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जिला अस्पताल के छह कर्मचारियों की सेवा समाप्त

Thu, 03 Nov 2022 10:33 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 03 Nov 2022 10:33 PM IST
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six health worker dismiss from job
जिला की इमरजेंसी में वायरल वीडियो की जांच करते एडीएम देवी दयाल वर्मा।संवाद। - फोटो : KUSHINAGAR
जिला अस्पताल के छह कर्मचारियों की सेवा समाप्त
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- फर्श पर मरीज के तड़पने का वीडियो वायरल होने के बाद डीएम ने की कार्रवाई
- वीडियो में स्ट्रेचर के नीचे फर्श पर पड़े घायल युवक के पास नजर आ रहा कुत्ता
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना (कुशीनगर)। जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में घायल मरीज के फर्श पर दर्द से तड़पने का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने पर डीएम ने कार्रवाई की। लापरवाही के लिए जिम्मेदार छह कर्मियों को डीएम ने तत्काल सेवामुक्त कर दिया।
डीएम एस. राजलिंगम ने कहा कि कर्मचारियों के रवैये से जिला अस्पताल की छवि धूमिल हुई है। इस मामले में इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर सहित दो डॉक्टरों के खिलाफ शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। सीएमएस की भी जवाबदेही तय होगी।
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बृहस्पतिवार सुबह जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें घायल व्यक्ति इमरजेंसी वार्ड में स्ट्रेचर के नीचे पड़ा हुआ दर्द से तड़प रहा था। उसके बदन से बह रहा खून आसपास फर्श पर फैल गया था जिसे उसके बगल में मौजूद एक कुत्ता चाट रहा था। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते हुए जिला प्रशासन हरकत में आ गया। वीडियो के आधार पर डीएम ने मामले की जांच के निर्देश दिए।
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प्रकरण की जांच के लिए एडीएम देवीदयाल तत्काल इमरजेंसी पहुंचे। उन्होंने वीडियो में नजर आ रहे घायल व्यक्ति के बारे में अस्पतालकर्मियों से जानकारी ली। मालूम हुआ कि वीडियो एक नवंबर की रात का है। अस्पताल में दर्ज रिकार्ड के मुताबिक घायल युवक की पहचान जटहां बाजार थाना क्षेत्र के निवासी बिट्टू(25) के रूप में हुई।
वह एक नवंबर की रात किन्नरपट्टी के पास सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे। एंबुलेंस से उनको जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचाया गया। मरीज की हालत गंभीर बताकर डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, लेकिन इस दौरान अस्पताल में लापरवाही बरती गई। मरीज को स्ट्रेचर पर लिटाने और एंबुलेंस से भेजने के बजाय उसे फर्श पर तड़पता हुआ छोड़ दिया गया। इमरजेंसी में घूम रहा एक कुत्ता वहां पहुंचा। वह मरीज के बदन से बहकर फर्श पर फैले खून को चाटने लगा।

एडीएम की जांच में अस्पतालकर्मियों की लापरवाही सामने आई। मरीज का प्राथमिक उपचार करने के बजाय अस्पतालकर्मियों ने उसकी उपेक्षा की। एडीएम ने सभी तथ्यों से डीएम को अवगत कराया। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने उस समय ड्यूटी पर तैनात सुनील कुशवाहा (स्टाफ नर्स), रामाशीष यादव (संविदा एनएचएम), विजय बहादुर कुशवाहा (वार्ड ब्वाय), मनहरण शुक्ला(वार्ड ब्वाय), अर्जुन कुशवाहा (स्वीपर) और मुकेश कुमार (स्वीपर) को तत्काल प्रभाव से सेवा मुक्त कर दिया। इस मामले में डीएम ने इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर सहित दो डॉक्टरों के खिलाफ शासन को रिपोर्ट भेजने की बात कही है।
लापरवाही के लिए जिम्मेदार कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी गई है। अन्य की जांच कराई जा रही है। डॉक्टर की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
- एस. राजलिंगम, डीएम
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