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Kushinagar News: विश्व एड्स दिवस पर चलाया हस्ताक्षर अभियान, निकाली रैली
Sat, 02 Dec 2023 01:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 02 Dec 2023 01:01 AM IST
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पडरौना। विश्व एड्स दिवस पर शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। पडरौना शहर में जागरूकता रैली निकाली गई। इसके बाद जिला क्षय रोग अधिकारी के कार्यालय में गोष्ठी का आयोजन किया गया। एड्स से बचाव के बारे में लोगों को जागरूक किया गया।
सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया ने कहा कि एड्स पीड़ित व्यक्ति की पहचान गुप्त रखी जाती है। एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों से भेदभाव न करें। स्वास्थ्य केंद्राें में एचआईवी की जांच निशुल्क की जाती है। एड्स पीड़ित मरीज का इलाज जीवनपर्यंत चलता है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डाॅ. एसएन त्रिपाठी ने कहा कि एक्वायर्ड इम्यूनो डेफिशिएंसी सिंड्रोम (एड्स), एचआईवी (ह्यूमन इम्यूनोडेफ़िशिएंसी वायरस) की एक अवस्था है, जिसमें मानव शरीर की प्रतिरोधक क्षमता धीरे-धीरे कमजोर होती जाती है।
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अपर जिला जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव रविकांत यादव ने कहा कि एड्स को छिपाना नहीं चाहिए, बल्कि किसी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जांच और नियमित इलाज कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकतर लोग शर्म और संकोच के चलते अपनी जांच नहीं कराते हैं। ऐसे में वह जानकारी के अभाव में गंभीर स्थिति में पहुंच जाते हैं।
जिला कार्यक्रम समन्वयक अनुपम कुमार मिश्रा ने बताया कि जिला अस्पताल, पुरुष एवं नेत्र अस्पताल तथा समस्त सीएचसी, आईसीटीसी, पीपीटीसीटी आदि केंद्रोन्मेंपर एड्स की जांच की जाती है। किसी भी ऑपरेशन अथवा रक्तदान से पूर्व संबंधित की एचआईवी जांच की जाती है। इसके अलावा सभी गर्भवती महिलाओं की भी प्रसव पूर्व जांच के दौरान एचआईवी जांच की जाती है। अगर किसी गर्भवती में एचआईवी पाया जाता है तो उसके होने वाले बच्चे के एड्स संक्रमित होने की 20 फीसदी तक आशंका होती है, लेकिन समय पर महिला के इलाज से बच्चे का यह संक्रमण 10 फीसदी कम किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि एचआईवी वायरस के शरीर में प्रवेश करने के बाद कम से कम तीन माह बाद बीमारी के हल्के लक्षण दिखने शुरू होते हैं।
इस अवसर पर तारकेश्वर सिंह, सवेरा की अध्यक्ष मंजू सिंह, गौतम शर्मा, नीलम राय, विशाल जायसवाल, अरमान अहमद, कमल शंकर पांडेय, अश्वनी गुप्ता, अनुप कुमार गोंड, राकेश सिंह, विवेक यादव, मुन्नी देवी, विश्वजीत ओझा, हंसराज कुमार, अजीत प्रसाद सहित अन्य लोग मौजूद थे।
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बचाव और जागरूकता ही एड्स का उपचार
पडरौना। हरैया बुजुर्ग स्थित सरदार पटेल महाविद्यालय परिसर में एनएसएस की तरफ से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि बचाव और जागरूकता ही एड्स का उपचार है।
प्राचार्य डॉ. रणजीत मल्ल ने कहा कि विश्व में करीब चार करोड़ लोग एचआईवी से प्रभावित हैं। यह एक ऐसी बीमारी है, जिसकी अभी तक कोई दवा नहीं बन सकी है। यदि इसके प्रति लोग जागरूक है, तो किसी दवा की जरूरत नही है। इसके बाद कार्यक्रम अधिकारी रवि मौर्य की अगुवाई में जागरूकता रैली निकाल कर लोगों को एड्स से बचाव आदि के बारे में लोगों को जागरूक किया गया। इस दौरान छत्रपाल सिंह, सत्येंद्र कुमार सिंह, राजपत प्रसाद, विष्णु प्रजापति, अनामिका सिंह, रामानंद प्रसाद आदि मौजूद रहे।
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छात्रों ने पोस्टर एवं स्लोगन के जरिए किया जागरूक
कसया। विश्व एड्स दिवस पर नगर स्थित सेंट जेवियर्स हाईस्कूल के प्रांगण में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने पोस्टर एवं स्लोगन के जरिए लोगों को जागरूक किया। शुक्रवार को एड्स दिवस पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम के अवसर पर विद्यालय के कक्षा 9 व 10 के छात्र व छात्राओं ने एड्स से बचाव को रेखांकित करते हुए पोस्टर बनाये और उन पर एड्स जागरूकता के स्लोगन लिखे। पोस्टरों को समूह में खड़े होकर प्रदर्शित किया और एड्स से बचाव के बारे में अपनी प्रस्तुति दी। बताया कि एड्स मानव जीवन के लिए कैसे खतरनाक है और एड्स के खतरे से बचने के क्या उपाय है। बच्चों की शानदार प्रस्तुति की विद्यालय के प्रबन्धक मेघा गुप्ता, प्रधानाचार्य शाहिला बानो, अध्यापकगण व कर्मचारियों ने सराहना की। इस अवसर पर बच्चों सहित शिक्षकों ने लाल रंग का फीता लगाकर एड्स के जागरूकता चिह्न को प्रदर्शित किया।
