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बिजली सप्लाई के लिए तार खींचने पर हंगामा
अमर उजाला/कुशीनगर
Updated Fri, 08 Jan 2016 11:31 PM IST
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पिपरा बाजार। पडरौना कोतवाली के बड़हरा गांव में 11000 वोल्ट सप्लाई के लिए तार खींचने के दौरान शुक्रवार को हंगामा हो गया।
गांव के लोगों ने खतरे का अंदेशा जताकर काम रोकने के लिए हंगामा शुरू कर दिया। विद्युत वितरण केंद्र पडरौना के एसडीओ को घंटों तक लोगों के प्रतिरोध का सामना करना पड़ा।
गांववालों की नाराजगी की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। हालांकि काफी देर तक वार्ता के बाद मामला सुलझा और कार्य शुरू करने पर सहमति बनी। बड़हरा स्थित बीएसएनएल के एक्सचेंज को बिजली विभाग की ओर से अधिक क्षमता के लिए नया ट्रांसफॉर्मर लगाकर आपूर्ति बहाल करनी है।
लगभग दस दिनों से गांव में कई जगहों पर नए पोल लगवाने का कार्य जारी है। इन्हीं पोल पर 11000 वोल्टेज के तार तानने की बिजली विभाग की योजना थी।
गांववाले घनी आबादी वाले स्थानों से हाई वोल्टेज के तार गुजारने का विरोध कर रहे हैं और इसके लिए उन्होंने डीएम से फरियाद भी कर रखी है।
शुक्रवार को कार्य प्रारंभ होते ही गांववालों ने विरोध किया और जिम्मेदारों को कार्य रोकने पर विवश कर दिया। शुक्रवार को पडरौना सब स्टेशन से एसडीओ अरविंद कुमार सिंह बड़हरा गांव में पहुंचे।
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वहां ठेकेदार पहले से मौजूद थे। लोगों का रुख भांपकर एसडीओ ने पुलिस को सूचित कर दिया। गांव के लोगों का कहना है कि चूंकि बिजली के तार गुजरने के रास्ते में कच्चे-पक्के घर और विद्यालय हैं।
ऐसी दशा में भूमिगत तार बिछाए जाएं, अथवा तार की बजाय केबल लगाई जाएं। एसडीओ ने गांव के लोगों से कहा कि आबादी वाले इलाके में तार को जालीदार सुरक्षा प्रदान की जाएगी, लेकिन लोग नहीं माने।
कई लोगों ने यह भी शिकायत की कि मानक के मुताबिक कार्य नहीं किया जा रहा है और शिकायत करने पर ठेकेदार की ओर से केस दर्ज कराने की धमकी दी जाती है।
आबादी वाले क्षेत्र से सुरक्षा के पूरे उपाय किए बिना 11000 वोल्टेज का तार ले जाने का विरोध करने वाले इस्लाउद्दीन ने बताया कि वर्षों पहले उनकी बेटी फरीदा खातून 440 वोल्टेज का करंट लगने से झुलस गई थी।
यहीं के सन्हू गुप्त की पत्नी जोन्हिया भी अरसा पहले करंट की वजह से जख्मी हो गई थीं और जीवन भर की विकलांगता भोगने पर विवश हैं।
कुछ दिनों पूर्व ही इस्लाउद्दीन और 50 से अधिक गांववाले अपने हस्ताक्षरयुक्त पत्र देकर डीएम से समस्या का समाधान करने की प्रार्थना भी कर चुके हैं।
कोतवाली से आए एसएसआई शिव मनोहर यादव, एसआई नीरज शाही और मिश्रौली चौकी प्रभारी मिथिलेश मिश्र की मौजूदगी में गांव के प्रधान के परिवार के अकलीम, हाफिज वशीर, डॉ. सिकंदर, अख्तर, इस्तेखार आदि और बिजली विभाग के एसडीओ एके सिंह में वार्ता शुरू हुई।
