन की स्वीकृति के बाद टेंडर की कार्रवाई शुरू होगी। माना जा रहा है कि जल्द काम शुरू हो जाएगा।
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इसी तरह मार्च तक पडरौना-बलकुड़िया मार्ग का चौड़ीकरण का कार्य भी पूरा हो जाएगा। इन दोनों सड़कों का निर्माण पूरा होने के बाद शहर में बेवजह आने वाले भारी वाहन समेत अन्य वाहनों का दबाव कम हो जाएगा।
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जिला मुख्यालय बनने के बाद पडरौना शहर की सड़कों पर वाहनों का दबाव कम करने के लिए शासन ने करीब पांच वर्ष पहले बाईपास निर्माण की मंजूरी दी थी। इसके बाद बाईपास निर्माण को लेकर विभागीय कार्रवाई शुरू कर पीडब्ल्यूडी को कार्यदायी संस्था नामित किया गया। जिला मुख्यालय के सरस्वती चौक से पडरौना के गंडक नहर तक 8.950 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण के लिए हुए विभागीय सर्वे में 12 गांवों के 1256 किसानों की पांच हेक्टेयर से अधिक जमीन दायरे में आई।
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भूमि को अधिग्रहीत कर किसानों को सरकार की तरफ से निर्धारित धनराशि के भुगतान की कार्रवाई कर उन्हें जमीन का मुआवजा देकर उनसे विभाग के पक्ष में रजिस्ट्री भी करा ली गई। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सड़क निर्माण के दायरे में आए कुछ किसान अपनी जमीन के मुआवजा की धनराशि से संतुष्ट नहीं हो रहे थे।
इसके चलते वे कोर्ट गए थे। वहां मामला निस्तारित होने में हुए विलंब के चलते सड़क निर्माण कार्य पूरा करने में देरी हुई। जिन किसानों की जमीन का मुआवजा दे दिया गया था, उनकी जमीन अधिग्रहीत कर वहां निर्माण कार्य पहले ही पूरा करा लिया गया था।
न्यायालय में मामला सुलझाने के बाद पुन: सक्रिय हुआ पीडब्ल्यूडी संबंधित किसानों को भी सड़क की जद में आई जमीन का मुआवजा देकर सड़क निर्माण कार्य तेजी से कराने में जुटा है। सड़क का निर्माण कार्य अंतिम चरण में चल रहा है।
अब सड़क पर बने पुलिया का एप्रोच और बचे निर्माण कार्य की ही शेष हैं। उसे भी पूरा कराने में कार्यदायी संस्था पूरी तत्परता से जुटी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सबकुछ ठीक रहा तो करीब एक से दो माह के भीतर निर्माणाधीन सड़क का निर्माण कार्य पूरा करा लिया जाएगा। इसके बाद लोकार्पण कर लोगों के आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा।
इस तरह विभागीय व्यय वित्त समिति ने पडरौना-बकुलहा-पटेरा मार्ग किमी 0.000 से 6.700 के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य को स्वीकृति दी है। इस परियोजना को आगामी पांच वर्षों तक सड़क के अनुरक्षण का प्रावधान भी शामिल है।
इस परियोजना की स्वीकृत लागत 15 करोड़ 80 लाख 28 हजार रुपये है। सड़क चौड़ीकरण कार्य के लिए प्रथम किस्त के रूप में 4 करोड़ 74 लाख 8 हजार रुपये की धनराशि आवंटित भी कर दी गई है। लोगों का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण और निर्माण कार्य से न सिर्फ कई गांवों को सीधा लाभ मिलेगा, बल्कि पडरौना शहर व जिला मुख्यालय तक जाने के लिए बाईपास की सुविधा भी उपलब्ध हो जाएगी। इससे शहर को जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी। इस स्वीकृति को लोग ऐतिहासिक मान रहे हैं। लोगों का कहना है कि बलकुड़िया से सीधे लोग अब पडरौना शहर होते जिला मुख्यालय पहुंच जाएंगे। धन की स्वीकृति के बाद टेंडर की कार्रवाई शुरू होगी। माना जा रहा है कि जल्द काम शुरू हो जाएगा।