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Kushinagar News: स्कूलों में उपस्थिति बढ़ाने के लिए बच्चों के घर जाएंगे शिक्षक
Thu, 03 Oct 2024 04:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Thu, 03 Oct 2024 04:00 AM IST
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पडरौना। परिषदीय स्कूलों में पंजीकरण के सापेक्ष छात्र-छात्राओं की कम उपस्थिति को लेकर सख्ती बरती जा रही है। शासन ने उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। शिक्षकों को डोर-टू-डोर अभियान चलाकर अभिभावकों से बात कर बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करना होगा।
जिले में 2464 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें करीब तीन लाख से बच्चे पंजीकृत हैं। नए शैक्षिक सत्र से पूर्व बच्चों का अधिक से अधिक पंजीकरण कराने पर विभाग का फोकस रहा। बच्चों की संख्या में इजाफा भी हुआ, लेकिन अब बच्चे स्कूल नहीं आ रहे हैं। विद्यालय में शत-प्रतिशत उपस्थिति के लिए विभाग की तरफ से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विद्यालय के निरीक्षण के दौरान शिक्षा विभाग के अधिकारी विद्यालय में नामांकन के सापेक्ष छात्रों को उपस्थिति बढ़ाने के लिए दबाव बनाए हैं। इसके बाद भी कई ऐसे स्कूल हैं, जहां 70 प्रतिशत से भी कम बच्चे उपस्थित हो रहे हैं। कई स्कूलों में मात्र 40 से 50 प्रतिशत बच्चे ही स्कूल पहुंच रहे हैं। शासन ने इसका संज्ञान लिया है। शिक्षकों को डोर-टू-डोर अभियान चलाकर विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
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सभी बीईओ समेत प्रधानाध्यापक, प्रभारी प्रधानाध्यापक, शिक्षकों को निर्देशित किया जा चुका है। वह छात्र-छात्राओं की संख्या को बढ़ाने के लिए घर-घर पहुंचकर अभिभावकों से बातचीत करते हुए बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करें। - डॉ. रामजियावन मौर्या, बीएसए।
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जिले में 2464 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें करीब तीन लाख से बच्चे पंजीकृत हैं। नए शैक्षिक सत्र से पूर्व बच्चों का अधिक से अधिक पंजीकरण कराने पर विभाग का फोकस रहा। बच्चों की संख्या में इजाफा भी हुआ, लेकिन अब बच्चे स्कूल नहीं आ रहे हैं। विद्यालय में शत-प्रतिशत उपस्थिति के लिए विभाग की तरफ से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विद्यालय के निरीक्षण के दौरान शिक्षा विभाग के अधिकारी विद्यालय में नामांकन के सापेक्ष छात्रों को उपस्थिति बढ़ाने के लिए दबाव बनाए हैं। इसके बाद भी कई ऐसे स्कूल हैं, जहां 70 प्रतिशत से भी कम बच्चे उपस्थित हो रहे हैं। कई स्कूलों में मात्र 40 से 50 प्रतिशत बच्चे ही स्कूल पहुंच रहे हैं। शासन ने इसका संज्ञान लिया है। शिक्षकों को डोर-टू-डोर अभियान चलाकर विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
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सभी बीईओ समेत प्रधानाध्यापक, प्रभारी प्रधानाध्यापक, शिक्षकों को निर्देशित किया जा चुका है। वह छात्र-छात्राओं की संख्या को बढ़ाने के लिए घर-घर पहुंचकर अभिभावकों से बातचीत करते हुए बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करें। - डॉ. रामजियावन मौर्या, बीएसए।
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