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Kushinagar News: चौपाल की लाइव रिपोर्ट
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अमही गांव में आयोजित चौपाल में पहुंची बुजुर्ग महिला बोलीं, साहब मैं अभी जिंदा हूं।
- फोटो : KUSHINAGAR
साहब मैं जिंदा हूं, मुझे सचिव ने कागज में मार डाला है
दुदही क्षेत्र के अमही गांव में चौपाल में लाठी के सहारे पहुंची बुजुर्ग महिला ने सुनाई व्यथा, कार्रवाई की मांग
परिवार रजिस्टर में एक सितंबर 2001 को मृत्यु घोषित किया गया, बीडीओ ने सचिव को त्रुटि दुरुस्त कराने के दिए निर्देश
पडरौना। साहब मैं जिंदा हूं, लेकिन करीब 20 वर्ष पहले गांव के सचिव ने मुझे सरकारी कागज में मार दिया है। तब से मैं अब तक खुद के जीवित होने का प्रमाण जुटा रहीं हूं। यह फरियाद लेकर एक बुजुर्ग महिला शुक्रवार को गांव में आयोजित चौपाल में पहुंचीं। लाठी के सहारे सहारे आई 80 वर्षीय इस बुजुर्ग महिला की बात सुनकर वहां मौजूद अधिकारी अवाक रह गए।
दुदही प्रतिनिधि के अनुसार शुक्रवार को अमही गांव के प्राथमिक विद्यालय में चौपाल का आयोजन किया गया था। इसमें लाठी के सहारे अपने पौत्र सुनील के साथ पहुंचीं मोती रानी अधिकारियों के सामने खड़ी हो गईं। उन्होंने फरियाद सुनाते कहा कि साहब मैं तो अभी जिंदा हूं, लेकिन सचिव ने मुझे मृत्यु घोषित कर दिया है। बताया कि वर्ष 2010 में परिवार रजिस्टर का नकल जारी कराया गया तो ठीक था। पति की जमीन की वरासत कराने के लिए वर्ष 2022 में परिवार रजिस्टर की जरूरत लगी, तो रजिस्टर पर एक सितंबर 2001 में मुझे मृत्यु घोषित कर दिया गया था। अब सचिव बोल रहे हैं कि मैं मृत व्यक्ति को कैसे जिंदा करूं। महिला की बात सुनने के बाद बीडीओ राजाराम कुशवाहा ने गांव के सचिव प्रमोद यादव को अगली खुली बैठक में प्रस्ताव तैयार कर इस महिला का परिवार रजिस्टर सही करने का निर्देश दिया।
तमकुहीराज ब्लॉक के अहिरौली हनुमान सिंह गांव में आयोजित चौपाल में पहुंचे अमित गुप्ता ने बताया कि उन्हें वर्ष 2018 से ही पीएम सम्मान निधि का लाभ नहीं मिल रहा है। इसके लिए सरकारी कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय लेखपाल हर बार दस्तावेज मांगते हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर उन्हें तकनीकी क़ृषि सहायक ने शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के बभनौली में आयोजित चौपाल कार्यक्रम में पहुंचीं खपरधीक्का टोला निवासी 65 वर्षीय बुधा देवी ने पेंशन नहीं मिलने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि पहले उन्हें पेंशन मिलती थी, लेकिन बीते एक वर्ष से यह बंद है। कोई घर पर कमाने वाला नहीं है। प्रधान से कहने पर सचिव से मिलने की बात करते हैं। उम्र अधिक होने के नाते ब्लॉक पर नहीं जा सकती हूं। गांव में सचिव कभी-कभार ही आते हैं, जिससे उनकी मुलाकात नहीं हो पाती है। बाबू हमार पेंशन कौनो तरे बनवा दी जां।
कप्तानगंज क्षेत्र के अवरही कृतपुरा निवासी ज्ञान्ती देवी, निप्पू, ममता, किसमती, संगीता आदि ने आवास और जोगा देवी, गूंजा निषाद ने शौचालय और रमावती व विधिचंद ने राशन कार्ड नहीं बनने की शिकायत की। इसके अलावा असना की चंद्रावती, शत्रुधन, शीतल सिंह ने किसान सम्माननिधि के लिए और रेनू निषाद, प्रभावती, सीमा, जवाहिर, सुनीता आदि ने आवास बनवाने की मांग को लेकर चौपाल के नोडल अधिकारी को मांत्र पत्र सौंपा, जबकि असना गांव के ग्राम प्रधान राजकमल मद्धेशिया संतोष प्रसाद ने जल निगम के अधिकारियों से पानी की टंकी चालू कराकर शुद्ध पेयजल मुहैया कराने की मांग की।
