{"_id":"69431134c099e9059605e0c9","slug":"the-mp-raised-the-issue-of-establishing-gamka-kushinagar-news-c-205-1-ksh1001-150926-2025-12-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: सांसद ने ‘गमका’ की स्थापना का मुद्दा उठाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: सांसद ने ‘गमका’ की स्थापना का मुद्दा उठाया
Thu, 18 Dec 2025 01:53 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Thu, 18 Dec 2025 01:53 AM IST
विज्ञापन
पडरौना। राज्यसभा सांसद आरपीएन सिंह ने बुधवार को सदन में विदेश मंत्रालय से कुशीनगर में गल्फ क्रू मेडिकल एसोसिएशन (गमका) की स्थापना का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि इसकी स्थापना पूर्वांचल व बिहार के श्रमिक कामगारों के लिए वरदान साबित होगी। विदेश जाने के लिए गमका की तरफ से मेडिकल जांच अनिवार्य होता है। पूर्वांचल व पश्चिमी बिहार के लोगों के लिए कुशीनगर केंद्र बिंदु है। यहां अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट व पासपोर्ट कार्यालय भी है। राज्यसभा सांसद ने कहा कि पूर्वांचल व पश्चिम बिहार के कामगार अपने परिवार का भरण पोषण के लिए खाड़ी देशों में जाते है।
उन्होंने बताया कि 2021 से 2024 के बीच केंद्रीय इमिग्रेशन सेंटर से जारी आंकड़ों के मुताबिक अकेले उत्तर प्रदेश की भागीदारी 34 फीसदी है। इसमें यूपी के चार लाख और बिहार के श्रमिकों की संख्या दो लाख है। उन्होंने कहा कि गमका का केंद्र न होने से यूपी व बिहार के लोगों को मेडिकल चेकअप के लिए दिल्ली और मुंबई जाना पड़ता है। इसके लिए इन्हें दो-दो बार जाने रुपये व समय दोनों खर्च होते हैं।
एक गरीब मजदूर पहले ही कर्ज लेकर विदेश जाने का प्रयास कर रहा होता है, ऐसे गरीब मजदूरों पर गैर जरूरी आर्थिक बोझ पड़ता है। उन्होंने कहा कि गमका का केंद्र केवल मेडिकल चेकअप सेंटर ही नहीं होता है बल्कि विश्व स्तरीय हेल्थ सिस्टम को लेकर आता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि 2021 से 2024 के बीच केंद्रीय इमिग्रेशन सेंटर से जारी आंकड़ों के मुताबिक अकेले उत्तर प्रदेश की भागीदारी 34 फीसदी है। इसमें यूपी के चार लाख और बिहार के श्रमिकों की संख्या दो लाख है। उन्होंने कहा कि गमका का केंद्र न होने से यूपी व बिहार के लोगों को मेडिकल चेकअप के लिए दिल्ली और मुंबई जाना पड़ता है। इसके लिए इन्हें दो-दो बार जाने रुपये व समय दोनों खर्च होते हैं।
विज्ञापन
एक गरीब मजदूर पहले ही कर्ज लेकर विदेश जाने का प्रयास कर रहा होता है, ऐसे गरीब मजदूरों पर गैर जरूरी आर्थिक बोझ पड़ता है। उन्होंने कहा कि गमका का केंद्र केवल मेडिकल चेकअप सेंटर ही नहीं होता है बल्कि विश्व स्तरीय हेल्थ सिस्टम को लेकर आता है।
विज्ञापन