{"_id":"67a8f3aa77e54d2eb103591c","slug":"the-matter-reached-the-cmafter-sambhal-the-administration-took-charge-kushinagar-news-c-205-1-deo1003-131827-2025-02-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: सीएम तक पहुंचा मामला...संभल के बाद संभला प्रशासन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: सीएम तक पहुंचा मामला...संभल के बाद संभला प्रशासन
Sun, 09 Feb 2025 11:57 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 09 Feb 2025 11:57 PM IST
विज्ञापन
पडरौना। निर्माण के समय से ही विवादों से घिरे एशिया स्तरीय बनने वाले सबसे बड़े मदनी मस्जिद प्रकरण में अवैध निर्माण के खिलाफ आवाज तो शुरू से ही उठती रही, लेकिन सीएम के पास मामला पहुंचने और संभल में मस्जिद के उपजे विवाद के बाद प्रशासन संभल गया। दिसंबर से शुरू हुई जांच और पैमाइश के दौर के बाद रविवार को अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाया गया।
नगर पालिका के गांधी नगर में मदनी मस्जिद का निर्माण करीब दो दशक से चल रहा है। अभी तक चार मंजिल मस्जिद का निर्माण नगर पालिका कार्यालय के पीछे कराया जा चुका है। जिस समय निर्माण शुरू हुआ। उस समय नगर पालिका की ओर से सिर्फ दो मंजिल निर्माण के लिए नक्शा मस्जिद पक्षकार की ओर से पास कराया गया था। दोनों सीढ़ियों के नीचे भूतल के अलावा चार मंजिल भवन का निर्माण करा लिया गया। सीएम तक इसकी शिकायत पहुंचने के बाद डीएम विशाल भारद्वाज के निर्देश पर जमीनों की पैमाइश कराई गई। पैमाइश के बाद हाटा एसडीएम ने पूरे मामले की जांच कर तीन दिन बाद डीएम को रिपोर्ट सौंपी। जांच में पुष्टि हुई कि सरकारी जमीन के कुछ हिस्से पर मस्जिद का निर्माण हुआ है। संवाद
विज्ञापन
नगर पालिका के गांधी नगर में मदनी मस्जिद का निर्माण करीब दो दशक से चल रहा है। अभी तक चार मंजिल मस्जिद का निर्माण नगर पालिका कार्यालय के पीछे कराया जा चुका है। जिस समय निर्माण शुरू हुआ। उस समय नगर पालिका की ओर से सिर्फ दो मंजिल निर्माण के लिए नक्शा मस्जिद पक्षकार की ओर से पास कराया गया था। दोनों सीढ़ियों के नीचे भूतल के अलावा चार मंजिल भवन का निर्माण करा लिया गया। सीएम तक इसकी शिकायत पहुंचने के बाद डीएम विशाल भारद्वाज के निर्देश पर जमीनों की पैमाइश कराई गई। पैमाइश के बाद हाटा एसडीएम ने पूरे मामले की जांच कर तीन दिन बाद डीएम को रिपोर्ट सौंपी। जांच में पुष्टि हुई कि सरकारी जमीन के कुछ हिस्से पर मस्जिद का निर्माण हुआ है। संवाद
विज्ञापन