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Kushinagar News: हवा हुई खराब, फिजा में छाई धुंध की चादर
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- शहर के 50 हजार से अधिक लोग हो रहे प्रभावित
- दिवाली तक छाई रहेगी धुंध की चादर, तापमान में भी रहेगा उतार-चढ़ाव
पडरौना। कुछ दिनों से शहर की हवा बिगड़ गई। यह सेहत को भी प्रभावित कर रही है। सोमवार को शहर व आसपास के ग्रामीण इलाके में धुंध की चादर छाई रही। वहीं एक्यूआई 250 दर्ज की गई। हवा में उड़ रहे धूल के कणों ने लोगों की दिक्कतों को और बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों की माने तो दिवाली तक इसी तरह का मौसम बना रहेगा। पूरे दिन धुंध रहेगी। वहीं तापमान में भी उतार-चढ़ाव बना रहेगा। इससे शहर की करीब 50 हजार से अधिक लोग प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
सोमवार को पडरौना की एक्यूआई 250 दर्ज की गई। इसके कारण सुबह धूप निकलने के बाद भी काफी देर तक बदली छाई रही। सुभाष चौक के पास स्थित गंडक नहर और उसके आस-पास के इलाके में धुंध की परत बनी रही। सुबह करीब 11 बजे तक दोनों तरफ करीब सौ मीटर के बाद धुंध दिखा। पडरौना शहर की कुल आबादी एक लाख से अधिक है। करीब 50 हजार लोग इस प्रदूषण से सीधे प्रभावित है।
नमी, धूल व धुएं ने बढ़ाई मुसीबत
आपदा विशेषज्ञ रवि कुमार राय ने बताया कि नमी बढ़ने और धूल-धुएं के कारण यह स्थिति बनी है। उन्होंने बताया कि ठंड के मौसम में तापमान गिरने से नमी बढ़ जाती है। हवा में प्रदूषण फैलाने वाले कारकों का प्रसार बेहद धीमा हो जाता है। उनका घनत्व बढ़ जाता है। वायुमंडल की ऊपरी सतह में नहीं जा पाने के कारण हवा प्रदूषित हो जाती है। निर्माण कार्य और सड़कों पर उड़ रही धूल इसके मुख्य वजह हैं। इसके अलावा वाहनाें के धुआं, आग जलाने, साफ-सफाई सहित अन्य लापरवाहियों से भी प्रदूषण बढ़ रहा है।
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नवंबर व दिसंबर में बना रहता है ऐसा मौसम
मौसम विशेषज्ञों की मानें तो नवंबर और दिसंबर महीने में ऐसी स्थिति बनी रहती है। वातावरण में नमी होने की वजह से प्रदूषण फैलाने वाले कारकों का आकार बढ़ जा रहा है। इससे बादलों में एक परत बन जा रहा, जिससे दृश्यता कम हो जा रही है। गंडक नहर या तालाबों के ऊपर खाली जगह है। यहां पर पानी से भी वाष्प उठता है। इस कारण नमी (आर्द्रता) शहर के अन्य हिस्सों की अपेक्षा ज्यादा हो जाती है। इससे धुंध की स्थिति है।
अगले कई दिनों तक रहेगी धुंध की चादर
आपदा विशेषज्ञ रवि कुमार राय ने बताया कि एयर क्वालिटी जांच के लिए कोई उपकरण जिले में नहीं है। उच्चाधिकारियों की तरफ से बढ़ते प्रदूषण की मॉनिटरिंग के निर्देश मिलते हैं। निर्णय गोरखपुर व लखनऊ जैसे शहरों में बढ़ रहे धुंध की वजह से लिया गया है। गूगल के जरिए आने वाले कुछ दिनों के एक्यूआई की जांच की गई। इससे लग रहा है कुछ दिनों तक प्रदूषण के कारण धुंध की चादर छाई रहेगी। इसकी निगरानी की जा रही है।
मॉर्निंग वॉक से करें परहेज
सोमवार को आसमान में धुंध से बादली छाई रही। पहले तो लगा कि मौसम का बिगड़ रहा है। लेकिन धूल और धुएं से उठे प्रदूषण की वजह से यह बदलाव नजर आया। विशेषज्ञों का कहना प्रदूषण की अधिकता से इस तरह की स्थिति बनी है। प्रदूषण वायुमंडल के निचले स्तर पर है। इससे सुबह टहलने में लाभ की जगह सेहत को नुकसान हो सकता है।
शहर की एक्यूआई 250 तक पहुंची
