{"_id":"699621e24466e7345f0a145b","slug":"the-construction-of-tfc-has-gained-momentumtourists-from-india-and-abroad-will-be-able-to-avail-the-benefits-from-april-kushinagar-news-c-205-1-ksh1049-154974-2026-02-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: टीएफसी के निर्माण में आई तेजी...अप्रैल से देश-विदेश के पर्यटक उठा सकेंगे लाभ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: टीएफसी के निर्माण में आई तेजी...अप्रैल से देश-विदेश के पर्यटक उठा सकेंगे लाभ
Thu, 19 Feb 2026 02:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Thu, 19 Feb 2026 02:02 AM IST
विज्ञापन
टूरीस्ट की खबर में परिचर्चा-भंते बोध्यांग गौतम।संवाद
पडरौना। बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली में आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों व सैलानियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। पर्यटन विभाग आठ करोड़ पांच लाख रुपये से थाई मंदिर के सामने टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर (टीएफसी) तैयार कर रहा है। पर्यटन विभाग का दावा है कि 70-75 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है। बचे निर्माण कार्य को अप्रैल तक तक पूरा करने के लिए तेजी से काम कराया जा रहा है। काम की गुणवत्ता व मानक की लगातार निगरानी की जा रही है। इसके बन जाने से यहां आने वाले विभिन्न देशों के बौद्ध तीर्थ यात्रियों व पर्यटकों को उच्चस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी।
पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराए जाने के लिए पर्यटन विभाग कुशीनगर में करीब पांच एकड़ जमीन पर टीएफसी का निर्माण कार्य करा रहा है। इसके बनने से देश-विदेश के आने वाले पर्यटकों को तमाम तरह की सुविधाएं मिलेंगी।अब तक कुशीनगर पर्यटन स्थल पर ऐसी सुविधा नहीं है। इसके बनने से आने वाले पर्यटकों को एक छत के नीचे डिजिटल सूचना डेस्क, वातानुकूलित विश्राम कक्ष, आधुनिक कैंटीन, सुंदर पार्क,पहुंचने का पाथवे सहित तमाम सुविधाएं मिलेंगी। इसके शुरू होने से बुद्ध सर्किट की यात्रा में आने वाले बौद्ध धर्मावलंबियों को एक स्थान पर ठहरने, खाने और पर्यटन संबंधी सटीक जानकारी भी मिलेगी।
0
टीएफसी का निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता के साथ तेजी से कराया जा रहा है। जनवरी 2026 तक इसे पूर्ण करने की अवधि तय थी, बारिश के मौसम व जलभराव के चलते कुछ काम की रफ्तार धीमी रही,लेकिन अब कार्यदायी संस्था की ओर से अधूरे पड़े कार्यों को तेजी के साथ पूरा किया जा रहा है, पूरी उम्मीद है कि मार्च के अंतिम व अप्रैल के पहले सप्ताह तक पूरा हो जाएगा। -डाॅ. प्राण रंजन, पर्यटन सूचना अधिकारी, कुशीनगर
विज्ञापन
0
भूतल और प्रथम तल बनकर तैयार
वर्तमान में टीएफसी भवन का भूतल और प्रथम तल बनकर तैयार हो गया। चारों तरफ चहारदीवारी निर्माण कार्य भी पूरा कर लिया गया है। बने भवन के दीवारों का प्लास्टर व सफाई का कार्य हो लगभग पूरा हो चुका है। फर्श, फिनिशिंग सहित मिट्टी भराव व बचे हुए कार्यों को तेजी से पूरा कराया जा रहा है। कार्यदायी संस्था यूपी प्रोजेक्ट्स प्राइवेट कारपोरेशन लि. गोरखपुर इकाई इसे मार्च 2026 तक हर हाल में पूरा कर लेने का दावा कर रही है। हालांकि इसे जनवरी 2026 तक ही पूरा करने की अवधि तय की गई थी, जिसे निर्माण स्थल पर जलभराव होने के चलते काम की रफ्तार सुस्त होने का तथ्य सामने आने पर इसकी अवधि बढ़ा दी गई है।
0
दो करोड़ रुपये के लिए भेजा गया पत्र
कुशीनगर में टीएफसी बनाने के लिए 8.05 करोड़ रुपये स्वीकृत हैं। निर्माण कार्य 23 सितंबर 2024 से आरंभ हुआ था। इसे 30 जनवरी 2026 तक पूरा करना था। लेकिन अब तक सिर्फ शासन से छह करोड़ रुपये की अवमुक्त हुए हैं। अब भी दो करोड़ रुपये अवमुक्त होने हैं। कार्यदायी संस्था के सहायक परियोजना निदेशक नीरज पांडेय ने बताया कि टीएफसी का काम तेजी से कराया जा रहा है, लेकिन रकम की जरूरत है। इसके लिए विभाग को पत्र भेजा गया है। जल्द ही धन अवमुक्त होने की संभावना है।
0
बौद्ध भिक्षु बोले
