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Kushinagar News: दिवाली पर घरों को रोशन करेंगी स्वदेशी झालर
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संवाद न्यूज एजेंसी
कसया। दिवाली पर घरों को रोशन करने के लिए लोगों की पसंद स्वदेशी झालर बन गई है। बाजारों में इसकी मांग बढ़ गई है। बाजारों में इसके अलावा घरेलू सामानों की बिक्री बढ़ गई है। कारोबारियों को पिछले साल की तुलना में इस बार 30 प्रतिशत ज्यादा कारोबार होने की उम्मीद है।
कारोबारियों के मुताबिक दिवाली से पहले लोग अपने घरों को सजाने-संवारने में लगे है। रंग रोगन का काम लगभग पूरा हो चुका है। बाजार में ज्यादातर लोग लाइट यलो, पिंक, गोल्डेन कलर के अलावा डार्क कलर की मांग रही। मजदूरों को रंगाई पुताई का कार्य मिलने से उनके घरों में दीपोत्सव धूमधाम से मनेगा। पेंट कारोबारी राजू के मुताबिक पेंट का कारोबार बेहतर जा रहा है। नई डिजायन के ब्रश की मांग ज्यादा है, क्योंकि फर वाले ब्रश के सूखने के बाद दोबारा साफ करना मुश्किल होता है।
स्वदेशी झालर में वैरायटी कम पर मांग ज्यादा
इलेक्ट्रानिक बाजार के कारोबारी ओम प्रकाश ने बताया कि बाजार में अब चीनी सामानों की मांग कम हो रही है। इस साल ज्यादा माल जयपुर , दिल्ली और कोलकाता से मंगाया गया है। पानी से जलने वाले दीए की मांग सर्वाधिक है। लाइटिंग वाली लक्ष्मी-गणेश व अन्य देवी देवताओं की मूर्तियां, सतरंगी एलइडी लाईट और स्वदेशी झालरें बिक रहीं है। इनकी मांग ज्यादा पर वैराइटी कम है।
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पांच मीटर झालर की कीमत 60 रुपये से शुरु
बाजार में मौजूद चाईनीज झालर की पांच मीटर की लडी 30 रुपये से शुरु होकर सौ रुपये तक है इसकी करीब दो दर्जन से अधिक डिजाइन है। पर इनकी कोई गारंटी नहीं है। न ही मरम्मत हो सकती है। स्वदेशी झालरों की कीमत 60 रुपये से शुरु होकर दाे सौ रुपये तक है। इनकी मरम्मत भी हो सकती है।
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कसया। दिवाली पर घरों को रोशन करने के लिए लोगों की पसंद स्वदेशी झालर बन गई है। बाजारों में इसकी मांग बढ़ गई है। बाजारों में इसके अलावा घरेलू सामानों की बिक्री बढ़ गई है। कारोबारियों को पिछले साल की तुलना में इस बार 30 प्रतिशत ज्यादा कारोबार होने की उम्मीद है।
कारोबारियों के मुताबिक दिवाली से पहले लोग अपने घरों को सजाने-संवारने में लगे है। रंग रोगन का काम लगभग पूरा हो चुका है। बाजार में ज्यादातर लोग लाइट यलो, पिंक, गोल्डेन कलर के अलावा डार्क कलर की मांग रही। मजदूरों को रंगाई पुताई का कार्य मिलने से उनके घरों में दीपोत्सव धूमधाम से मनेगा। पेंट कारोबारी राजू के मुताबिक पेंट का कारोबार बेहतर जा रहा है। नई डिजायन के ब्रश की मांग ज्यादा है, क्योंकि फर वाले ब्रश के सूखने के बाद दोबारा साफ करना मुश्किल होता है।
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स्वदेशी झालर में वैरायटी कम पर मांग ज्यादा
इलेक्ट्रानिक बाजार के कारोबारी ओम प्रकाश ने बताया कि बाजार में अब चीनी सामानों की मांग कम हो रही है। इस साल ज्यादा माल जयपुर , दिल्ली और कोलकाता से मंगाया गया है। पानी से जलने वाले दीए की मांग सर्वाधिक है। लाइटिंग वाली लक्ष्मी-गणेश व अन्य देवी देवताओं की मूर्तियां, सतरंगी एलइडी लाईट और स्वदेशी झालरें बिक रहीं है। इनकी मांग ज्यादा पर वैराइटी कम है।
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पांच मीटर झालर की कीमत 60 रुपये से शुरु
बाजार में मौजूद चाईनीज झालर की पांच मीटर की लडी 30 रुपये से शुरु होकर सौ रुपये तक है इसकी करीब दो दर्जन से अधिक डिजाइन है। पर इनकी कोई गारंटी नहीं है। न ही मरम्मत हो सकती है। स्वदेशी झालरों की कीमत 60 रुपये से शुरु होकर दाे सौ रुपये तक है। इनकी मरम्मत भी हो सकती है।