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Kushinagar News: चारों तरफ पानी, घर सामने पर पहुंचने का रास्ता नहीं
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कुशीनगर। चारों तरफ पानी है। सामने घर दिखाई दे रहा है लेकिन वहां तक पहुंचने का रास्ता नहीं। कहीं सड़क किनारे परिवार के लिए खाना पक रहा है तो कहीं लोग पानी से गृहस्थी का सामान निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा रहे हैं। तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के 30 से अधिक गांवों में बाढ़ ने लोगों की दिनचर्या बदल दी है। सुरक्षित ठिकाने की तलाश के बीच ग्रामीण पानी से घिरे घरों तक आने-जाने के लिए स्थानीय स्तर पर बनाए गए साधनों का सहारा ले रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की नाव और अन्य संसाधन सुबह करीब दस बजे के बाद सक्रिय होते हैं। इससे सुबह जरूरी कामों के लिए उन्हें निजी साधनों या खुद तैयार किए गए इंतजामों पर निर्भर रहना पड़ता है।
बृहस्पतिवार सुबह 8:10 बजे फागू छापर के टोला विनोद नगर के पास छठी देवी सड़क किनारे परिवार के लिए खाना पकाती मिलीं। उन्होंने बताया कि गांव में पानी भरने से घर में रहना मुश्किल हो गया है। रोजमर्रा की जरूरत का सामान लेने के लिए पानी से होकर घर तक जाना पड़ता है। सुबह नाव उपलब्ध न होने से ग्रामीणों को खुद ही रास्ता निकालना पड़ रहा है।
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सुबह 8:18 बजे फागू छापर में किशोरी बबुंती भैंस का दूध निकालती मिलीं। उन्होंने बताया कि बाढ़ से पशुओं के लिए भी संकट खड़ा हो गया है। चारों तरफ पानी होने के कारण हरे चारे की व्यवस्था करना मुश्किल हो रही है।
सुबह 8:53 बजे अहिरौलीदान के टोला लोकनहां में सुकदेव यादव गृहस्थी का सामान पानी से निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाते मिले। उन्होंने बताया कि पानी बढ़ने की आशंका के कारण परिवार का एक सदस्य रातभर जागकर स्थिति पर नजर रखता है। परिवार की सुरक्षा को लेकर हर समय चिंता बनी रहती है।
सुबह 9:23 बजे अहिरौलीदान बाजार के पास रेगुलेटर का फाटक खोलकर पानी नदी की ओर भेजा जा रहा था। मौके पर मौजूद संजय राय, धीरज कुशवाहा, मुन्ना कुमार, विपिन, दीपक कुमार और अंकित सिंह ने बताया कि जलभराव कम करने के लिए पानी बाहर निकाला जा रहा है। ग्रामीणों को इससे राहत की उम्मीद है।
सुबह 10:04 बजे अहिरौलीदान के छितौना उचका टोला में तेल पेराई मिल संचालक विजय गुप्ता ने बताया कि बाढ़ के पानी और तेज बहाव से कारोबार प्रभावित हुआ है। दुकान का फर्श तक क्षतिग्रस्त हो गया है। कारोबार बंद होने से परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पानी उतरने के बाद कारोबार दोबारा शुरू करना भी चुनौती होगी।
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ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की नाव और अन्य संसाधन सुबह करीब दस बजे के बाद सक्रिय होते हैं। इससे सुबह जरूरी कामों के लिए उन्हें निजी साधनों या खुद तैयार किए गए इंतजामों पर निर्भर रहना पड़ता है।
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बृहस्पतिवार सुबह 8:10 बजे फागू छापर के टोला विनोद नगर के पास छठी देवी सड़क किनारे परिवार के लिए खाना पकाती मिलीं। उन्होंने बताया कि गांव में पानी भरने से घर में रहना मुश्किल हो गया है। रोजमर्रा की जरूरत का सामान लेने के लिए पानी से होकर घर तक जाना पड़ता है। सुबह नाव उपलब्ध न होने से ग्रामीणों को खुद ही रास्ता निकालना पड़ रहा है।
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सुबह 8:18 बजे फागू छापर में किशोरी बबुंती भैंस का दूध निकालती मिलीं। उन्होंने बताया कि बाढ़ से पशुओं के लिए भी संकट खड़ा हो गया है। चारों तरफ पानी होने के कारण हरे चारे की व्यवस्था करना मुश्किल हो रही है।
सुबह 8:53 बजे अहिरौलीदान के टोला लोकनहां में सुकदेव यादव गृहस्थी का सामान पानी से निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाते मिले। उन्होंने बताया कि पानी बढ़ने की आशंका के कारण परिवार का एक सदस्य रातभर जागकर स्थिति पर नजर रखता है। परिवार की सुरक्षा को लेकर हर समय चिंता बनी रहती है।
सुबह 9:23 बजे अहिरौलीदान बाजार के पास रेगुलेटर का फाटक खोलकर पानी नदी की ओर भेजा जा रहा था। मौके पर मौजूद संजय राय, धीरज कुशवाहा, मुन्ना कुमार, विपिन, दीपक कुमार और अंकित सिंह ने बताया कि जलभराव कम करने के लिए पानी बाहर निकाला जा रहा है। ग्रामीणों को इससे राहत की उम्मीद है।
सुबह 10:04 बजे अहिरौलीदान के छितौना उचका टोला में तेल पेराई मिल संचालक विजय गुप्ता ने बताया कि बाढ़ के पानी और तेज बहाव से कारोबार प्रभावित हुआ है। दुकान का फर्श तक क्षतिग्रस्त हो गया है। कारोबार बंद होने से परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पानी उतरने के बाद कारोबार दोबारा शुरू करना भी चुनौती होगी।