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Kushinagar News: ग्रीष्मकालीन तीर्थ योजना में पर्यटन विभाग करेगा सहयोग

Thu, 04 May 2023 12:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Thu, 04 May 2023 12:11 AM IST
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summer pilgrmage policy
महापरिनिर्वाण मंदिर कुशीनगर।संवाद
सितंबर से मार्च तक अधिक होता है पर्यटकों का आवागमन
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गर्मी शुरू होते ही कम हो जाती है पर्यटकों की संख्या
संवाद न्यूज एजेंसी
कसया। कुशीनगर में सितंबर से मार्च तक पर्यटक के आने-जाने का समय रहता है। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय पर्यटक स्थली कुशीनगर में बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। अप्रैल से गर्मी शुरू होने से पर्यटक नहीं के बराबर हो जाती हैं। बौद्ध परिपथ में पर्यटक सीजन समाप्त होने पर पर्यटकों को बढ़ावा देने के लिए बौद्ध परिपथ में समर पिलग्रीमेज (ग्रीष्मकालीन तीर्थ यात्रा) शुरू करने की योजना बनी है। इससे गर्मी के मौसम में आने वाले पर्यटकों को पर्यटन विभाग मदद करेगा।
भगवान बुद्ध के जीवन की प्रमुख घटनाएं गर्मी के मौसम में ही घटित हुई थीं। इसको देखते हुए पर्यटक प्रवर्तक टीके राय ने समर पिलग्रीमेज की योजना बनाई है। इस योजना को लेकर बौद्ध भिक्षुओं और यूरोप के कुछ देशों के यात्री दल के वे संपर्क में हैं। इस योजना को लेकर बौद्ध भिक्षु और यहां के पर्यटन व्यवसायी काफी जागरूक हैं। इसको धरातल पर उतारने की कोशिश में लगे हैं।
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भगवान बुद्ध से जुड़ीं गर्मी के दिनों की यादें
चैत्र पूर्णिमा (अप्रैल) को सुजाता ने बुद्ध को खीर भेंट की थी। भगवान बुद्ध का जन्म वैशाख पूर्णिमा (मई) को लुंबिनी में हुआ था। इसी मौसम में बिहार के बोध गया में उन्हें ज्ञान की प्राप्ति भी हुई थी। बुद्ध का महापरिनिर्वाण भी वैशाख पूर्णिमा को ही कुशीनगर में हुआ था। जून में पड़ने वाली ज्येष्ठ पूर्णिमा को बुद्ध ने कपिलवस्तु में महासमय सुत्त का उपदेश दिया था। आषाढ़ी पूर्णिमा (जुलाई) को सिद्धार्थ ने अपनी मां महामाया की कोख में प्रवेश किया था। श्रावण पूर्णिमा (अगस्त) को अंगुलिमाल का हृदय परिवर्तन कर बुद्ध ने बौद्ध धर्म में दीक्षित किया था। इसी को ध्यान में रखकर समर पिलग्रीमेज की योजना बनाई गई है।
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कोट
पर्यटन सीजन ऑफ होने पर पर्यटकों के आगमन की योजना अच्छी है। इसके लिए प्रशासन को भी पहल करनी चाहिए। उनके सुविधाओं को ध्यान में रखना चाहिए। तभी पर्यटक रुकेंगे, जिससे पर्यटन बढ़ेगा।
-भंते डॉ. नंद रतन।

पर्यटकों के लिए सबसे पहले उनके आवागमन की सुविधा पर शासन को ध्यान देने की जरूरत है। सुविधाएं मिलने पर पर्यटकों का आवागमन बढ़ेगा। इस पर गंभीरता से पहल होनी चाहिए।
-भंते महेंद्र

पर्यटक सीजन समाप्त होने पर पर्यटन व्यवसाय काफी प्रभावित हो जाता है। इस तरह की पहल होनी चाहिए। गर्मी के मौसम में आने वाले पर्यटकों को 20 से 25 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
-आरएम गुप्ता, होटल व्यवसायी

कुशीनगर में पर्यटकों से जुड़ा सभी व्यवसाय है। सीजन ऑफ होने पर व्यवसाय ठप हो जाता है। यदि इस समय भी पर्यटक आने लगेंगे, तो पर्यटन व्यवसाय में इजाफा होगा।

-अनुपम पाठक, गेस्ट हाउस प्रबंधक

सीजन ऑफ होने पर्यटन व्यवसाय को बढ़ाने के लिए विभाग भी प्रयास कर रहा है। स्थानीय स्तर पर सहयोग किया जाएगा। योजना की एक काफी विभाग को सुझाव व सहयोग के लिए भेजूंगा।
-रविंंद्र कुमार, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी।
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