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कमरतोड़ स्पीड ब्रेकर बरकरार, लोग परेशान
पडरौना (कुशीनगर)। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलों में बने कमरतोड़ ब्रेकर हटाने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके जनपद में अधिकतर मार्गों पर कमरतोड़ ब्रेकर बरकरार हैं। जहां प्रशासन इस मामले में गंभीर नहीं है वहीं, जनप्रतिनिधि भी इस दिशा में गंभीर नहीं दिख रहे।
11 व 12 जून को प्रदेश के जलशक्ति व सिंचाई मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का काफिला पडरौना से कसया मार्ग बाड़ीपुल स्थित स्पीड ब्रेकर से कई बार गुजरा। लेकिन, इस ओर उनका भी ध्यान नहीं आ सका। मनमानी बने ब्रेकर से वाहनों में बैठे लोगों को काफी परेशानी होती है। कई बार इन मार्गों से निकलने वाली एंबुलेंस में मौजूद मरीजों को दोगुना दर्द झेलना पड़ता है। ब्रेकर पर गिरकर कई राहगीर घायल भी हो चुके हैं।
मानक का नहीं किया पालन, झटका खाकर गिरते बाइक सवार
जिले में पडरौना से कसया मार्ग, खड्डा, दुदही, कठकुईया, कुबेरस्थान, मंशाछापर, जटहा सहित इन मार्गो पर मानक के विपरीत स्पीड ब्रेकर बनाए गए है। ऐसे स्पीड ब्रेकर से सबसे अधिक परेशानी दोपहिया वाहन चालकों को होती है। बाइक सवार अक्सर झटका खाकर हादसे के शिकार हो जाते हैं। यहां जो ब्रेकर बनाए गए हैं, उन्हें देखकर लगता है कि इनके निर्माण में मानक की चिंता नहीं की गई है। ग्रामीण इलाकों में तो मनमर्जी ब्रेकर बनाए गए हैं। लोगों ने जहां चाहा है वहीं पर गिट्टी और ईंट डालकर ब्रेकर तैयार कर दिया है। नियम के मुताबिक स्पीड ब्रेकर लगाने से पहले चालक को सचेत करने के लिए 50 से 80 मीटर पहले चेतावनी बोर्ड लगाना आवश्यक है। ब्रेकर पर पेंट और रात में दिखाई पड़ने के लिए रेडियम पट्टी लगाना आवश्यक है, लेकिन विभाग की लापरवाही के चलते ऐसा नहीं है।
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परिचर्चा
जिले में अधिकतर स्थानों पर स्पीड ब्रेकर मानक विहीन बने है। ऐसे ब्रेकर से होकर रोजाना प्रशासन के अधिकारी गुजरते हैं। लेकिन उनकी नजर नहीं पड़ती।
शैलेष, रामकोला
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संबंधित अधिकारियों की लापरवाही से स्पीड ब्रेकर को मानक से अधिक ऊंचा किया जाता है। इससे राहगीरों को परेशानी होती है।
अशोक, दरबार रोड
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स्पीड ब्रेकर की गड़बड़ी से आए दिन राहगीर गिरकर घायल हो जा रहे हैं। इसकी शिकायत करने पर भी कोई संज्ञान नहीं लेता है।
पिंटू सिंह, मुन्ना कॉलोनी
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मुख्यमंत्री का आदेश प्रशासन नहीं मान रहा है। जिले में कमरतोड़ स्पीड ब्रेकर नहीं हटाए गए हैं। इससे एंबुलेंस में जा रहे मरीजों को काफी परेशानी होती है।
कुंदन सिंह, नौका टोला
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केस एक
पडरौना कस्बा निवासी दो दिन पूर्व राहुल अपनी मां को बाइक पर बैठाकर कुशीनगर जा रहे थे। वहीं, बाड़ीपुुल स्थित स्पीड ब्रेकर पर अधिक ऊंचाई होने से बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। इससे वह अपनी मां के साथ घायल हो गए।
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केस दो
कुबेरस्थान निवासी मनोज अपनी पत्नी को बाइक पर बैठाकर एक सप्ताह पूर्व जिला अस्पताल ले रहे थे। छावनी के समीप बने स्पीड ब्रेकर पर अनियंत्रित बाइक लेकर गिर गया। इससे पति-पत्नी दोनों घायल हो गए।
--वर्जन--
बाड़ीपुल के समीप स्पीड ब्रेकर सहित जिले के सभी कमरतोड़ ब्रेकरों के संबंध में पीडब्ल्यूडी को निर्देशित किया गया है कि मानक के अनुसार स्पीड ब्रेकर बनाएं।
-देवी दयाल वर्मा, एडीएम
