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जिला अस्पताल में दूर हुई महिला डॉक्टर की कमी

Sun, 14 Aug 2022 11:24 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 14 Aug 2022 11:24 PM IST
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There is a shortage of female doctor in the district hospital
जिला अस्पताल में दूर हुई महिला डॉक्टर की कमी
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पडरौना। लंबे समय से महिला डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे जिला अस्पताल में तीन गायनोक्लोजिस्ट तैनात हो गई हैं। इससे सामान्य प्रसव कराना आसान होगा। ऑपरेशन वाले केस भी रेफर करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस अस्पताल से डॉ. आभा गुप्ता और डॉ. रीता बर्नवाल के सेवानिवृत्त हो जाने के बाद से प्रसव के लिए गंभीर हालत में आने वाली महिलाओं को रेफर करना पड़ता था।
वैसे तो जिला अस्पताल और एमसीएच विंग को मिलाकर यहां डॉक्टरों के 54 पद स्वीकृत हैं। आवश्यकता के अनुरूप डॉक्टरों की तैनाती न होने के कारण मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सबसे अधिक परेशानी महिला मरीजों को होती थी। खासकर उन्हें, जो प्रसव के लिए आती थीं। पिछले वर्ष गायनोक्लोजिस्ट डॉ. आभा गुप्ता सेवानिवृत्त हो गई थीं। उनके बाद बचीं महिला चिकित्साधिकारी भी लगभग तीन माह पहले सेवानिवृत्त हो गईं। इस वजह से यह अस्पताल महिला चिकित्सकविहीन हो गया था।
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प्रसव के लिए आने वालीं महिलाओं को स्थिति नियंत्रण में न होने पर स्टॉफ नर्स मेडिकल कॉलेज रेफर कर देती थीं। ऐसी दशा में मरीजों को जान जोखिम में डालकर निजी अस्पतालों में अथवा मेडिकल कॉलेज जाना पड़ता था। इसमें उनके समय और धन का अपव्यय होता था।
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अब जिला अस्पताल में डॉ. रक्षारानी चतुर्वेदी, डॉ. स्वाति जायसवाल और डॉ. नीलकमल की तैनाती हो गई है। डॉ. नीलकमल कसया सीएचसी की अधीक्षक हैं। जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ को देखते हुए उन्हें तीन दिन के लिए जिला अस्पताल में तैनात किया गया है।

जिला अस्पताल में प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं को अब परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। यहां डॉ. रक्षारानी चतुर्वेदी, डॉ. स्वाति जायसवाल की तैनाती हुई है तथा तीन दिन के लिए डॉ. नीलकमल को भी तैनात किया गया है। इनके आ जाने से सामान्य प्रसव ही नहीं, ऑपरेशन वाले केस भी रेफर नहीं करने पड़ेंगे।
- डॉ. एसके वर्मा, सीएमएस संयुक्त जिला चिकित्सालय
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