मौसम में बदलाव की वजह से शहर की हवा लगातार खराब होती जा रही है। बीते एक अक्तूबर से पांच अक्तूबर तक जिले की एक्यूआई संतोषजनक थी, जबकि बीते सितंबर माह में 17 दिन जिले की हवा ठीक रही। सोमवार को जिले की एक्यूआई 250 पर पहुंच गया। इसे खराब स्तर का माना जाता है। प्रदूषित हवा से हृदय व दमा जैसे रोग से पीड़ितों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
एक्यूआई का यह रहेगा स्तर
06 नवंबर 2023
250
07 नवंबर 2023
258
08 नवंबर 2023
247
09 नवंबर 2023
224
10 नवंबर 2023
200
11 नवंबर 2023
166
12 नवंबर 2023
194
नोट- स्रोत गूगल से ली गई जानकारी।
मौसम के तापमान में भी हो रहे उतार चढ़ाव
तिथि ...................... अधिकतम ........... न्यूनतम
02 नवंबर 2023.......... 32.3 ................ 17.8
03 नवंबर 2023.......... 32.9 ................ 18
04 नवंबर 2023.......... 31.2 ................ 17.3
05 नवंबर 2023.......... 30.2 ................ 17.2
06 नवंबर 2023.......... 30.6 ................ 17.20
07 नवंबर 2023.......... 31 ................ 16
08 नवंबर 2023.......... 31 .................. 16
09 नवंबर 2023.......... 31 ................ 17
10 नवंबर 2023.......... 31 ................ 17
11 नवंबर 2023.......... 31 ................ 16
12 नवंबर 2023.......... 31 ................ 16
स्रोत-कृषि विज्ञान केंद्र सरगटिया, कुशीनगर
वायु प्रदूषण से सांस और फेफड़े के रोगियों को सबसे अधिक प्रभावित करता है। धुल या धुआं के पास रहने वाले लोगों के फेफड़े में इन्फेक्शन भी होता है। ऐसे में घर से बाहर निकलते समय लोगों को मास्क जरूरी लगाना चाहिए। ऐसे मौसम में लोगों को टहलने से बचना चाहिए। बेहतर स्वास्थ्य के घर पर ही व्यायाम कर लें।
- डॉ. विकास गुप्ता, चेस्ट रोग विशेषज्ञ
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- दिवाली तक छाई रहेगी धुंध की चादर, तापमान में भी रहेगा उतार-चढ़ाव
पडरौना। कुछ दिनों से शहर की हवा बिगड़ गई। यह सेहत को भी प्रभावित कर रही है। सोमवार को शहर व आसपास के ग्रामीण इलाके में धुंध की चादर छाई रही। वहीं एक्यूआई 250 दर्ज की गई। हवा में उड़ रहे धूल के कणों ने लोगों की दिक्कतों को और बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों की माने तो दिवाली तक इसी तरह का मौसम बना रहेगा। पूरे दिन धुंध रहेगी। वहीं तापमान में भी उतार-चढ़ाव बना रहेगा। इससे शहर की करीब 50 हजार से अधिक लोग प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
सोमवार को पडरौना की एक्यूआई 250 दर्ज की गई। इसके कारण सुबह धूप निकलने के बाद भी काफी देर तक बदली छाई रही। सुभाष चौक के पास स्थित गंडक नहर और उसके आस-पास के इलाके में धुंध की परत बनी रही। सुबह करीब 11 बजे तक दोनों तरफ करीब सौ मीटर के बाद धुंध दिखा। पडरौना शहर की कुल आबादी एक लाख से अधिक है। करीब 50 हजार लोग इस प्रदूषण से सीधे प्रभावित है।
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नमी, धूल व धुएं ने बढ़ाई मुसीबत
आपदा विशेषज्ञ रवि कुमार राय ने बताया कि नमी बढ़ने और धूल-धुएं के कारण यह स्थिति बनी है। उन्होंने बताया कि ठंड के मौसम में तापमान गिरने से नमी बढ़ जाती है। हवा में प्रदूषण फैलाने वाले कारकों का प्रसार बेहद धीमा हो जाता है। उनका घनत्व बढ़ जाता है। वायुमंडल की ऊपरी सतह में नहीं जा पाने के कारण हवा प्रदूषित हो जाती है। निर्माण कार्य और सड़कों पर उड़ रही धूल इसके मुख्य वजह हैं। इसके अलावा वाहनाें के धुआं, आग जलाने, साफ-सफाई सहित अन्य लापरवाहियों से भी प्रदूषण बढ़ रहा है।
