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Kushinagar News: कजरी संध्या में गूंजे सावन के गीत
Fri, 24 Jul 2026 12:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 24 Jul 2026 12:37 AM IST
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कसया। अखिल भारतीय सांस्कृतिक संस्था संस्कार संगम की ओर से बृहस्पतिवार को कजरी संध्या का आयोजन किया गया। लोकगीत, काव्य और संगीत की प्रस्तुति ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
शुभारंभ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ कार्यकर्ता सुरेश गुप्त ने मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मुख्य अतिथि सुरेश गुप्त ने कहा कि कजरी भारतीय लोक संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। इसकी परंपरा उत्तर प्रदेश के विंध्याचल और मिर्जापुर क्षेत्र से जुड़ी है। ऐसे आयोजन लोक संस्कृति के संरक्षण और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। डॉ. मनीष गुप्ता ने कहा कि कजरी केवल लोकगीत नहीं, बल्कि भारतीय जनजीवन, प्रकृति और लोक भावनाओं की सशक्त अभिव्यक्ति है।
डॉ. बच्चा मद्धेशिया ने लोककलाओं के संरक्षण को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए युवाओं को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने पर बल दिया।इस दौरान राम प्रताप चौरसिया, आनंद शेखर सिंह, पूर्व सभासद मीरा देवी, रविशंकर पाठक, गोपाल मद्धेशिया, कृष्ण मद्धेशिया, रिंकी मद्धेशिया, धीरज जायसवाल समेत बड़ी संख्या में संस्कृति प्रेमी मौजूद रहे।
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शुभारंभ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ कार्यकर्ता सुरेश गुप्त ने मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मुख्य अतिथि सुरेश गुप्त ने कहा कि कजरी भारतीय लोक संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। इसकी परंपरा उत्तर प्रदेश के विंध्याचल और मिर्जापुर क्षेत्र से जुड़ी है। ऐसे आयोजन लोक संस्कृति के संरक्षण और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। डॉ. मनीष गुप्ता ने कहा कि कजरी केवल लोकगीत नहीं, बल्कि भारतीय जनजीवन, प्रकृति और लोक भावनाओं की सशक्त अभिव्यक्ति है।
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डॉ. बच्चा मद्धेशिया ने लोककलाओं के संरक्षण को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए युवाओं को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने पर बल दिया।इस दौरान राम प्रताप चौरसिया, आनंद शेखर सिंह, पूर्व सभासद मीरा देवी, रविशंकर पाठक, गोपाल मद्धेशिया, कृष्ण मद्धेशिया, रिंकी मद्धेशिया, धीरज जायसवाल समेत बड़ी संख्या में संस्कृति प्रेमी मौजूद रहे।
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