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Kushinagar News: बिजली कटौती से मुसीबत... दो शिफ्ट में हो रही डायलिसिस
Mon, 08 Apr 2024 01:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 08 Apr 2024 01:01 AM IST
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पडरौना। राजकीय मेडिकल कॉलेज को चार फीडरों से जोड़ने के बाद भी बिजली कटौती की समस्या से निजात नहीं मिल पा रही है। कटौती के कारण डायलिसिस कराने आ रहे मरीजों की इन दिनों परेशानी बढ़ गई है। आधे घंटे के अंतराल पर हो रही कटौती से डायलिसिस मशीनें बार-बार रिसेट हो रही हैं, जिसे ठीक करने में लगभग एक घंटे का वक्त लग जा रहा है। यही वजह है कि मेडिकल कॉलेज में तीन शिफ्टों में होने वाली डायलिसिस बिजली कटौती के कारण दो शिफ्टों में ही की जा रही है।
राजकीय मेडिकल कॉलेज को विद्युत उपकेंद्र पडरौना, पांडेय देवरिया, रविंद्रनगर समेत चार फीडरों से जोड़ा गया है ताकि मेडिकल कॉलेज में कहीं से भी विद्युत आपूर्ति प्रभावित न हो। चार फीडरों से जुड़े होने के बाद भी मेडिकल कॉलेज को निर्बाध रूप से बिजली की आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। गर्मी की शुरुआत होने व पछुआ हवाओं के चलने के कारण इन दिनों हर आधे घंटे के अंतराल पर बिजली कटौती हो रही है। बार-बार आपूर्ति बंद होने से डायलिसिस विभाग पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। मौजूदा समय में डायलिसिस विभाग में 20 मशीनों पर एक्टिव 145 मरीजों की डायलिसिस चल रही है। इसमें हर दिन 60 मरीजों की तीन शिफ्टों में डायलिसिस की जाती है। बिजली कटौती के कारण इधर एक सप्ताह से डायलिसिस मशीनें बार-बार रिसेट हो रहीं हैं। इसके चलते मशीनों को ठीक करने में तकरीबन एक घंटे या उससे अधिक का वक्त लग जा रहा है। कटौती के कारण ही तीन शिफ्टों में होने वाली डायलिसिस को दो शिफ्ट में ही किया जा रहा है। डीसीडीसी किडनी केयर के प्रबंधक मो. कैश ने बताया कि बिजली की समस्या से डायलिसिस की मशीनें बार-बार रिसेट हो रहीं हैं। इसे ठीक करने में काफी समय लग जा रहा है। अगर आपूर्ति बेहतर मिले तो तीन शिफ्टों में मरीजों की डायलिसिस करने में कोई परेशानी नहीं है। प्राचार्य डॉ. आरके शाही ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में निजी कंपनी की ओर से डायलिसिस किया जाता है। उन लोगों को खुद जनरेटर रखना चाहिए। बाकी जांच की मशीनें बिजली कटौती के बाद जनरेटर से चलती हैं।
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राजकीय मेडिकल कॉलेज को विद्युत उपकेंद्र पडरौना, पांडेय देवरिया, रविंद्रनगर समेत चार फीडरों से जोड़ा गया है ताकि मेडिकल कॉलेज में कहीं से भी विद्युत आपूर्ति प्रभावित न हो। चार फीडरों से जुड़े होने के बाद भी मेडिकल कॉलेज को निर्बाध रूप से बिजली की आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। गर्मी की शुरुआत होने व पछुआ हवाओं के चलने के कारण इन दिनों हर आधे घंटे के अंतराल पर बिजली कटौती हो रही है। बार-बार आपूर्ति बंद होने से डायलिसिस विभाग पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। मौजूदा समय में डायलिसिस विभाग में 20 मशीनों पर एक्टिव 145 मरीजों की डायलिसिस चल रही है। इसमें हर दिन 60 मरीजों की तीन शिफ्टों में डायलिसिस की जाती है। बिजली कटौती के कारण इधर एक सप्ताह से डायलिसिस मशीनें बार-बार रिसेट हो रहीं हैं। इसके चलते मशीनों को ठीक करने में तकरीबन एक घंटे या उससे अधिक का वक्त लग जा रहा है। कटौती के कारण ही तीन शिफ्टों में होने वाली डायलिसिस को दो शिफ्ट में ही किया जा रहा है। डीसीडीसी किडनी केयर के प्रबंधक मो. कैश ने बताया कि बिजली की समस्या से डायलिसिस की मशीनें बार-बार रिसेट हो रहीं हैं। इसे ठीक करने में काफी समय लग जा रहा है। अगर आपूर्ति बेहतर मिले तो तीन शिफ्टों में मरीजों की डायलिसिस करने में कोई परेशानी नहीं है। प्राचार्य डॉ. आरके शाही ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में निजी कंपनी की ओर से डायलिसिस किया जाता है। उन लोगों को खुद जनरेटर रखना चाहिए। बाकी जांच की मशीनें बिजली कटौती के बाद जनरेटर से चलती हैं।
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