{"_id":"68aa0c8ff8acd04f5b038967","slug":"terror-of-dogs-even-leaving-the-house-is-difficult-kushinagar-news-c-205-1-deo1003-143937-2025-08-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: कुत्तों का आतंक...घर से निकलना भी मुश्किल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: कुत्तों का आतंक...घर से निकलना भी मुश्किल
विज्ञापन
कसया नगर में सड़क पर बैठे आवारा कुत्तें। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
कुशीनगर। जिले के तमकुही, कसया, मथौली, पडरौना आदि जगहों पर कुत्तों ने कुछ समय में ऐसा आतंक मचाया है कि न केवल उनके हमलों से मौत हुई बल्कि अब कुत्तों की दहशत से बच्चे और बूढ़े खौफ में हैं।
हाटा के एक गांव में कुछ दिन पूर्व मानसिक रूप से बीमार महिला को कुत्तों ने नोचकर मार डाला, वहीं कसया में एक मासूम पर कुत्तों ने हमला कर दिया। इससे उसकी नींद में कुत्तों का आतंक ही छाया रहा। वह रात में अचानक उठकर चीखने लगता है।
कई दिनों से आवारा कुत्तों पर छिड़ी बहस को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अपना रुख साफ कर दिया है। कुत्तों को पकड़कर नसबंदी और खूंखार कुत्तों को पकड़ने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन शहर में देखा जाए तो हालात इससे इतर हैं। नगर पालिका के पास अभी तक न तो कुत्तों को पकड़ने की कोई योजना है, न ही उनकी नसबंदी करने की व्यवस्था।
विज्ञापन
हालांकि कुत्तों को रखने के लिए डॉग सेंटर बनाने के लिए स्थान की तलाश में की जा रही है। नगर पालिकाओं में कुत्तों के शेल्टर होम बनाने के लिए कुछ जगहें चिह्नित की गई हैं।
हाटा क्षेत्र में एक महिला को कुत्तों ने मार डाला। जिले के कुत्तों के आतंक से पूरा जिला खौफजदा है।नगर पालिकाओं के वार्डों में गलियों के बीच बच्चों को परिजन खेलने से परहेज कर रहे हैं, तो बुजुर्ग भी लाठी लेकर चल रहे हैं। गांव में भी यही हाल है। आवारा कुत्तों का आतंक गांव की गलियों से निकलकर नगर पंचायत और पालिकाओं तक पहुंच चुका है।
जानकारों के अनुसार जिले में 50 हजार से अधिक आवारा कुत्ते हैं। इनका सबसे अधिक आतंक तमकुही राज, मथौली, पडरौना, कसया, हाटा में है। शहर की तमाम कॉलोनियों में शाम होते ही आवारा कुत्ते आतंक मचाने लगते हैं। इन पर लगाम लगाने में नगर पालिका नाकाम है। कुत्तों को पकड़कर नसबंदी और खूंखार कुत्तों को पकड़ने के निर्देश दिए गए हैं। कुत्तों के लिए शेल्टर होम बनाने के लिए आगे आए विधायकों की पहल पर कई नगर पालिकाओं में जमीन खोजी जा चुकी है। कुछ में तलाश की जा रही है।
मांस की दुकानों पर खूंखार हो रहे कुत्ते ः जिले में कुत्तों का हमला दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। पूर्व में हुई घटनाओं को लेकर भी जिम्मेदार नहीं चेत रहे हैं। रास्ता चलते लोगों पर कुत्ते हमला कर दे रहे हैं। बाइक और कार सवार को भी निशाना बना रहे हैं।
शहर में सड़क के किनारे खुली मांस की दुकानों के आसपास मंडराने वाले कुत्तों का अधिक हिंसक होना बताया जा रहा है। चार माह में सात हजार से अधिक लोगों पर कुत्ते हमला कर चुके हैं। यह स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े बता रहे हैं।
