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बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लिए दस मोटर बोट की मांग
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बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लिए दस मोटरबोट की मांग
पडरौना। खड्डा क्षेत्र के बाढ़ से प्रभावित होने वाले इलाकों में बरसात के दिनों में बेहतर आवागमन की सुविधा के लिए भैंसहा घाट पर पक्का पुल के अलावा दा मोटर बोट की मांग खड्डा विधायक ने डीएम से की थी। इस पर डीएम ने मोटर बोट के लिए राहत आयुक्त को पत्र भेजा है। इसके अलावा पक्का पुल के लिए सेतु निगम गोरखपुर को आगणन रिपोर्ट बनाने का निर्देश दिया है।
खड्डा विधायक जटाशंकर त्रिपाठी ने डीएम को पत्र लिखकर गंडक नदी के दूसरी तरफ बसे गांवों में बरसात के दिनों में आवागमन की सुविधा के लिए दस मोटर बोट की व्यवस्था कराने, पनियहवा में बाढ़ आधारित शोध केंद्र की स्थापना करने एवं गंडक नदी के भैसहा घाट पर पक्का पुल बनवाने की मांग की थी।
विधायक ने जनहित का हवाला देते हुए तीनों कार्यों को जरूरी बताया है। विधायक के पत्र का हवाला देते हुए डीएम एस राजलिंगम ने सचिव एवं राहत आयुक्त उत्तर प्रदेश को पत्र लिखकर बाढ़ प्रभावित इलाके के लिए दस मोटर बोट की व्यवस्था कराने का अनुरोध किया है। डीएम ने पत्र में लिखा है कि गंडक नदी का स्लोप अधिक होने के चलते बरसात के दिनों में नदी का बहाव अत्यंत तीव्र होता है। उस वक्त मानव चालित नाव से यात्रा खतरनाक है। बाढ़ से घिरे लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने में भी दिक्कत आती है। इसे देखते हुए 100 व्यक्तियों की क्षमता वाले दो मोटर बोट, 50 व्यक्तियों की क्षमता वाले चार तथा 20 व्यक्तियों की क्षमता वाले चार फाइवर मोटर बोट का प्रबंध हो जाए तो लोगों के सामान्य आवागमन के साथ-साथ चुनाव के वक्त मतपेटियों को नदी के दूसरी तरफ बसे गांवों तक ले जाना आसान होगा। जरूरत पड़ने पर इसका उपयोग बाढ़ से हर साल प्रभावित होने वाले खड्डा व तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के गांवों में हो सकता है। इसके अलावा भैंसहा घाट पर पक्का पुल का आगणन तैयार कर रिपोर्ट देने का निर्देश डीएम ने सेतु निगम के अफसरों को दिया है।
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विधायक जटाशंकर त्रिपाठी ने बताया कि उनकी मांग पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए डीएम ने मोटरबोट के लिए राहत आयुक्त को पत्र भेज दिया है, जिसकी एक कॉपी उन्हें भी मिली है। इसके अलावा भैंसहा घाट पर पक्का पुल के लिए भी प्रयास शुरू किया गया है।
पिछले साल लगा था पीपा पुल
गंडक नदी के भैंसहा घाट पर पिछले साल ही पीपा पुल लगा था। पिछले साल मार्च में उप मुख्यमंत्री व लोक निर्माण मंत्री केशव मौर्या ने पीपा पुल का उदघाटन किया था। बरसात में पुल हटा दिया गया था। अब पुन: पीपा पुल से आवागमन हो रहा है। विधायक ने पीपा पुल की जगह पक्का पुल बनवाने के लिए मुहिम शुरू की है। अगर यहां पक्का पुल को मंजूरी मिलती है तो रेता क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांवों को सीधा लाभ मिलेगा।
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पडरौना। खड्डा क्षेत्र के बाढ़ से प्रभावित होने वाले इलाकों में बरसात के दिनों में बेहतर आवागमन की सुविधा के लिए भैंसहा घाट पर पक्का पुल के अलावा दा मोटर बोट की मांग खड्डा विधायक ने डीएम से की थी। इस पर डीएम ने मोटर बोट के लिए राहत आयुक्त को पत्र भेजा है। इसके अलावा पक्का पुल के लिए सेतु निगम गोरखपुर को आगणन रिपोर्ट बनाने का निर्देश दिया है।
खड्डा विधायक जटाशंकर त्रिपाठी ने डीएम को पत्र लिखकर गंडक नदी के दूसरी तरफ बसे गांवों में बरसात के दिनों में आवागमन की सुविधा के लिए दस मोटर बोट की व्यवस्था कराने, पनियहवा में बाढ़ आधारित शोध केंद्र की स्थापना करने एवं गंडक नदी के भैसहा घाट पर पक्का पुल बनवाने की मांग की थी।
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विधायक ने जनहित का हवाला देते हुए तीनों कार्यों को जरूरी बताया है। विधायक के पत्र का हवाला देते हुए डीएम एस राजलिंगम ने सचिव एवं राहत आयुक्त उत्तर प्रदेश को पत्र लिखकर बाढ़ प्रभावित इलाके के लिए दस मोटर बोट की व्यवस्था कराने का अनुरोध किया है। डीएम ने पत्र में लिखा है कि गंडक नदी का स्लोप अधिक होने के चलते बरसात के दिनों में नदी का बहाव अत्यंत तीव्र होता है। उस वक्त मानव चालित नाव से यात्रा खतरनाक है। बाढ़ से घिरे लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने में भी दिक्कत आती है। इसे देखते हुए 100 व्यक्तियों की क्षमता वाले दो मोटर बोट, 50 व्यक्तियों की क्षमता वाले चार तथा 20 व्यक्तियों की क्षमता वाले चार फाइवर मोटर बोट का प्रबंध हो जाए तो लोगों के सामान्य आवागमन के साथ-साथ चुनाव के वक्त मतपेटियों को नदी के दूसरी तरफ बसे गांवों तक ले जाना आसान होगा। जरूरत पड़ने पर इसका उपयोग बाढ़ से हर साल प्रभावित होने वाले खड्डा व तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के गांवों में हो सकता है। इसके अलावा भैंसहा घाट पर पक्का पुल का आगणन तैयार कर रिपोर्ट देने का निर्देश डीएम ने सेतु निगम के अफसरों को दिया है।
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विधायक जटाशंकर त्रिपाठी ने बताया कि उनकी मांग पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए डीएम ने मोटरबोट के लिए राहत आयुक्त को पत्र भेज दिया है, जिसकी एक कॉपी उन्हें भी मिली है। इसके अलावा भैंसहा घाट पर पक्का पुल के लिए भी प्रयास शुरू किया गया है।
पिछले साल लगा था पीपा पुल
गंडक नदी के भैंसहा घाट पर पिछले साल ही पीपा पुल लगा था। पिछले साल मार्च में उप मुख्यमंत्री व लोक निर्माण मंत्री केशव मौर्या ने पीपा पुल का उदघाटन किया था। बरसात में पुल हटा दिया गया था। अब पुन: पीपा पुल से आवागमन हो रहा है। विधायक ने पीपा पुल की जगह पक्का पुल बनवाने के लिए मुहिम शुरू की है। अगर यहां पक्का पुल को मंजूरी मिलती है तो रेता क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांवों को सीधा लाभ मिलेगा।