लगभग एक घंटे की वार्ता के बाद दिन के लगभग तीन बजे गांव के लोग आबादी से बाहर ट्रांसफॉर्मर स्थापित करने और तार की बजाय केबल लगाए जाने पर सहमत हुए और कार्य शुरू हुआ।
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गांव के लोगों ने खतरे का अंदेशा जताकर काम रोकने के लिए हंगामा शुरू कर दिया। विद्युत वितरण केंद्र पडरौना के एसडीओ को घंटों तक लोगों के प्रतिरोध का सामना करना पड़ा।
गांववालों की नाराजगी की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। हालांकि काफी देर तक वार्ता के बाद मामला सुलझा और कार्य शुरू करने पर सहमति बनी। बड़हरा स्थित बीएसएनएल के एक्सचेंज को बिजली विभाग की ओर से अधिक क्षमता के लिए नया ट्रांसफॉर्मर लगाकर आपूर्ति बहाल करनी है।
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लगभग दस दिनों से गांव में कई जगहों पर नए पोल लगवाने का कार्य जारी है। इन्हीं पोल पर 11000 वोल्टेज के तार तानने की बिजली विभाग की योजना थी।
गांववाले घनी आबादी वाले स्थानों से हाई वोल्टेज के तार गुजारने का विरोध कर रहे हैं और इसके लिए उन्होंने डीएम से फरियाद भी कर रखी है।
शुक्रवार को कार्य प्रारंभ होते ही गांववालों ने विरोध किया और जिम्मेदारों को कार्य रोकने पर विवश कर दिया। शुक्रवार को पडरौना सब स्टेशन से एसडीओ अरविंद कुमार सिंह बड़हरा गांव में पहुंचे।
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वहां ठेकेदार पहले से मौजूद थे। लोगों का रुख भांपकर एसडीओ ने पुलिस को सूचित कर दिया। गांव के लोगों का कहना है कि चूंकि बिजली के तार गुजरने के रास्ते में कच्चे-पक्के घर और विद्यालय हैं।
ऐसी दशा में भूमिगत तार बिछाए जाएं, अथवा तार की बजाय केबल लगाई जाएं। एसडीओ ने गांव के लोगों से कहा कि आबादी वाले इलाके में तार को जालीदार सुरक्षा प्रदान की जाएगी, लेकिन लोग नहीं माने।
कई लोगों ने यह भी शिकायत की कि मानक के मुताबिक कार्य नहीं किया जा रहा है और शिकायत करने पर ठेकेदार की ओर से केस दर्ज कराने की धमकी दी जाती है।
आबादी वाले क्षेत्र से सुरक्षा के पूरे उपाय किए बिना 11000 वोल्टेज का तार ले जाने का विरोध करने वाले इस्लाउद्दीन ने बताया कि वर्षों पहले उनकी बेटी फरीदा खातून 440 वोल्टेज का करंट लगने से झुलस गई थी।
यहीं के सन्हू गुप्त की पत्नी जोन्हिया भी अरसा पहले करंट की वजह से जख्मी हो गई थीं और जीवन भर की विकलांगता भोगने पर विवश हैं।
कुछ दिनों पूर्व ही इस्लाउद्दीन और 50 से अधिक गांववाले अपने हस्ताक्षरयुक्त पत्र देकर डीएम से समस्या का समाधान करने की प्रार्थना भी कर चुके हैं।
कोतवाली से आए एसएसआई शिव मनोहर यादव, एसआई नीरज शाही और मिश्रौली चौकी प्रभारी मिथिलेश मिश्र की मौजूदगी में गांव के प्रधान के परिवार के अकलीम, हाफिज वशीर, डॉ. सिकंदर, अख्तर, इस्तेखार आदि और बिजली विभाग के एसडीओ एके सिंह में वार्ता शुरू हुई।
लगभग एक घंटे की वार्ता के बाद दिन के लगभग तीन बजे गांव के लोग आबादी से बाहर ट्रांसफॉर्मर स्थापित करने और तार की बजाय केबल लगाए जाने पर सहमत हुए और कार्य शुरू हुआ।