{"_id":"67b772f39a3be1eb470e9bd3","slug":"the-pace-of-construction-of-agricultural-university-will-increase-with-rs-100-crores-kushinagar-news-c-205-1-ksh1001-132507-2025-02-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: 100 करोड़ से कृषि विश्वविद्यालय निर्माण की बढ़ेगी रफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: 100 करोड़ से कृषि विश्वविद्यालय निर्माण की बढ़ेगी रफ्तार
Thu, 20 Feb 2025 11:52 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Thu, 20 Feb 2025 11:52 PM IST
विज्ञापन
कुशीनगर। प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बृहस्पतिवार को सत्र 2025-26 का बजट प्रस्तुत किया। उसमें निर्माणाधीन महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस रकम से अब विश्वविद्यालय के निर्माण में तेजी आएगी। कुछ दिन पहले ही प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने दौरा कर निर्माण की प्रगति जानी थी।
उन्होंने 55 करोड़ रुपये जल्द निर्माण के लिए आवंटन की बात कही थी, जबकि 45 करोड़ रुपये पहले ही आवंटित कर दिया गया था। कृषि विशेषज्ञों व वैज्ञानिकों के मुताबिक विश्वविद्यालय के क्रियाशील होने से कृषि प्रौद्योगिकी, खेती-बारी, नए शोध व कृषि शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। कुशीनगर में बनने वाले महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए पिछले वर्ष 434.60 करोड़ रुपए मंजूर किए गए थे। विवि का निर्माण ईपीसी (इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण) मोड में करवाया जा रहा है। इसके निर्माण पर कुल 750 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस समय उप्र में मेरठ, कानपुर, बांदा और अयोध्या में राज्य सहायतित चार कृषि विवि हैं। इसके अलावा प्रयागराज में एक निजी कृषि विवि है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी कृषि विवि की स्थापना के बाद वहां के किसानों को इसका काफी लाभ मिलेगा और फसलों की गुणवत्ता बढ़ेगी। पिछले वर्ष बजट में इसके लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था। इस वर्ष सरकार ने बजट में 100 करोड़ का प्रावधान किया है। इसके प्रशासनिक भवन, छात्रावास, शोध के लिए प्रयोगशाला व अन्य सुविधाओं पर 750 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। आर्च इन डिजाइन कंपनी ने इसकी डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार कर सरकार को सौंप दी है। डीपीआर के अनुसार विवि का निर्माण दो चरणों में किया जाएगा। पहला चरण का काम 18 माह में पूरा किया जाएगा।
विज्ञापन
उन्होंने 55 करोड़ रुपये जल्द निर्माण के लिए आवंटन की बात कही थी, जबकि 45 करोड़ रुपये पहले ही आवंटित कर दिया गया था। कृषि विशेषज्ञों व वैज्ञानिकों के मुताबिक विश्वविद्यालय के क्रियाशील होने से कृषि प्रौद्योगिकी, खेती-बारी, नए शोध व कृषि शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। कुशीनगर में बनने वाले महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए पिछले वर्ष 434.60 करोड़ रुपए मंजूर किए गए थे। विवि का निर्माण ईपीसी (इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण) मोड में करवाया जा रहा है। इसके निर्माण पर कुल 750 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस समय उप्र में मेरठ, कानपुर, बांदा और अयोध्या में राज्य सहायतित चार कृषि विवि हैं। इसके अलावा प्रयागराज में एक निजी कृषि विवि है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी कृषि विवि की स्थापना के बाद वहां के किसानों को इसका काफी लाभ मिलेगा और फसलों की गुणवत्ता बढ़ेगी। पिछले वर्ष बजट में इसके लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था। इस वर्ष सरकार ने बजट में 100 करोड़ का प्रावधान किया है। इसके प्रशासनिक भवन, छात्रावास, शोध के लिए प्रयोगशाला व अन्य सुविधाओं पर 750 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। आर्च इन डिजाइन कंपनी ने इसकी डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार कर सरकार को सौंप दी है। डीपीआर के अनुसार विवि का निर्माण दो चरणों में किया जाएगा। पहला चरण का काम 18 माह में पूरा किया जाएगा।
विज्ञापन