सीएचसी में इस महीने लगे हैं 1148 टीके ः नगर स्थित सीएचसी में 20 मई से 21 जून तक 863, 21 जून से 20 जुलाई 1263 और 21 जुलाई से 22 अगस्त तक 11480 टीके लगाए गए हैं। शनिवार को ललिता देवी निवासी भरौली, माया देवी निवासी धुरिया सहित अन्य लोगों को बंदर काटने का टीका लगा है।
विज्ञापन
कुशीनगर। जिले के तमकुही, कसया, मथौली, पडरौना आदि जगहों पर कुत्तों ने कुछ समय में ऐसा आतंक मचाया है कि न केवल उनके हमलों से मौत हुई बल्कि अब कुत्तों की दहशत से बच्चे और बूढ़े खौफ में हैं।
हाटा के एक गांव में कुछ दिन पूर्व मानसिक रूप से बीमार महिला को कुत्तों ने नोचकर मार डाला, वहीं कसया में एक मासूम पर कुत्तों ने हमला कर दिया। इससे उसकी नींद में कुत्तों का आतंक ही छाया रहा। वह रात में अचानक उठकर चीखने लगता है।
विज्ञापन
कई दिनों से आवारा कुत्तों पर छिड़ी बहस को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अपना रुख साफ कर दिया है। कुत्तों को पकड़कर नसबंदी और खूंखार कुत्तों को पकड़ने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन शहर में देखा जाए तो हालात इससे इतर हैं। नगर पालिका के पास अभी तक न तो कुत्तों को पकड़ने की कोई योजना है, न ही उनकी नसबंदी करने की व्यवस्था।
विज्ञापन
हालांकि कुत्तों को रखने के लिए डॉग सेंटर बनाने के लिए स्थान की तलाश में की जा रही है। नगर पालिकाओं में कुत्तों के शेल्टर होम बनाने के लिए कुछ जगहें चिह्नित की गई हैं।
हाटा क्षेत्र में एक महिला को कुत्तों ने मार डाला। जिले के कुत्तों के आतंक से पूरा जिला खौफजदा है।नगर पालिकाओं के वार्डों में गलियों के बीच बच्चों को परिजन खेलने से परहेज कर रहे हैं, तो बुजुर्ग भी लाठी लेकर चल रहे हैं। गांव में भी यही हाल है। आवारा कुत्तों का आतंक गांव की गलियों से निकलकर नगर पंचायत और पालिकाओं तक पहुंच चुका है।
जानकारों के अनुसार जिले में 50 हजार से अधिक आवारा कुत्ते हैं। इनका सबसे अधिक आतंक तमकुही राज, मथौली, पडरौना, कसया, हाटा में है। शहर की तमाम कॉलोनियों में शाम होते ही आवारा कुत्ते आतंक मचाने लगते हैं। इन पर लगाम लगाने में नगर पालिका नाकाम है। कुत्तों को पकड़कर नसबंदी और खूंखार कुत्तों को पकड़ने के निर्देश दिए गए हैं। कुत्तों के लिए शेल्टर होम बनाने के लिए आगे आए विधायकों की पहल पर कई नगर पालिकाओं में जमीन खोजी जा चुकी है। कुछ में तलाश की जा रही है।
मांस की दुकानों पर खूंखार हो रहे कुत्ते ः जिले में कुत्तों का हमला दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। पूर्व में हुई घटनाओं को लेकर भी जिम्मेदार नहीं चेत रहे हैं। रास्ता चलते लोगों पर कुत्ते हमला कर दे रहे हैं। बाइक और कार सवार को भी निशाना बना रहे हैं।
शहर में सड़क के किनारे खुली मांस की दुकानों के आसपास मंडराने वाले कुत्तों का अधिक हिंसक होना बताया जा रहा है। चार माह में सात हजार से अधिक लोगों पर कुत्ते हमला कर चुके हैं। यह स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े बता रहे हैं।
सीएचसी में इस महीने लगे हैं 1148 टीके ः नगर स्थित सीएचसी में 20 मई से 21 जून तक 863, 21 जून से 20 जुलाई 1263 और 21 जुलाई से 22 अगस्त तक 11480 टीके लगाए गए हैं। शनिवार को ललिता देवी निवासी भरौली, माया देवी निवासी धुरिया सहित अन्य लोगों को बंदर काटने का टीका लगा है।