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Kushinagar News: सिद्ध पीठ बगही धाम में निकाली शालिग्राम की यात्रा
Sat, 18 Jul 2026 01:55 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 18 Jul 2026 01:55 AM IST
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पकड़ियार बाजार। नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के सिद्धपीठ बगही धाम में भी जगन्नाथपुरी की तरह शुक्रवार को शालिग्राम की पालकी यात्रा निकाली गई। खानुछपरा, पंचफेड़ा व परसिया के मध्य स्थित सिद्धपीठ बगही धाम क्षेत्र के लोगों की आस्था का केंद्र है। जिस तरह उड़ीसा में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकलती है उसी तर्ज पर एक दिन बाद बगही धाम में प्रत्येक वर्ष आषाढ़ शुक्ल पक्ष की तृतीया को मंदिर से भगवान शालिग्रामकी पालकी यात्रा निकाली जाती है।
भगवान की मूर्ति को पालकी में सजा कर साधु-संत व गांव के लोग पालकी यात्रा निकालते हैं। पालकी मंदिर से पड़ोस के गांवों में ले जाई गई। जिस व्यक्ति के दरवाजे पर पालकी रुकी उस परिवार व अगल-बगल के लोगों ने पूजन, आरती के बाद भीगे चने और गुड़ का प्रसाद ग्रहण किया। पालकी जिस रास्ते से गुजरी, वहां के श्रद्धालु पालकी के साथ हो लिए। गांव का भ्रमण करने के बाद पुनः पालकी मंदिर परिसर पहुंची। मंदिर के गर्भ गृह में वैदिक मंत्रोच्चार के बाद भगवान शालिग्राम को सिंहासन पर विराजमान कराया गया। मंदिर के महंत विशंभर दास ने बताया कि करीब चार सौ वर्ष पहले यहां महंत रहे बद्रीनाथ दास ने जगन्नाथपुरी की रथ यात्रा से लौटने के बाद यह परंपरा शुरू की थी। तब से हर वर्ष यहां पालकी यात्रा निकाली जाती है। सिर्फ कोरोना काल में यात्रा नहीं निकाली गई थी।
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भगवान की मूर्ति को पालकी में सजा कर साधु-संत व गांव के लोग पालकी यात्रा निकालते हैं। पालकी मंदिर से पड़ोस के गांवों में ले जाई गई। जिस व्यक्ति के दरवाजे पर पालकी रुकी उस परिवार व अगल-बगल के लोगों ने पूजन, आरती के बाद भीगे चने और गुड़ का प्रसाद ग्रहण किया। पालकी जिस रास्ते से गुजरी, वहां के श्रद्धालु पालकी के साथ हो लिए। गांव का भ्रमण करने के बाद पुनः पालकी मंदिर परिसर पहुंची। मंदिर के गर्भ गृह में वैदिक मंत्रोच्चार के बाद भगवान शालिग्राम को सिंहासन पर विराजमान कराया गया। मंदिर के महंत विशंभर दास ने बताया कि करीब चार सौ वर्ष पहले यहां महंत रहे बद्रीनाथ दास ने जगन्नाथपुरी की रथ यात्रा से लौटने के बाद यह परंपरा शुरू की थी। तब से हर वर्ष यहां पालकी यात्रा निकाली जाती है। सिर्फ कोरोना काल में यात्रा नहीं निकाली गई थी।
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