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Kushinagar News: ग्रीन बेल्ट है नहींए पार्क को बना दिया टेंपो स्टैंड
Sat, 08 Apr 2023 01:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 08 Apr 2023 01:04 AM IST
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सुभाष चौक से कसया रोड पर आंबेडकर पार्क को टेंपो स्टैंड बना दिया गया है। संवाद
नगर के मुख्य स्थानों पर नहीं लगे पेड़-पौधे, डिवाइडर भी खाली
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। नगर के भीतर कोई ग्रीन बेल्ट नहीं है। सुभाष चौक से राजदरबार तक सड़कों के किनारे पेड़-पौधे नहीं नजर आते हैं। डिवाइडर भी विरान पड़ी है। पशु अस्पताल के सामने स्थित आंबेडकर पार्क में टेंपो स्टैंड बन गया है तो दूसरे पार्क में छोला-भठूरा की दुकान चलती है। पडरौना नगर पालिका के प्रशासक, एसडीएम महात्मा सिंह ने बताया कि इस संबंध में जानकारी नहीं थी। पत्रावली तलब करके कार्रवाई की जाएगी।
नगर के चौक-चौराहों के किनारे पेड़-पौधे होने से हरियाली नजर आती है। नगर के भीतर प्राकृतिक सुंदरता के लिए ग्रीन बेल्ट बनाया जाता है। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक जगह के मुताबिक एक जगह आरक्षित करके उसके ग्रीन बेल्ट घोषित कर दिया जाता है। इसमें पेड़े-पौधे लगाए जाते हैं। हरियाली बढ़ाने और प्रदूषण रोकने के लिए इसका उपयोग किया जाता है।
ग्रीन बेल्ट की भूमि पर किसी तरह का निर्माण नहीं कराया जा सकता है। इस जगह पर कोई दुकान या प्रतिष्ठान नहीं खोले जा सकते हैं। सुभाष चौक से बावली रोड और दरबार रोड तक सड़क की पटरियों के किनारे ठेले लगते हैं। जबकि नगर के भीतर ठेले और दुकानों का सामान बाहर रखा जाता है।
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नगर की प्रमुख सड़क पर जो डिवाइडर बने हैं, उन पर महापुरुषों की प्रतिमाएं तो लगी हैं, लेकिन पेड़-पौधे लगाने के लिए कोई स्थान नहीं है। नगर पालिका से जुड़े लोगों का कहना है कि नगर के भीतर कोई ग्रीन बेल्ट नहीं बना है। इस संबंध में कार्ययोजना जून माह तक तैैयार किए जाने की संभावना है।
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एक पार्क में चल रही छोला-भठूरा की दुकान
सुभाष चौक से कसया रोड पर पशु अस्पताल के सामने डॉ. आंबेडकर पार्क है। इस पार्क में पेड़-पौधे लगे हुए हैं। यहां पर लोगों के कसरत के लिए उपकरण भी लगाए गए हैैं। दो माह पूर्व इस पार्क को टैक्सी स्टैंड बना दिया गया है। जबकि यहां से कुछ ही दूरी पर गांधी पार्क है, जिसमें छोला भठूरा की दुकान चल रही है। नगर की सड़कों के किनारे हरियाली नहीं नजर आती है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नगर के बाहर खड्डा रोड, कठकुइयां रोड और जटहां रोड पर ग्रीन बेल्ट है।
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कोट
नगर के भीतर कोई ग्रीन बेल्ट नहीं है। इसकी कार्ययोजना के संबंध में कोई पत्रावली नहीं आई है। यदि कोई सुझाव मांगा जाएगा तो इस संबंध में कार्रवाई की जाएगी।
अनिल कुमार श्रीवास्तव, डीएफओ
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कोट
नगर के भीतर ग्रीन बेल्ट नहीं है। इसकी जानकारी नहीं थी। इस संबंध में नगर पालिका से पत्रावली तलब करके कार्रवाई की जाएगी।
महात्मा सिंह, एसडीएम/प्रशासक, नगर पालिका
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संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। नगर के भीतर कोई ग्रीन बेल्ट नहीं है। सुभाष चौक से राजदरबार तक सड़कों के किनारे पेड़-पौधे नहीं नजर आते हैं। डिवाइडर भी विरान पड़ी है। पशु अस्पताल के सामने स्थित आंबेडकर पार्क में टेंपो स्टैंड बन गया है तो दूसरे पार्क में छोला-भठूरा की दुकान चलती है। पडरौना नगर पालिका के प्रशासक, एसडीएम महात्मा सिंह ने बताया कि इस संबंध में जानकारी नहीं थी। पत्रावली तलब करके कार्रवाई की जाएगी।
नगर के चौक-चौराहों के किनारे पेड़-पौधे होने से हरियाली नजर आती है। नगर के भीतर प्राकृतिक सुंदरता के लिए ग्रीन बेल्ट बनाया जाता है। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक जगह के मुताबिक एक जगह आरक्षित करके उसके ग्रीन बेल्ट घोषित कर दिया जाता है। इसमें पेड़े-पौधे लगाए जाते हैं। हरियाली बढ़ाने और प्रदूषण रोकने के लिए इसका उपयोग किया जाता है।
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ग्रीन बेल्ट की भूमि पर किसी तरह का निर्माण नहीं कराया जा सकता है। इस जगह पर कोई दुकान या प्रतिष्ठान नहीं खोले जा सकते हैं। सुभाष चौक से बावली रोड और दरबार रोड तक सड़क की पटरियों के किनारे ठेले लगते हैं। जबकि नगर के भीतर ठेले और दुकानों का सामान बाहर रखा जाता है।
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नगर की प्रमुख सड़क पर जो डिवाइडर बने हैं, उन पर महापुरुषों की प्रतिमाएं तो लगी हैं, लेकिन पेड़-पौधे लगाने के लिए कोई स्थान नहीं है। नगर पालिका से जुड़े लोगों का कहना है कि नगर के भीतर कोई ग्रीन बेल्ट नहीं बना है। इस संबंध में कार्ययोजना जून माह तक तैैयार किए जाने की संभावना है।
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एक पार्क में चल रही छोला-भठूरा की दुकान
सुभाष चौक से कसया रोड पर पशु अस्पताल के सामने डॉ. आंबेडकर पार्क है। इस पार्क में पेड़-पौधे लगे हुए हैं। यहां पर लोगों के कसरत के लिए उपकरण भी लगाए गए हैैं। दो माह पूर्व इस पार्क को टैक्सी स्टैंड बना दिया गया है। जबकि यहां से कुछ ही दूरी पर गांधी पार्क है, जिसमें छोला भठूरा की दुकान चल रही है। नगर की सड़कों के किनारे हरियाली नहीं नजर आती है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नगर के बाहर खड्डा रोड, कठकुइयां रोड और जटहां रोड पर ग्रीन बेल्ट है।
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कोट
नगर के भीतर कोई ग्रीन बेल्ट नहीं है। इसकी कार्ययोजना के संबंध में कोई पत्रावली नहीं आई है। यदि कोई सुझाव मांगा जाएगा तो इस संबंध में कार्रवाई की जाएगी।
अनिल कुमार श्रीवास्तव, डीएफओ
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कोट
नगर के भीतर ग्रीन बेल्ट नहीं है। इसकी जानकारी नहीं थी। इस संबंध में नगर पालिका से पत्रावली तलब करके कार्रवाई की जाएगी।
महात्मा सिंह, एसडीएम/प्रशासक, नगर पालिका