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सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया ने कहा कि एड्स पीड़ित व्यक्ति की पहचान गुप्त रखी जाती है। एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों से भेदभाव न करें। स्वास्थ्य केंद्राें में एचआईवी की जांच निशुल्क की जाती है। एड्स पीड़ित मरीज का इलाज जीवनपर्यंत चलता है।
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जिला क्षय रोग अधिकारी डाॅ. एसएन त्रिपाठी ने कहा कि एक्वायर्ड इम्यूनो डेफिशिएंसी सिंड्रोम (एड्स), एचआईवी (ह्यूमन इम्यूनोडेफ़िशिएंसी वायरस) की एक अवस्था है, जिसमें मानव शरीर की प्रतिरोधक क्षमता धीरे-धीरे कमजोर होती जाती है।
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अपर जिला जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव रविकांत यादव ने कहा कि एड्स को छिपाना नहीं चाहिए, बल्कि किसी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जांच और नियमित इलाज कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकतर लोग शर्म और संकोच के चलते अपनी जांच नहीं कराते हैं। ऐसे में वह जानकारी के अभाव में गंभीर स्थिति में पहुंच जाते हैं।
जिला कार्यक्रम समन्वयक अनुपम कुमार मिश्रा ने बताया कि जिला अस्पताल, पुरुष एवं नेत्र अस्पताल तथा समस्त सीएचसी, आईसीटीसी, पीपीटीसीटी आदि केंद्रोन्मेंपर एड्स की जांच की जाती है। किसी भी ऑपरेशन अथवा रक्तदान से पूर्व संबंधित की एचआईवी जांच की जाती है। इसके अलावा सभी गर्भवती महिलाओं की भी प्रसव पूर्व जांच के दौरान एचआईवी जांच की जाती है। अगर किसी गर्भवती में एचआईवी पाया जाता है तो उसके होने वाले बच्चे के एड्स संक्रमित होने की 20 फीसदी तक आशंका होती है, लेकिन समय पर महिला के इलाज से बच्चे का यह संक्रमण 10 फीसदी कम किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि एचआईवी वायरस के शरीर में प्रवेश करने के बाद कम से कम तीन माह बाद बीमारी के हल्के लक्षण दिखने शुरू होते हैं।
इस अवसर पर तारकेश्वर सिंह, सवेरा की अध्यक्ष मंजू सिंह, गौतम शर्मा, नीलम राय, विशाल जायसवाल, अरमान अहमद, कमल शंकर पांडेय, अश्वनी गुप्ता, अनुप कुमार गोंड, राकेश सिंह, विवेक यादव, मुन्नी देवी, विश्वजीत ओझा, हंसराज कुमार, अजीत प्रसाद सहित अन्य लोग मौजूद थे।
बचाव और जागरूकता ही एड्स का उपचार
पडरौना। हरैया बुजुर्ग स्थित सरदार पटेल महाविद्यालय परिसर में एनएसएस की तरफ से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि बचाव और जागरूकता ही एड्स का उपचार है।
प्राचार्य डॉ. रणजीत मल्ल ने कहा कि विश्व में करीब चार करोड़ लोग एचआईवी से प्रभावित हैं। यह एक ऐसी बीमारी है, जिसकी अभी तक कोई दवा नहीं बन सकी है। यदि इसके प्रति लोग जागरूक है, तो किसी दवा की जरूरत नही है। इसके बाद कार्यक्रम अधिकारी रवि मौर्य की अगुवाई में जागरूकता रैली निकाल कर लोगों को एड्स से बचाव आदि के बारे में लोगों को जागरूक किया गया। इस दौरान छत्रपाल सिंह, सत्येंद्र कुमार सिंह, राजपत प्रसाद, विष्णु प्रजापति, अनामिका सिंह, रामानंद प्रसाद आदि मौजूद रहे।
छात्रों ने पोस्टर एवं स्लोगन के जरिए किया जागरूक
कसया। विश्व एड्स दिवस पर नगर स्थित सेंट जेवियर्स हाईस्कूल के प्रांगण में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने पोस्टर एवं स्लोगन के जरिए लोगों को जागरूक किया। शुक्रवार को एड्स दिवस पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम के अवसर पर विद्यालय के कक्षा 9 व 10 के छात्र व छात्राओं ने एड्स से बचाव को रेखांकित करते हुए पोस्टर बनाये और उन पर एड्स जागरूकता के स्लोगन लिखे। पोस्टरों को समूह में खड़े होकर प्रदर्शित किया और एड्स से बचाव के बारे में अपनी प्रस्तुति दी। बताया कि एड्स मानव जीवन के लिए कैसे खतरनाक है और एड्स के खतरे से बचने के क्या उपाय है। बच्चों की शानदार प्रस्तुति की विद्यालय के प्रबन्धक मेघा गुप्ता, प्रधानाचार्य शाहिला बानो, अध्यापकगण व कर्मचारियों ने सराहना की। इस अवसर पर बच्चों सहित शिक्षकों ने लाल रंग का फीता लगाकर एड्स के जागरूकता चिह्न को प्रदर्शित किया।