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Kushinagar News: पट्टे की जमीन पर कब्जे के लिए तहसील में दिया धरना
Wed, 13 May 2026 01:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 13 May 2026 01:42 AM IST
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कसया। तहसील परिसर में मंगलवार को पट्टे की जमीन पर कब्जा दिलाने की मांग को लेकर रहसू जनूबी पट्टी के ग्रामीणों ने धरना दिया। ग्रामीण जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित जांच टीम की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग पर अड़े रहे।
ग्रामीणों का कहना है कि रहसू जनूबी पट्टी, सरैया महंथ, कनौरा, धुंवलिया गांव में 370 परिवारों को सीलिंग की जमीन पर वर्ष 1994 में पट्टा आवंटित किया गया था, लेकिन अब तक उन्हें जमीन पर कब्जा नहीं मिल सका है। इसे लेकर ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से शिकायत कर न्याय की मांग की थी।
बताया जा रहा है कि जिलाधिकारी के निर्देश पर कसया तहसील स्तर पर एक टीम गठित कर मामले की जांच कर मौके की सत्यता पर रिपोर्ट देने को कहा गया था। टीम को दस दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने का समय दिया गया था। आरोप है कि तय समय बीत जाने के बाद भी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई। इससे नाराज होकर मंगलवार को दोपहर बाद करीब 25 से 30 ग्रामीण तहसील परिसर पहुंचे और धरने पर बैठ गए। जो देर शाम तक चला। उन लोगों का आरोप है कि रिपोर्ट नहीं मिलने तक धरना दिया जाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि तहसील प्रशासन मामले में हाईकोर्ट के स्थगन आदेश का हवाला देकर कार्रवाई टालता रहा है। वहीं, इस संबंध में एसडीएम कसया डॉ. संतराज सिंह बघेल ने बताया कि मामले में हाईकोर्ट का स्थगन आदेश प्रभावी है। गठित टीम अपना जांच रिपोर्ट जिला और तहसील को सौंप दी है।
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ग्रामीणों का कहना है कि रहसू जनूबी पट्टी, सरैया महंथ, कनौरा, धुंवलिया गांव में 370 परिवारों को सीलिंग की जमीन पर वर्ष 1994 में पट्टा आवंटित किया गया था, लेकिन अब तक उन्हें जमीन पर कब्जा नहीं मिल सका है। इसे लेकर ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से शिकायत कर न्याय की मांग की थी।
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बताया जा रहा है कि जिलाधिकारी के निर्देश पर कसया तहसील स्तर पर एक टीम गठित कर मामले की जांच कर मौके की सत्यता पर रिपोर्ट देने को कहा गया था। टीम को दस दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने का समय दिया गया था। आरोप है कि तय समय बीत जाने के बाद भी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई। इससे नाराज होकर मंगलवार को दोपहर बाद करीब 25 से 30 ग्रामीण तहसील परिसर पहुंचे और धरने पर बैठ गए। जो देर शाम तक चला। उन लोगों का आरोप है कि रिपोर्ट नहीं मिलने तक धरना दिया जाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि तहसील प्रशासन मामले में हाईकोर्ट के स्थगन आदेश का हवाला देकर कार्रवाई टालता रहा है। वहीं, इस संबंध में एसडीएम कसया डॉ. संतराज सिंह बघेल ने बताया कि मामले में हाईकोर्ट का स्थगन आदेश प्रभावी है। गठित टीम अपना जांच रिपोर्ट जिला और तहसील को सौंप दी है।
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