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Kushinagar News: भगवान बुद्ध की अंतिम भोजन स्थली बदहाल, टूटी रेलिंग व बिखरे पाथ-वे से बढ़ी परेशानी
Fri, 29 Sep 2023 01:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 29 Sep 2023 01:02 AM IST
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- बुद्ध के अंतिम भोजन स्थली सठियांव में उपेक्षा का शिकार
- इंटरलाॅकिंग पूरी तरह धंस कर पानी में बह गई है
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। बौद्ध-जैन तीर्थस्थली पावानगर (फाजिलनगर) की तस्वीर पर्यटन मानचित्र पर देशी-विदेशी सैलानियों को आकर्षित करने के लिए बदला जा रहा है, लेकिन इसमें हुई कुछ खामियों से पर्यटकों को परेशानी हो रही है। भगवान बुद्ध की अंतिम भोजन स्थली सठियांव स्थित बुद्ध विहार (नौका विहार) और भोजन स्थली तक जाने के खूबसूरत पाथवे, रोशनी बिखेरती एंटीक लाइटें, कतारबद्ध पौधे लगाए गए थे, लेकिन बुद्ध विहार के किनारे की इंटरलाॅकिंग पूरी तरह धंस कर पानी में बह गई है। किनारे पर लगी रेलिंग भी क्षतिग्रस्त हो चुकी है। जिससे यहां आने वाले पर्यटकाें को परेशान होने के साथ उन्हेें हर वक्त अनहोनी की आशंका बनी रहती है।
फाजिलनगर कस्बे से निकलने वाले कूड़े को फाजिलनगर-बघौचघाट मार्ग पर महावीर स्वामी के कृति स्तंभ से अंतिम भोजन स्थली सठियांव जाने वाले रास्ते के बीच स्थित एक निजी विद्यालय के पास गिराया जा रहा है। यहां से थोड़ी दूरी पर नौका विहार भी बनाया गया है। वहां जाने के लिए पर्यटक इसी रास्ते का प्रयोग करते हैं।
सड़क किनारे गिरे कूड़ों से प्रदूषण और गंदगी तो फैल ही रही है बल्कि यहां रहने वाले लोगों को संक्रामक बीमारी का खतरा बना रहता है। तेज धूप के बाद कचरे से निकलने वाले दुर्गंध के चलते पयर्टक, विद्यार्थी, अन्य राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ती है।
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इस संबंध नगर पंचायत अध्यक्ष शत्रुमर्धन प्रताप शाही ने बताया कि कूड़ा निस्तारण के लिए जमीन तलाशी जा रही है। जमीन उपलब्ध होते ही कूड़ा निस्तारण का उचित प्रबंध किया जाएगा।
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- इंटरलाॅकिंग पूरी तरह धंस कर पानी में बह गई है
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। बौद्ध-जैन तीर्थस्थली पावानगर (फाजिलनगर) की तस्वीर पर्यटन मानचित्र पर देशी-विदेशी सैलानियों को आकर्षित करने के लिए बदला जा रहा है, लेकिन इसमें हुई कुछ खामियों से पर्यटकों को परेशानी हो रही है। भगवान बुद्ध की अंतिम भोजन स्थली सठियांव स्थित बुद्ध विहार (नौका विहार) और भोजन स्थली तक जाने के खूबसूरत पाथवे, रोशनी बिखेरती एंटीक लाइटें, कतारबद्ध पौधे लगाए गए थे, लेकिन बुद्ध विहार के किनारे की इंटरलाॅकिंग पूरी तरह धंस कर पानी में बह गई है। किनारे पर लगी रेलिंग भी क्षतिग्रस्त हो चुकी है। जिससे यहां आने वाले पर्यटकाें को परेशान होने के साथ उन्हेें हर वक्त अनहोनी की आशंका बनी रहती है।
फाजिलनगर कस्बे से निकलने वाले कूड़े को फाजिलनगर-बघौचघाट मार्ग पर महावीर स्वामी के कृति स्तंभ से अंतिम भोजन स्थली सठियांव जाने वाले रास्ते के बीच स्थित एक निजी विद्यालय के पास गिराया जा रहा है। यहां से थोड़ी दूरी पर नौका विहार भी बनाया गया है। वहां जाने के लिए पर्यटक इसी रास्ते का प्रयोग करते हैं।
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सड़क किनारे गिरे कूड़ों से प्रदूषण और गंदगी तो फैल ही रही है बल्कि यहां रहने वाले लोगों को संक्रामक बीमारी का खतरा बना रहता है। तेज धूप के बाद कचरे से निकलने वाले दुर्गंध के चलते पयर्टक, विद्यार्थी, अन्य राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ती है।
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इस संबंध नगर पंचायत अध्यक्ष शत्रुमर्धन प्रताप शाही ने बताया कि कूड़ा निस्तारण के लिए जमीन तलाशी जा रही है। जमीन उपलब्ध होते ही कूड़ा निस्तारण का उचित प्रबंध किया जाएगा।