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खाकी की आड़ में अवैध धंधा: उड़ीसा से लाया गांजा बेचा, रुपयों का हुआ बटवारा- बचे रकम के लूट की दे दी थी सूचना

Thu, 26 Mar 2026 03:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Thu, 26 Mar 2026 03:04 AM IST
सार

गिरफ्तार आरोपी ने पुलिस से पूछताछ में बताया कि 16 मार्च को सिपाही सूरज गिरी, विनोद गुप्ता, जितेंद्र पाल व नितेश यादव ने 2.5 क्विंटल अवैध गांजा दो लग्जरी वाहनों से उड़ीसा से लेकर आए और गैंग के सरगना पश्चिमी चंपारण के भितहा थाना क्षेत्र के रुपहीटाड निवासी मनोज विंद के माध्यम से पीपीगंज में उसे दिया।

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The Ganja Trade Flourished Under the Cover of Khaki in Kushinagar
गांजा प्रकरण में गिरफ्तार आरोपी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

रामकोला थाना क्षेत्र में उजागर हुआ गांजा तस्करी का मामला सिर्फ आपराधिक वारदात ही नहीं, बल्कि पुलिस और गांजा के धंधेबाजों के गठजोड़ का खुलासा है। कानून के रखवालों के संरक्षण में यह अवैध धंधा फल-फूल रहा था। अब तक मादक पदार्थों की तस्करी रोकने में खाकी की निष्क्रियता को लेकर सवाल उठ रहे थे, वहीं इस धंधे में कुछ पुलिसकर्मियों की संलिप्तता सामने आने से विभाग की छवि धूमिल हुई है।
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सिपाहियों के कार्रवाई की जद में आने से से महकमे में सन्नाटा और बेचैनी महसूस की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे नेटवर्क की जड़ें काफी गहरी हैं। करीब दो साल पहले गांजा और पशु तस्करी में कुछ पुलिसकर्मियों के नाम सामने आए थे, लेकिन विभागीय छवि को बचाने के नाम पर कार्रवाई ठंडे बस्ते में डाल दी गई। 
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वहीं, ढील अब संगठित मादक पदार्थ सिंडिकेट के रूप में सामने आई है, जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि तस्करी की जड़ें उड़ीसा तक फैली हुई हैं।
इस बात की पुष्टि पुलिस की जांच में भी सामने आई है। 

उड़ीसा से गांजा की खेप लाकर संगठित गिरोह के जरिए बिक्री से मोटी रकम बनाई जा रही थी। यह खुलासा 20 मार्च 2026 को विशुनपुरा थाना क्षेत्र के जंगल नौगांवा टोला खैरा निवासी सुंदर लाल निषाद ने पुलिस की पूछताछ में किया।
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पुलिस की पूछताछ उसने बताया कि 16 मार्च को सिपाही सूरज गिरी, विनोद गुप्ता, जितेंद्र पाल व नितेश यादव ने 2.5 क्विंटल अवैध गांजा दो लग्जरी वाहनों से उड़ीसा से लेकर आए और गैंग के सरगना पश्चिमी चंपारण के भितहा थाना क्षेत्र के रुपहीटाड निवासी मनोज विंद के माध्यम से पीपीगंज में उसे दिया।

यह गांजा गुलरिहा थाना क्षेत्र के मंगलपुर गांव निवासी सुरेश यादव उर्फ सुनील यादव सहित कुछ अन्य लोगों को बिक्री के लिए दे दिया। गांजा की बिक्री कर 8,10,000 (आठ लाख दस हजार रुपये) सुरेश को देना था। 16 मार्च 2026 को ही गांजा बेंचकर सिपाही सूरज गिरी, विनोद गुप्ता, जितेंद्र पाल व नितेश यादव को पांच लाख रुपये दे दिए गए।
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शेष 3.10 लाख रुपये सिपाहियों को न देने पड़े, इसके लिए सरगना मनोज विंद व सुरेश यादव उर्फ सुनील के इशारे पर धंधेबाज रणजीत यादव उर्फ राहुल, पंकज, रत्नेश राय, दीपू भारती व धीरज के साथ लूट की साजिश रची गई। 20 मार्च 2026 को गांजा बिक्री की शेष 3.10 लाख रुपये बाइक से लेकर आ रहा था।

इसमें से पांच हजार रुपये पहले ही खर्च कर दिए थे। साजिश के तहत रणजीत यादव उर्फ राहुल, पंकज, रत्नेश राय, दीपू भारती, धीरज के साथ मिलकर रामकोला थाना क्षेत्र के गांव कप्तानगंज-मार्ग स्थित गांव चंदरपुर अहीर टोली के पास लूट की वारदात को अंजाम दिया गया। इसकी डायल 112 लूट की सूचना दी, जबकि रुपये को सबने आपस में बांट लिया था।

सिपाही सूरज गिरी के 14 महीने से संलिप्त होने की बात आई सामने
पुलिस की जांच पड़ताल में सामने आया है कि गैंग के सरगना मनोज विंद का सिपाही सूरज गिरी वर्दी के दम पर सहयोग करते रहे हैं। अपने तीन साथियों के साथ 14 महीने से धंधे में संलिप्त हैं। गांजा बिक्री के बाद मिली रकम बांट लिया करते थे। आरोपी सुंदर लाल निषाद ने पुलिस को पूछताछ में बताया चारों सिपाही 16 मार्च 2026 को दो लग्जरी वाहनों से 2.5 क्विंटल गांजा उड़ीसा से लेकर पीपीगंज आए थे।
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