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नवंबर व दिसंबर में बना रहता है ऐसा मौसम
मौसम विशेषज्ञों की मानें तो नवंबर और दिसंबर महीने में ऐसी स्थिति बनी रहती है। वातावरण में नमी होने की वजह से प्रदूषण फैलाने वाले कारकों का आकार बढ़ जा रहा है। इससे बादलों में एक परत बन जा रहा, जिससे दृश्यता कम हो जा रही है। गंडक नहर या तालाबों के ऊपर खाली जगह है। यहां पर पानी से भी वाष्प उठता है। इस कारण नमी (आर्द्रता) शहर के अन्य हिस्सों की अपेक्षा ज्यादा हो जाती है। इससे धुंध की स्थिति है।
अगले कई दिनों तक रहेगी धुंध की चादर
आपदा विशेषज्ञ रवि कुमार राय ने बताया कि एयर क्वालिटी जांच के लिए कोई उपकरण जिले में नहीं है। उच्चाधिकारियों की तरफ से बढ़ते प्रदूषण की मॉनिटरिंग के निर्देश मिलते हैं। निर्णय गोरखपुर व लखनऊ जैसे शहरों में बढ़ रहे धुंध की वजह से लिया गया है। गूगल के जरिए आने वाले कुछ दिनों के एक्यूआई की जांच की गई। इससे लग रहा है कुछ दिनों तक प्रदूषण के कारण धुंध की चादर छाई रहेगी। इसकी निगरानी की जा रही है।
मॉर्निंग वॉक से करें परहेज
सोमवार को आसमान में धुंध से बादली छाई रही। पहले तो लगा कि मौसम का बिगड़ रहा है। लेकिन धूल और धुएं से उठे प्रदूषण की वजह से यह बदलाव नजर आया। विशेषज्ञों का कहना प्रदूषण की अधिकता से इस तरह की स्थिति बनी है। प्रदूषण वायुमंडल के निचले स्तर पर है। इससे सुबह टहलने में लाभ की जगह सेहत को नुकसान हो सकता है।
शहर की एक्यूआई 250 तक पहुंची
मौसम में बदलाव की वजह से शहर की हवा लगातार खराब होती जा रही है। बीते एक अक्तूबर से पांच अक्तूबर तक जिले की एक्यूआई संतोषजनक थी, जबकि बीते सितंबर माह में 17 दिन जिले की हवा ठीक रही। सोमवार को जिले की एक्यूआई 250 पर पहुंच गया। इसे खराब स्तर का माना जाता है। प्रदूषित हवा से हृदय व दमा जैसे रोग से पीड़ितों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
एक्यूआई का यह रहेगा स्तर
06 नवंबर 2023
250
07 नवंबर 2023
258
08 नवंबर 2023
247
09 नवंबर 2023
224
10 नवंबर 2023
200
11 नवंबर 2023
166
12 नवंबर 2023
194
नोट- स्रोत गूगल से ली गई जानकारी।
मौसम के तापमान में भी हो रहे उतार चढ़ाव
तिथि ...................... अधिकतम ........... न्यूनतम
02 नवंबर 2023.......... 32.3 ................ 17.8
03 नवंबर 2023.......... 32.9 ................ 18
04 नवंबर 2023.......... 31.2 ................ 17.3
05 नवंबर 2023.......... 30.2 ................ 17.2
06 नवंबर 2023.......... 30.6 ................ 17.20
07 नवंबर 2023.......... 31 ................ 16
08 नवंबर 2023.......... 31 .................. 16
09 नवंबर 2023.......... 31 ................ 17
10 नवंबर 2023.......... 31 ................ 17
11 नवंबर 2023.......... 31 ................ 16
12 नवंबर 2023.......... 31 ................ 16
स्रोत-कृषि विज्ञान केंद्र सरगटिया, कुशीनगर
वायु प्रदूषण से सांस और फेफड़े के रोगियों को सबसे अधिक प्रभावित करता है। धुल या धुआं के पास रहने वाले लोगों के फेफड़े में इन्फेक्शन भी होता है। ऐसे में घर से बाहर निकलते समय लोगों को मास्क जरूरी लगाना चाहिए। ऐसे मौसम में लोगों को टहलने से बचना चाहिए। बेहतर स्वास्थ्य के घर पर ही व्यायाम कर लें।
- डॉ. विकास गुप्ता, चेस्ट रोग विशेषज्ञ