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Kushinagar News: रजवटिया में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड सेंटर के लिए अभी इंतजार
Tue, 14 Jan 2025 12:23 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 14 Jan 2025 12:23 AM IST
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पिपरा कनक। तमकुही के राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे रजवटिया में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड सेंटर (बहुद्देशीय हब) के लिए प्रशासन की ओर से अभी तक तीन सौ किसानों से 75 एकड़ भूमि रजिस्ट्री कराई जा चुकी है।
किसानों को उनकी भूमि की कीमत के रूप में 49 करोड़ रुपये भुगतान भी किया जा चुका है। इसके बावजूद विभाग के उच्चाधिकारियों की उदासीनता से एक साल बीतने के बाद भी यह परियोजना अधर में लटकी हुई है। तत्कालीन जिलाधिकारी ने इस परियोजना के लिए 27 एकड़ और भूमि लेने की बात कही थी।
प्रदेश सरकार के परियोजना के तहत रजवटिया में बनने वाले इंटीग्रेटेड सेंटर (बहुद्देशीय हब) के लिए प्रशासन की ओर से पहले 101 एकड़ भूमि का चयन किया था। यह भूमि राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों तरफ होने से बाद में इस परियोजना का क्षेत्रफल घटाकर 76 एकड़ कर दिया गया। इसके लिए तहसील प्रशासन ने पिछले वर्ष नवंबर में 300 किसानों से 75 एकड़ भूमि परियोजना के नाम से रजिस्ट्री भी करा ली और किसानों को उनकी भूमि की कीमत 49 करोड़ रुपये का भुगतान भी कर दिया। लेकिन शेष भूमि विवाद व काश्तकारों के उपलब्ध नहीं होने से रजिस्ट्री नहीं हो पाई। इसके अतिरिक्त 27 एकड़ भूमि का अधिग्रहण परियोजना में आधुनिक स्टेडियम बनाने के लिए प्रस्तावित है, वह भी बाकी है।
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किसानों को उनकी भूमि की कीमत के रूप में 49 करोड़ रुपये भुगतान भी किया जा चुका है। इसके बावजूद विभाग के उच्चाधिकारियों की उदासीनता से एक साल बीतने के बाद भी यह परियोजना अधर में लटकी हुई है। तत्कालीन जिलाधिकारी ने इस परियोजना के लिए 27 एकड़ और भूमि लेने की बात कही थी।
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प्रदेश सरकार के परियोजना के तहत रजवटिया में बनने वाले इंटीग्रेटेड सेंटर (बहुद्देशीय हब) के लिए प्रशासन की ओर से पहले 101 एकड़ भूमि का चयन किया था। यह भूमि राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों तरफ होने से बाद में इस परियोजना का क्षेत्रफल घटाकर 76 एकड़ कर दिया गया। इसके लिए तहसील प्रशासन ने पिछले वर्ष नवंबर में 300 किसानों से 75 एकड़ भूमि परियोजना के नाम से रजिस्ट्री भी करा ली और किसानों को उनकी भूमि की कीमत 49 करोड़ रुपये का भुगतान भी कर दिया। लेकिन शेष भूमि विवाद व काश्तकारों के उपलब्ध नहीं होने से रजिस्ट्री नहीं हो पाई। इसके अतिरिक्त 27 एकड़ भूमि का अधिग्रहण परियोजना में आधुनिक स्टेडियम बनाने के लिए प्रस्तावित है, वह भी बाकी है।
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