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पडरौना (कुशीनगर)। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलों में बने कमरतोड़ ब्रेकर हटाने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके जनपद में अधिकतर मार्गों पर कमरतोड़ ब्रेकर बरकरार हैं। जहां प्रशासन इस मामले में गंभीर नहीं है वहीं, जनप्रतिनिधि भी इस दिशा में गंभीर नहीं दिख रहे।
11 व 12 जून को प्रदेश के जलशक्ति व सिंचाई मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का काफिला पडरौना से कसया मार्ग बाड़ीपुल स्थित स्पीड ब्रेकर से कई बार गुजरा। लेकिन, इस ओर उनका भी ध्यान नहीं आ सका। मनमानी बने ब्रेकर से वाहनों में बैठे लोगों को काफी परेशानी होती है। कई बार इन मार्गों से निकलने वाली एंबुलेंस में मौजूद मरीजों को दोगुना दर्द झेलना पड़ता है। ब्रेकर पर गिरकर कई राहगीर घायल भी हो चुके हैं।
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मानक का नहीं किया पालन, झटका खाकर गिरते बाइक सवार
जिले में पडरौना से कसया मार्ग, खड्डा, दुदही, कठकुईया, कुबेरस्थान, मंशाछापर, जटहा सहित इन मार्गो पर मानक के विपरीत स्पीड ब्रेकर बनाए गए है। ऐसे स्पीड ब्रेकर से सबसे अधिक परेशानी दोपहिया वाहन चालकों को होती है। बाइक सवार अक्सर झटका खाकर हादसे के शिकार हो जाते हैं। यहां जो ब्रेकर बनाए गए हैं, उन्हें देखकर लगता है कि इनके निर्माण में मानक की चिंता नहीं की गई है। ग्रामीण इलाकों में तो मनमर्जी ब्रेकर बनाए गए हैं। लोगों ने जहां चाहा है वहीं पर गिट्टी और ईंट डालकर ब्रेकर तैयार कर दिया है। नियम के मुताबिक स्पीड ब्रेकर लगाने से पहले चालक को सचेत करने के लिए 50 से 80 मीटर पहले चेतावनी बोर्ड लगाना आवश्यक है। ब्रेकर पर पेंट और रात में दिखाई पड़ने के लिए रेडियम पट्टी लगाना आवश्यक है, लेकिन विभाग की लापरवाही के चलते ऐसा नहीं है।
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परिचर्चा
जिले में अधिकतर स्थानों पर स्पीड ब्रेकर मानक विहीन बने है। ऐसे ब्रेकर से होकर रोजाना प्रशासन के अधिकारी गुजरते हैं। लेकिन उनकी नजर नहीं पड़ती।
शैलेष, रामकोला
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संबंधित अधिकारियों की लापरवाही से स्पीड ब्रेकर को मानक से अधिक ऊंचा किया जाता है। इससे राहगीरों को परेशानी होती है।
अशोक, दरबार रोड
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स्पीड ब्रेकर की गड़बड़ी से आए दिन राहगीर गिरकर घायल हो जा रहे हैं। इसकी शिकायत करने पर भी कोई संज्ञान नहीं लेता है।
पिंटू सिंह, मुन्ना कॉलोनी
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मुख्यमंत्री का आदेश प्रशासन नहीं मान रहा है। जिले में कमरतोड़ स्पीड ब्रेकर नहीं हटाए गए हैं। इससे एंबुलेंस में जा रहे मरीजों को काफी परेशानी होती है।
कुंदन सिंह, नौका टोला
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केस एक
पडरौना कस्बा निवासी दो दिन पूर्व राहुल अपनी मां को बाइक पर बैठाकर कुशीनगर जा रहे थे। वहीं, बाड़ीपुुल स्थित स्पीड ब्रेकर पर अधिक ऊंचाई होने से बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। इससे वह अपनी मां के साथ घायल हो गए।
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केस दो
कुबेरस्थान निवासी मनोज अपनी पत्नी को बाइक पर बैठाकर एक सप्ताह पूर्व जिला अस्पताल ले रहे थे। छावनी के समीप बने स्पीड ब्रेकर पर अनियंत्रित बाइक लेकर गिर गया। इससे पति-पत्नी दोनों घायल हो गए।
--वर्जन--
बाड़ीपुल के समीप स्पीड ब्रेकर सहित जिले के सभी कमरतोड़ ब्रेकरों के संबंध में पीडब्ल्यूडी को निर्देशित किया गया है कि मानक के अनुसार स्पीड ब्रेकर बनाएं।
-देवी दयाल वर्मा, एडीएम