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Kushinagar News: बूढ़ी दादी के कंधे पर चार बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी, पड़ोसियों ने दिया भोजन
Sun, 02 Mar 2025 12:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 02 Mar 2025 12:04 AM IST
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मंसाछापर। आंखों के सामने हंसता खेलता परिवार बर्बाद हो गया। परिवार को एक साथ लेकर चलने वाले अख्तर की हत्या के बाद चारों बच्चे अनाथ हो गए, लेकिन जब तक जिंदा रहूंगी तब तक बच्चों पर मां का साया नहीं पड़ने दूंगी।
बेटा से एक दिन पहले फोन पर बात हुई थी तो उसने रमजान से पहले राेजे पर घर आने की बात कही थी, लेकिन अल्लाह को कुछ और ही मंजूर था। यह कहते-कहते मृतक की मां तवीजन सुबकने लगीं। फिर हिम्मत बांधकर बताया कि खुद का शरीर संभालना मुश्किल हो गया था, अब बच्चों को परवरिश भी करनी पड़ेगी। अमवा जंगल गांव निवासी अख्तर की इसकी पत्नी और देवर के साथ अवैध संबंध का विरोध करने पर बेरहमी से सिर पर वार कर हत्या कर दी। अख्तर के चार छोटे बच्चे हैं जो अनाथ हो गए हैं। घटना के दूसरे दिन भी इसकी चर्चा गांव में रही। दरवाजे पर बूढ़ी दादी तवीजन बच्चों को आंखों में आंसू लिए संभाल रही थी। रूक-रूक कर बच्चों की आंखें आंसुओं से भर जा रही है और अपनों की तलाश रही है। घर पर चूल्हा नहीं जला, पड़ोसियों की मदद से बच्चों का पेट भरा। बच्चों के बारे में पूछने पर बोली कि अब क्या सब कुछ तो बर्बाद हो गया।
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बेटा से एक दिन पहले फोन पर बात हुई थी तो उसने रमजान से पहले राेजे पर घर आने की बात कही थी, लेकिन अल्लाह को कुछ और ही मंजूर था। यह कहते-कहते मृतक की मां तवीजन सुबकने लगीं। फिर हिम्मत बांधकर बताया कि खुद का शरीर संभालना मुश्किल हो गया था, अब बच्चों को परवरिश भी करनी पड़ेगी। अमवा जंगल गांव निवासी अख्तर की इसकी पत्नी और देवर के साथ अवैध संबंध का विरोध करने पर बेरहमी से सिर पर वार कर हत्या कर दी। अख्तर के चार छोटे बच्चे हैं जो अनाथ हो गए हैं। घटना के दूसरे दिन भी इसकी चर्चा गांव में रही। दरवाजे पर बूढ़ी दादी तवीजन बच्चों को आंखों में आंसू लिए संभाल रही थी। रूक-रूक कर बच्चों की आंखें आंसुओं से भर जा रही है और अपनों की तलाश रही है। घर पर चूल्हा नहीं जला, पड़ोसियों की मदद से बच्चों का पेट भरा। बच्चों के बारे में पूछने पर बोली कि अब क्या सब कुछ तो बर्बाद हो गया।
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