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Kushinagar News: नारी शक्ति वंदन अधिनियम है महिला सशक्तीकरण के लिए ऐतिहासिक निर्णय
Sat, 18 Apr 2026 02:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 18 Apr 2026 02:18 AM IST
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कलेक्ट्रेट सभागार में प्रेस वार्ता करते स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. संध्या पाठक। स्रोत
- फोटो : Samvad
सिद्धार्थनगर। नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू होने पर स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. संध्या पाठक, असिस्टेंट प्रोफेसर (भूगोल विभाग) डॉ. सीमा मिश्रा व अधिवक्ता पुष्पावती मिश्रा ने कलक्ट्रेट सभागार में प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने लोगों से अपील किया कि इस ऐतिहासिक निर्णय नारी शक्ति वंदन अधिनियम की जानकारी जन-जन तक पहुंचाएं तथा 9667173333 पर मिस्ड कॉल देकर बिल के समर्थन में सहभागिता सुनिश्चित कराएं।
स्त्री व प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. संध्या पाठक ने बताया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आज नारी शक्ति को जो कुछ भी मिल रहा है वो उसका हक था, जो कि रुका हुआ था। देश की लंबी लोकतांत्रिक यात्रा में ये निर्णय ऐतिहासिक है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित होने के साथ ही प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने महिला सशक्तीकरण के एक नए युग में प्रवेश किया। इस ऐतिहासिक निर्णय ने राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की। यह 21वीं सदी का एक सबसे बड़ा निर्णय है। असिस्टेंट प्रोफेसर (भूगोल विभाग) डॉ. सीमा मिश्रा ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के द्वारा महिलाओं को अधिकार एवं महिलाओं की सीधी भागीदारी बढ़ने से नीतियों और फैसलों में उनकी भूमिका और मजबूत होगी, जिससे भारतीय लोकतंत्र को और मजबूती मिलेगी। दशकों का इंतजार अब समाप्त हुआ, कल तक जो अधिकार सपना था आधी आबादी का, अब वह हकीकत बन चुका है। ये कानून हमारे देश की नियति को बदलने वाला कानून है। ये कानून उन करोड़ों महिलाओं के सपने को पंख देगा जो देश की सेवा करना चाहती हैं।
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अधिवक्ता पुष्पावती मिश्रा ने कहा कि वर्ष 2014 से ही केंद्र सरकार व प्रदेश सरकार की ओर से महिला सशक्तीकरण पर अनेक प्रयास किए। समाज में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान की चिंता की।
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स्त्री व प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. संध्या पाठक ने बताया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आज नारी शक्ति को जो कुछ भी मिल रहा है वो उसका हक था, जो कि रुका हुआ था। देश की लंबी लोकतांत्रिक यात्रा में ये निर्णय ऐतिहासिक है।
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नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित होने के साथ ही प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने महिला सशक्तीकरण के एक नए युग में प्रवेश किया। इस ऐतिहासिक निर्णय ने राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की। यह 21वीं सदी का एक सबसे बड़ा निर्णय है। असिस्टेंट प्रोफेसर (भूगोल विभाग) डॉ. सीमा मिश्रा ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के द्वारा महिलाओं को अधिकार एवं महिलाओं की सीधी भागीदारी बढ़ने से नीतियों और फैसलों में उनकी भूमिका और मजबूत होगी, जिससे भारतीय लोकतंत्र को और मजबूती मिलेगी। दशकों का इंतजार अब समाप्त हुआ, कल तक जो अधिकार सपना था आधी आबादी का, अब वह हकीकत बन चुका है। ये कानून हमारे देश की नियति को बदलने वाला कानून है। ये कानून उन करोड़ों महिलाओं के सपने को पंख देगा जो देश की सेवा करना चाहती हैं।
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अधिवक्ता पुष्पावती मिश्रा ने कहा कि वर्ष 2014 से ही केंद्र सरकार व प्रदेश सरकार की ओर से महिला सशक्तीकरण पर अनेक प्रयास किए। समाज में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान की चिंता की।