{"_id":"629fa3d07040504c357f9fbd","slug":"the-danger-of-erosion-from-the-bansi-river-started-looming-on-the-golaghat-jogni-link-road-kushinagar-news-gkp4395719183","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोलाघाट-जोगनी संपर्क मार्ग पर मंडराने लगा बांसी नदी से कटान का खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोलाघाट-जोगनी संपर्क मार्ग पर मंडराने लगा बांसी नदी से कटान का खतरा
विज्ञापन
जोगनी मार्ग पर बाँसी नदी की कटान को देखते लोग।संवाद।
- फोटो : KUSHINAGAR
गोलाघाट-जोगनी संपर्क मार्ग पर मंडराने लगा बांसी नदी से कटान का खतरा
मुख्य पश्चिमी गंडक नहर से बांसी नदी में पानी छोड़ा गया
-गांव के लोग चिंतित, संपर्क मार्ग से नदी की दूरी सिर्फ 15 से 20 मीटर
तमकुहीरोड(कुशीनगर)। क्षेत्र के गोलाघाट-जोगनी संपर्क मार्ग पर बांसी नदी के कटान का अभी से खतरा मंडराने लगा है। नदी इस संपर्क मार्ग से सिर्फ 15 से 20 मीटर की दूरी से प्रवाहित हो रही है। यह स्थिति मुख्य पश्चिमी गंडक नहर से बांसी नदी में पानी छोड़े जाने से हुई है। नदी का कटान बढ़ने पर प्रभावित होने वाले गांव के लोगों का कहना था कि समय से पहले कटान का प्रशासन की तरफ से मुकम्मल बंदोबस्त नहीं किया गया तो जलस्तर बढ़ने पर भयावह हालात हो जाएंगे। जिससे दुश्ववारियां झेलनी पड़ेंगी व संपर्क मार्ग भी कटान की जद में आ जाएगा।
बांसी नदी में पानी लगातार बढ़ने से मौजूदा समय में सेवरही ब्लॉक के गोलाघाट से जोगनी जाने वाली संपर्क मार्ग पर कटान का खतरा लगातार बढ़ने लगा है। इस मार्ग से राजपुर बगहा, टिकुलिया, राजपुर खास, जोगनी, इमिलिया टोला, प्रभुनाथ चौराहा, बुटन टोला, नौका टोला, मोतीराय टोला समेत अन्य गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। इन गांवों में सैकड़ों परिवारों के आने-जाने का मुख्य रास्ता यही संपर्क मार्ग है।
मंगलवार को ग्राम प्रधान रामाजी निषाद, सरल शर्मा, गौरीशंकर, पन्नालाल यादव, सुरजन सिंह, सुदामा यादव, हरिचरण, विवेक यादव ने नदी पर पहुंचकर हो रहे कटान को देखा और उसका दायरा बढ़ने पर चिंता जताई। उनका आरोप है कि अभी यह स्थिति सिर्फ नहर से पानी छोड़े जाने के बाद है। जब बारिश होगी व लाखों क्यूसेक पानी डिस्चार्ज होगा तो हालात और भयावह होंगे। उनका कहना है कि अगर समय रहते बंदोबस्त कर लिया गया तो मुसबीत टाली जा सकती है, लेकिन न होने पर मुसीबत झेलनी पड़ेगी। उधर, पूर्व प्रधान कमल निषाद,आदित्य यादव, ध्रुव निषाद, आमोद दुबे, उदयलाल वर्मा, विश्वनाथ चौधरी, रामदेव निषाद ने भी संपर्क मार्ग को सुरक्षित बचाने के लिए प्रशासन से गुहार लगाई है।
विज्ञापन
0000000
विज्ञापन
मुख्य पश्चिमी गंडक नहर से बांसी नदी में पानी छोड़ा गया
-गांव के लोग चिंतित, संपर्क मार्ग से नदी की दूरी सिर्फ 15 से 20 मीटर
तमकुहीरोड(कुशीनगर)। क्षेत्र के गोलाघाट-जोगनी संपर्क मार्ग पर बांसी नदी के कटान का अभी से खतरा मंडराने लगा है। नदी इस संपर्क मार्ग से सिर्फ 15 से 20 मीटर की दूरी से प्रवाहित हो रही है। यह स्थिति मुख्य पश्चिमी गंडक नहर से बांसी नदी में पानी छोड़े जाने से हुई है। नदी का कटान बढ़ने पर प्रभावित होने वाले गांव के लोगों का कहना था कि समय से पहले कटान का प्रशासन की तरफ से मुकम्मल बंदोबस्त नहीं किया गया तो जलस्तर बढ़ने पर भयावह हालात हो जाएंगे। जिससे दुश्ववारियां झेलनी पड़ेंगी व संपर्क मार्ग भी कटान की जद में आ जाएगा।
बांसी नदी में पानी लगातार बढ़ने से मौजूदा समय में सेवरही ब्लॉक के गोलाघाट से जोगनी जाने वाली संपर्क मार्ग पर कटान का खतरा लगातार बढ़ने लगा है। इस मार्ग से राजपुर बगहा, टिकुलिया, राजपुर खास, जोगनी, इमिलिया टोला, प्रभुनाथ चौराहा, बुटन टोला, नौका टोला, मोतीराय टोला समेत अन्य गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। इन गांवों में सैकड़ों परिवारों के आने-जाने का मुख्य रास्ता यही संपर्क मार्ग है।
विज्ञापन
मंगलवार को ग्राम प्रधान रामाजी निषाद, सरल शर्मा, गौरीशंकर, पन्नालाल यादव, सुरजन सिंह, सुदामा यादव, हरिचरण, विवेक यादव ने नदी पर पहुंचकर हो रहे कटान को देखा और उसका दायरा बढ़ने पर चिंता जताई। उनका आरोप है कि अभी यह स्थिति सिर्फ नहर से पानी छोड़े जाने के बाद है। जब बारिश होगी व लाखों क्यूसेक पानी डिस्चार्ज होगा तो हालात और भयावह होंगे। उनका कहना है कि अगर समय रहते बंदोबस्त कर लिया गया तो मुसबीत टाली जा सकती है, लेकिन न होने पर मुसीबत झेलनी पड़ेगी। उधर, पूर्व प्रधान कमल निषाद,आदित्य यादव, ध्रुव निषाद, आमोद दुबे, उदयलाल वर्मा, विश्वनाथ चौधरी, रामदेव निषाद ने भी संपर्क मार्ग को सुरक्षित बचाने के लिए प्रशासन से गुहार लगाई है।
विज्ञापन
0000000