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Kushinagar News: ड्रॉपआउट बच्चों की निगरानी करेगा विभाग
Sat, 21 Mar 2026 03:24 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 21 Mar 2026 03:24 AM IST
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संतकबीरनगर। नए सत्र से स्कूलों में नामांकन कराने के बाद लंबे समय तक अनुपस्थित रहने वाले छात्रों की निगरानी के लिए बेसिक और माध्यमिक विभाग के अधिकारियों ने योजना बना रखी है। टीमें लगातार ऐसे बच्चों की निगरानी करते हुए अधिकारियों को भी अवगत कराएंगी। इसे विभाग ने ट्रैकिंग व्यवस्था का नाम दिया है।
डीआईओएस हरिशचंद नाथ ने बताया कि कई बार बच्चे स्कूल में प्रवेश तो ले लेते हैं, लेकिन कई कारणों से वह स्कूल पहुंच नहीं पाते हैं। इससे उनकी पढ़ाई बाधित हो जाती है। छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बाधित न हो इसे लेकर इस बार विशेष अभियान चलाकर ऐसे बच्चों को ट्रैक किया जाएगा।
बच्चों का पता चलने पर उनके अभिभावकों से संपर्क साधते हुए उन्हें स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया जाएगा। ट्रैकिंग व्यवस्था से चिह्नित छात्रों के घर शिक्षकों की टीम जाएगी और अभिभावकों से संवाद कर स्कूल छोड़ने के कारणों की जांच करेगी। इसका कारण आर्थिक, सामाजिक या अन्य होगा तो शासन की योजनाओं से सहायता उपलब्ध कराई जाएगी ताकि छात्र फिर से पढ़ाई से जुड़ सकें।
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इतना ही नहीं कोई छात्र नामांकन के बाद विद्यालय आना बंद करता है या लगातार अनुपस्थित रहता है तो इसकी जानकारी मैसेज से प्रधानाध्यापक, ग्राम प्रधान और बीएसए को भी दी जाएगी। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि इससे छात्रों की उपस्थिति बढ़ने के साथ ही ड्रॉप आउट के मामलों में कमी आएगी।
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डीआईओएस हरिशचंद नाथ ने बताया कि कई बार बच्चे स्कूल में प्रवेश तो ले लेते हैं, लेकिन कई कारणों से वह स्कूल पहुंच नहीं पाते हैं। इससे उनकी पढ़ाई बाधित हो जाती है। छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बाधित न हो इसे लेकर इस बार विशेष अभियान चलाकर ऐसे बच्चों को ट्रैक किया जाएगा।
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बच्चों का पता चलने पर उनके अभिभावकों से संपर्क साधते हुए उन्हें स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया जाएगा। ट्रैकिंग व्यवस्था से चिह्नित छात्रों के घर शिक्षकों की टीम जाएगी और अभिभावकों से संवाद कर स्कूल छोड़ने के कारणों की जांच करेगी। इसका कारण आर्थिक, सामाजिक या अन्य होगा तो शासन की योजनाओं से सहायता उपलब्ध कराई जाएगी ताकि छात्र फिर से पढ़ाई से जुड़ सकें।
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इतना ही नहीं कोई छात्र नामांकन के बाद विद्यालय आना बंद करता है या लगातार अनुपस्थित रहता है तो इसकी जानकारी मैसेज से प्रधानाध्यापक, ग्राम प्रधान और बीएसए को भी दी जाएगी। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि इससे छात्रों की उपस्थिति बढ़ने के साथ ही ड्रॉप आउट के मामलों में कमी आएगी।