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Kushinagar News: एयरपोर्ट के काम में बाधक आठ मकानों को तोड़ने का आज अंतिम माैका
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कुशीनगर एयरपोर्ट के बाउंड्री के अंदर पड़ी मकान ।संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
कसया/कुशीनगर। अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट कुशीनगर में आईएलएस (इंस्टूमेंट लैंडिंग सिस्टम) के अधूरे कार्यों को पूरा करने का कार्य एयरपोर्ट अथारिटी ने तेज कर दिया है।
वहीं हाईकोर्ट में किसानों की दलील खारिज होने के बाद तहसील प्रशासन ने जद में आने वाले आठ मकानों को तोड़ने के लिए शनिवार को काश्तकारों को घर पहुंचकर नोटिस रिसीव कराया। हालांकि एक दिन पूर्व एसडीएम के नेतृत्व में पहुंची टीम ने चेतावनी दी।
हाईकोर्ट से किसानों का मुकदमा खारिज होने के बाद जिला प्रशासन और एयरपोर्ट अथारिटी अधूरे कार्यों और अतिक्रमण हटवाने में जोर लगा दिया है। जमीन अधिग्रहण के बाद भलुही मदारी पट्टी के किसानों के करीब आठ मकान आईएलएस सिस्टम लगाने में रोड़ा बन रहे थे। किसानों ने हाईकोर्ट से स्टे ले रखा था। तीन दिसंबर वर्ष 2020 में कसया तहसीलदार कोर्ट ने बेदखली का आदेश किया।
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तहसीलदार कोर्ट के खिलाफ जिलाधिकारी न्यायालय में किसानों ने अपील की कि सुनवाई के बाद जिलाधिकारी कोर्ट से 14 दिसंबर 2021 को मुकदमा खारिज हो गया और तहसीलदार कोर्ट का बेदखली का आदेश बरकरार रहा। इसके बाद किसान हाईकोर्ट चले गए।
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कसया/कुशीनगर। अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट कुशीनगर में आईएलएस (इंस्टूमेंट लैंडिंग सिस्टम) के अधूरे कार्यों को पूरा करने का कार्य एयरपोर्ट अथारिटी ने तेज कर दिया है।
वहीं हाईकोर्ट में किसानों की दलील खारिज होने के बाद तहसील प्रशासन ने जद में आने वाले आठ मकानों को तोड़ने के लिए शनिवार को काश्तकारों को घर पहुंचकर नोटिस रिसीव कराया। हालांकि एक दिन पूर्व एसडीएम के नेतृत्व में पहुंची टीम ने चेतावनी दी।
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हाईकोर्ट से किसानों का मुकदमा खारिज होने के बाद जिला प्रशासन और एयरपोर्ट अथारिटी अधूरे कार्यों और अतिक्रमण हटवाने में जोर लगा दिया है। जमीन अधिग्रहण के बाद भलुही मदारी पट्टी के किसानों के करीब आठ मकान आईएलएस सिस्टम लगाने में रोड़ा बन रहे थे। किसानों ने हाईकोर्ट से स्टे ले रखा था। तीन दिसंबर वर्ष 2020 में कसया तहसीलदार कोर्ट ने बेदखली का आदेश किया।
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तहसीलदार कोर्ट के खिलाफ जिलाधिकारी न्यायालय में किसानों ने अपील की कि सुनवाई के बाद जिलाधिकारी कोर्ट से 14 दिसंबर 2021 को मुकदमा खारिज हो गया और तहसीलदार कोर्ट का बेदखली का आदेश बरकरार रहा। इसके बाद किसान हाईकोर्ट चले गए।