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Kushinagar News: नियमितीकरण के लिए कलक्ट्रेट में गरजे टीईटी उत्तीर्ण शिक्षामित्र
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समान काम समान वेतन या स्थाई नियुक्ति की मांग लेकर कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते टेट पास शिक्षा मित
पडरौना। 26 वर्ष से सेवा देने के बाद भी नियमित शिक्षक का दर्जा नहीं मिलने से नाराज टीईटी और सीटीईटी उत्तीर्ण शिक्षामित्र शनिवार को कलक्ट्रेट पहुंचे। टेट उत्तीर्ण शिक्षामित्र उत्थान समिति के बैनर तले शिक्षामित्रों ने बुद्धा पार्क में बैठक कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। डीएम कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को संबोधित तीन सूत्री ज्ञापन सौंपा।
जिलाध्यक्ष मनोज द्विवेदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में शिक्षामित्रों की नियुक्ति एक ही शासनादेश के तहत हुई थी। उत्तराखंड में शिक्षामित्रों को नियमित कर दिया गया लेकिन उत्तर प्रदेश में 26 वर्ष बाद भी उन्हें नियमित शिक्षक का दर्जा नहीं मिला। उन्होंने सरकार से टीईटी उत्तीर्ण शिक्षामित्रों के हित में तत्काल निर्णय लेने की मांग की। वरिष्ठ उपाध्यक्ष गोविंद यादव ने कहा कि शिक्षामित्र राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की ओर से सहायक अध्यापक पद के लिए निर्धारित अनिवार्य अर्हताएं पूरी करते हैं। इसके बावजूद नियमित शिक्षक का दर्जा और वेतनमान नहीं मिलना समान कार्य और अवसर के सिद्धांत के विपरीत है। इसके बाद संगठन की तरफ से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन देकर शिक्षामित्रों ने टीईटी/सीटीईटी उत्तीर्ण शिक्षामित्रों को नियमित करने, आगामी शिक्षक भर्ती में पूर्व की तरह उम्र में छूट देने, मध्यप्रदेश की तर्ज पर आगामी भर्तियों में 50 प्रतिशत आरक्षण देने और गैर-टीईटी शिक्षामित्रों को विभागीय टीईटी में शामिल होने का अवसर देने की मांग की।
इस दौरान पूनम मिश्रा, राजकुमार पांडेय, गोविंद यादव, अंजू मधूप, सत्येंद्र पांडेय, वर्षा कौर, सीमा श्रीवास्तव, जितेंद्र शर्मा, रमेश यादव, भरत यादव, सत्येंद्र दूबे, अमित मिश्र, धनेश्वर पांडेय, उमेश गोड़, हेमलता त्रिपाठी, सुनील सिंह, मनोज पांडेय, मनोज मिश्रा, नर्मदा सिंह, कुसुम गुप्ता, पवन सिंह, जनार्दन प्रसाद, हरेंद्र शर्मा और गणेश प्रसाद आदि मौजूद रहे।
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जिलाध्यक्ष मनोज द्विवेदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में शिक्षामित्रों की नियुक्ति एक ही शासनादेश के तहत हुई थी। उत्तराखंड में शिक्षामित्रों को नियमित कर दिया गया लेकिन उत्तर प्रदेश में 26 वर्ष बाद भी उन्हें नियमित शिक्षक का दर्जा नहीं मिला। उन्होंने सरकार से टीईटी उत्तीर्ण शिक्षामित्रों के हित में तत्काल निर्णय लेने की मांग की। वरिष्ठ उपाध्यक्ष गोविंद यादव ने कहा कि शिक्षामित्र राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की ओर से सहायक अध्यापक पद के लिए निर्धारित अनिवार्य अर्हताएं पूरी करते हैं। इसके बावजूद नियमित शिक्षक का दर्जा और वेतनमान नहीं मिलना समान कार्य और अवसर के सिद्धांत के विपरीत है। इसके बाद संगठन की तरफ से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन देकर शिक्षामित्रों ने टीईटी/सीटीईटी उत्तीर्ण शिक्षामित्रों को नियमित करने, आगामी शिक्षक भर्ती में पूर्व की तरह उम्र में छूट देने, मध्यप्रदेश की तर्ज पर आगामी भर्तियों में 50 प्रतिशत आरक्षण देने और गैर-टीईटी शिक्षामित्रों को विभागीय टीईटी में शामिल होने का अवसर देने की मांग की।
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इस दौरान पूनम मिश्रा, राजकुमार पांडेय, गोविंद यादव, अंजू मधूप, सत्येंद्र पांडेय, वर्षा कौर, सीमा श्रीवास्तव, जितेंद्र शर्मा, रमेश यादव, भरत यादव, सत्येंद्र दूबे, अमित मिश्र, धनेश्वर पांडेय, उमेश गोड़, हेमलता त्रिपाठी, सुनील सिंह, मनोज पांडेय, मनोज मिश्रा, नर्मदा सिंह, कुसुम गुप्ता, पवन सिंह, जनार्दन प्रसाद, हरेंद्र शर्मा और गणेश प्रसाद आदि मौजूद रहे।
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