{"_id":"6aef87665ba0f8eaf507f92e","slug":"students-will-now-be-evaluated-based-on-their-holistic-development-rather-than-by-marks-kushinagar-news-c-205-1-ksh1001-171873-2026-11-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: अब अंकों से नहीं, सर्वांगीण विकास से होगा विद्यार्थियों का मूल्यांकन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: अब अंकों से नहीं, सर्वांगीण विकास से होगा विद्यार्थियों का मूल्यांकन
विज्ञापन
जिले के 22 राजकीय छात्रों को दी जाएगी सुविधा, 12 पन्नों के समग्र पत्र में होगा छात्रों का संपूर्ण विवरण
पडरौना। राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा नौ और 10 के विद्यार्थियों का मूल्यांकन अब केवल परीक्षा के अंकों तक सीमित नहीं रहेगा। उनके व्यवहार, रचनात्मकता, सोचने-समझने की क्षमता, समय प्रबंधन, मानसिक स्वास्थ्य, खेलकूद और सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी का भी आकलन किया जाएगा। इसके लिए विद्यार्थियों को 12 पृष्ठों का समग्र प्रगति पत्र दिया जाएगा।
जिले में 22 राजकीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें से सात विद्यालयों में इंटरमीडिएट और शेष में हाईस्कूल तक की पढ़ाई होती है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत प्रदेश में समग्र प्रगति पत्रक लागू किया जा रहा है। इसमें विद्यार्थी के स्व-मूल्यांकन के साथ शिक्षक, सहपाठी और अभिभावक भी उसकी प्रगति पर अपनी राय देंगे।
समग्र शिक्षा की राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने जिला विद्यालय निरीक्षकों को शिक्षकों की कार्यशालाएं आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। कक्षा नौ और 10 के लिए अलग-अलग तैयार किए गए प्रगति पत्रक 12-12 पृष्ठों के होंगे। इन्हें तीन भागों में बांटा गया है। पहले भाग में विद्यार्थी, विद्यालय और अभिभावक का विवरण, शारीरिक वृद्धि, पोषण और स्वास्थ्य जांच की जानकारी दर्ज होगी। दूसरे भाग में विद्यार्थी के सर्वांगीण विकास और तीसरे भाग में विषयवार प्रदर्शन, परीक्षा के अंक और उपस्थिति का ब्योरा रहेगा।
विज्ञापन
मूल्यांकन में समस्या समाधान, रचनात्मक सोच, सामूहिक कार्य, कला, संगीत, योग, खेलकूद, कॅरिअर संबंधी रुचि और सामाजिक कार्यों में भागीदारी को भी शामिल किया जाएगा। शैक्षणिक विवरण में अर्धवार्षिक, आंतरिक, प्रयोगात्मक और वार्षिक परीक्षाओं के अंक दर्ज होंगे।
निर्देशों के अनुसार, प्रगति पत्रक विद्यालयों को भेजने, 10 नवंबर तक इसकी डिजिटल प्रति उपलब्ध कराने, 12 नवंबर तक प्रधानाचार्यों की कार्यशाला और 14 नवंबर तक शिक्षकों का प्रशिक्षण कराने की प्रक्रिया पूरी की जानी है। इसी माह अभिभावक-शिक्षक बैठक भी आयोजित होगी। निगरानी के लिए प्रत्येक जिले में नोडल अधिकारी नामित किया जाएगा। प्रगति पत्रक के पहले पृष्ठ पर क्यूआर कोड होगा, जिसे स्कैन कर पत्रक भरने और अंकों की गणना की जानकारी प्राप्त की जा सकेगी।
जिला विद्यालय निरीक्षक श्रवण कुमार गुप्ता ने बताया कि राजकीय विद्यालयों में कक्षा नौ और 10 के विद्यार्थियों को शैक्षिक प्रमाणपत्र के साथ 12 पृष्ठों का समग्र प्रगति पत्र दिया जाएगा। इसके लिए उच्चाधिकारियों के निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।
विज्ञापन
पडरौना। राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा नौ और 10 के विद्यार्थियों का मूल्यांकन अब केवल परीक्षा के अंकों तक सीमित नहीं रहेगा। उनके व्यवहार, रचनात्मकता, सोचने-समझने की क्षमता, समय प्रबंधन, मानसिक स्वास्थ्य, खेलकूद और सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी का भी आकलन किया जाएगा। इसके लिए विद्यार्थियों को 12 पृष्ठों का समग्र प्रगति पत्र दिया जाएगा।
जिले में 22 राजकीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें से सात विद्यालयों में इंटरमीडिएट और शेष में हाईस्कूल तक की पढ़ाई होती है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत प्रदेश में समग्र प्रगति पत्रक लागू किया जा रहा है। इसमें विद्यार्थी के स्व-मूल्यांकन के साथ शिक्षक, सहपाठी और अभिभावक भी उसकी प्रगति पर अपनी राय देंगे।
विज्ञापन
समग्र शिक्षा की राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने जिला विद्यालय निरीक्षकों को शिक्षकों की कार्यशालाएं आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। कक्षा नौ और 10 के लिए अलग-अलग तैयार किए गए प्रगति पत्रक 12-12 पृष्ठों के होंगे। इन्हें तीन भागों में बांटा गया है। पहले भाग में विद्यार्थी, विद्यालय और अभिभावक का विवरण, शारीरिक वृद्धि, पोषण और स्वास्थ्य जांच की जानकारी दर्ज होगी। दूसरे भाग में विद्यार्थी के सर्वांगीण विकास और तीसरे भाग में विषयवार प्रदर्शन, परीक्षा के अंक और उपस्थिति का ब्योरा रहेगा।
विज्ञापन
मूल्यांकन में समस्या समाधान, रचनात्मक सोच, सामूहिक कार्य, कला, संगीत, योग, खेलकूद, कॅरिअर संबंधी रुचि और सामाजिक कार्यों में भागीदारी को भी शामिल किया जाएगा। शैक्षणिक विवरण में अर्धवार्षिक, आंतरिक, प्रयोगात्मक और वार्षिक परीक्षाओं के अंक दर्ज होंगे।
निर्देशों के अनुसार, प्रगति पत्रक विद्यालयों को भेजने, 10 नवंबर तक इसकी डिजिटल प्रति उपलब्ध कराने, 12 नवंबर तक प्रधानाचार्यों की कार्यशाला और 14 नवंबर तक शिक्षकों का प्रशिक्षण कराने की प्रक्रिया पूरी की जानी है। इसी माह अभिभावक-शिक्षक बैठक भी आयोजित होगी। निगरानी के लिए प्रत्येक जिले में नोडल अधिकारी नामित किया जाएगा। प्रगति पत्रक के पहले पृष्ठ पर क्यूआर कोड होगा, जिसे स्कैन कर पत्रक भरने और अंकों की गणना की जानकारी प्राप्त की जा सकेगी।
जिला विद्यालय निरीक्षक श्रवण कुमार गुप्ता ने बताया कि राजकीय विद्यालयों में कक्षा नौ और 10 के विद्यार्थियों को शैक्षिक प्रमाणपत्र के साथ 12 पृष्ठों का समग्र प्रगति पत्र दिया जाएगा। इसके लिए उच्चाधिकारियों के निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।