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दुदही क्षेत्र के अमही गांव में चौपाल में लाठी के सहारे पहुंची बुजुर्ग महिला ने सुनाई व्यथा, कार्रवाई की मांग
परिवार रजिस्टर में एक सितंबर 2001 को मृत्यु घोषित किया गया, बीडीओ ने सचिव को त्रुटि दुरुस्त कराने के दिए निर्देश
पडरौना। साहब मैं जिंदा हूं, लेकिन करीब 20 वर्ष पहले गांव के सचिव ने मुझे सरकारी कागज में मार दिया है। तब से मैं अब तक खुद के जीवित होने का प्रमाण जुटा रहीं हूं। यह फरियाद लेकर एक बुजुर्ग महिला शुक्रवार को गांव में आयोजित चौपाल में पहुंचीं। लाठी के सहारे सहारे आई 80 वर्षीय इस बुजुर्ग महिला की बात सुनकर वहां मौजूद अधिकारी अवाक रह गए।
दुदही प्रतिनिधि के अनुसार शुक्रवार को अमही गांव के प्राथमिक विद्यालय में चौपाल का आयोजन किया गया था। इसमें लाठी के सहारे अपने पौत्र सुनील के साथ पहुंचीं मोती रानी अधिकारियों के सामने खड़ी हो गईं। उन्होंने फरियाद सुनाते कहा कि साहब मैं तो अभी जिंदा हूं, लेकिन सचिव ने मुझे मृत्यु घोषित कर दिया है। बताया कि वर्ष 2010 में परिवार रजिस्टर का नकल जारी कराया गया तो ठीक था। पति की जमीन की वरासत कराने के लिए वर्ष 2022 में परिवार रजिस्टर की जरूरत लगी, तो रजिस्टर पर एक सितंबर 2001 में मुझे मृत्यु घोषित कर दिया गया था। अब सचिव बोल रहे हैं कि मैं मृत व्यक्ति को कैसे जिंदा करूं। महिला की बात सुनने के बाद बीडीओ राजाराम कुशवाहा ने गांव के सचिव प्रमोद यादव को अगली खुली बैठक में प्रस्ताव तैयार कर इस महिला का परिवार रजिस्टर सही करने का निर्देश दिया।
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तमकुहीराज ब्लॉक के अहिरौली हनुमान सिंह गांव में आयोजित चौपाल में पहुंचे अमित गुप्ता ने बताया कि उन्हें वर्ष 2018 से ही पीएम सम्मान निधि का लाभ नहीं मिल रहा है। इसके लिए सरकारी कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय लेखपाल हर बार दस्तावेज मांगते हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर उन्हें तकनीकी क़ृषि सहायक ने शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के बभनौली में आयोजित चौपाल कार्यक्रम में पहुंचीं खपरधीक्का टोला निवासी 65 वर्षीय बुधा देवी ने पेंशन नहीं मिलने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि पहले उन्हें पेंशन मिलती थी, लेकिन बीते एक वर्ष से यह बंद है। कोई घर पर कमाने वाला नहीं है। प्रधान से कहने पर सचिव से मिलने की बात करते हैं। उम्र अधिक होने के नाते ब्लॉक पर नहीं जा सकती हूं। गांव में सचिव कभी-कभार ही आते हैं, जिससे उनकी मुलाकात नहीं हो पाती है। बाबू हमार पेंशन कौनो तरे बनवा दी जां।
कप्तानगंज क्षेत्र के अवरही कृतपुरा निवासी ज्ञान्ती देवी, निप्पू, ममता, किसमती, संगीता आदि ने आवास और जोगा देवी, गूंजा निषाद ने शौचालय और रमावती व विधिचंद ने राशन कार्ड नहीं बनने की शिकायत की। इसके अलावा असना की चंद्रावती, शत्रुधन, शीतल सिंह ने किसान सम्माननिधि के लिए और रेनू निषाद, प्रभावती, सीमा, जवाहिर, सुनीता आदि ने आवास बनवाने की मांग को लेकर चौपाल के नोडल अधिकारी को मांत्र पत्र सौंपा, जबकि असना गांव के ग्राम प्रधान राजकमल मद्धेशिया संतोष प्रसाद ने जल निगम के अधिकारियों से पानी की टंकी चालू कराकर शुद्ध पेयजल मुहैया कराने की मांग की।