कुशीनगर में प्रत्येक वर्ष लाखों की तादाद में देश-विदेश के बौद्ध तीर्थ यात्री व सैलानियों का दल पहुंचता है, लेकिन उनके ठहरने, बैठने व अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस कोई स्थल पर्यटन विभाग की तरफ से नहीं है। वास्तव में टीएफसी से पर्यटकों को मिलने वाली सुविधाओं में विस्तार होगा। -भंते अशोक, कुशीनगर
00000
बौद्ध तीर्थ स्थलों में कुशीनगर का अलग महत्व है। बुद्ध ने उपदेश भी दिया था कि हर बौद्ध धर्मावलंबी को अपने जीवन काल में एक बार जरूर चार तीर्थ स्थलों का भ्रमण कर लेना चाहिए। उनमें महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर भी शामिल है। यहां टीएफसी का निर्माण कराया जाना पर्यटन को बढ़ाएगा। -भंते बोध्यांग गौतम, कुशीनगर
विज्ञापन
पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराए जाने के लिए पर्यटन विभाग कुशीनगर में करीब पांच एकड़ जमीन पर टीएफसी का निर्माण कार्य करा रहा है। इसके बनने से देश-विदेश के आने वाले पर्यटकों को तमाम तरह की सुविधाएं मिलेंगी।अब तक कुशीनगर पर्यटन स्थल पर ऐसी सुविधा नहीं है। इसके बनने से आने वाले पर्यटकों को एक छत के नीचे डिजिटल सूचना डेस्क, वातानुकूलित विश्राम कक्ष, आधुनिक कैंटीन, सुंदर पार्क,पहुंचने का पाथवे सहित तमाम सुविधाएं मिलेंगी। इसके शुरू होने से बुद्ध सर्किट की यात्रा में आने वाले बौद्ध धर्मावलंबियों को एक स्थान पर ठहरने, खाने और पर्यटन संबंधी सटीक जानकारी भी मिलेगी।
विज्ञापन
0
टीएफसी का निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता के साथ तेजी से कराया जा रहा है। जनवरी 2026 तक इसे पूर्ण करने की अवधि तय थी, बारिश के मौसम व जलभराव के चलते कुछ काम की रफ्तार धीमी रही,लेकिन अब कार्यदायी संस्था की ओर से अधूरे पड़े कार्यों को तेजी के साथ पूरा किया जा रहा है, पूरी उम्मीद है कि मार्च के अंतिम व अप्रैल के पहले सप्ताह तक पूरा हो जाएगा। -डाॅ. प्राण रंजन, पर्यटन सूचना अधिकारी, कुशीनगर
विज्ञापन
0
भूतल और प्रथम तल बनकर तैयार
वर्तमान में टीएफसी भवन का भूतल और प्रथम तल बनकर तैयार हो गया। चारों तरफ चहारदीवारी निर्माण कार्य भी पूरा कर लिया गया है। बने भवन के दीवारों का प्लास्टर व सफाई का कार्य हो लगभग पूरा हो चुका है। फर्श, फिनिशिंग सहित मिट्टी भराव व बचे हुए कार्यों को तेजी से पूरा कराया जा रहा है। कार्यदायी संस्था यूपी प्रोजेक्ट्स प्राइवेट कारपोरेशन लि. गोरखपुर इकाई इसे मार्च 2026 तक हर हाल में पूरा कर लेने का दावा कर रही है। हालांकि इसे जनवरी 2026 तक ही पूरा करने की अवधि तय की गई थी, जिसे निर्माण स्थल पर जलभराव होने के चलते काम की रफ्तार सुस्त होने का तथ्य सामने आने पर इसकी अवधि बढ़ा दी गई है।
0
दो करोड़ रुपये के लिए भेजा गया पत्र
कुशीनगर में टीएफसी बनाने के लिए 8.05 करोड़ रुपये स्वीकृत हैं। निर्माण कार्य 23 सितंबर 2024 से आरंभ हुआ था। इसे 30 जनवरी 2026 तक पूरा करना था। लेकिन अब तक सिर्फ शासन से छह करोड़ रुपये की अवमुक्त हुए हैं। अब भी दो करोड़ रुपये अवमुक्त होने हैं। कार्यदायी संस्था के सहायक परियोजना निदेशक नीरज पांडेय ने बताया कि टीएफसी का काम तेजी से कराया जा रहा है, लेकिन रकम की जरूरत है। इसके लिए विभाग को पत्र भेजा गया है। जल्द ही धन अवमुक्त होने की संभावना है।
0
बौद्ध भिक्षु बोले
कुशीनगर में प्रत्येक वर्ष लाखों की तादाद में देश-विदेश के बौद्ध तीर्थ यात्री व सैलानियों का दल पहुंचता है, लेकिन उनके ठहरने, बैठने व अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस कोई स्थल पर्यटन विभाग की तरफ से नहीं है। वास्तव में टीएफसी से पर्यटकों को मिलने वाली सुविधाओं में विस्तार होगा। -भंते अशोक, कुशीनगर
00000
बौद्ध तीर्थ स्थलों में कुशीनगर का अलग महत्व है। बुद्ध ने उपदेश भी दिया था कि हर बौद्ध धर्मावलंबी को अपने जीवन काल में एक बार जरूर चार तीर्थ स्थलों का भ्रमण कर लेना चाहिए। उनमें महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर भी शामिल है। यहां टीएफसी का निर्माण कराया जाना पर्यटन को बढ़ाएगा। -भंते बोध्यांग गौतम, कुशीनगर

टूरीस्ट की खबर में परिचर्चा-भंते बोध्यांग गौतम।संवाद

टूरीस्ट की खबर में परिचर्चा-भंते बोध्यांग गौतम।संवाद