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Kushinagar News: हाईवे पर तस्करों की तलाश, गांवों में बिक रहा नशे का सामान
Tue, 04 Aug 2026 02:08 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 04 Aug 2026 02:08 AM IST
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कुशीनगर/गुरवलिया बाजार। कुछ समय पहले एक वीडियो वायरल होने के बाद कसया में गुमटी लगाने वाली महिला को गांजा बेचते गिरफ्तार किया गया था। सुभाष चौक पर भोर से चाय की दुकान की आड़ में शराब और गांजे की बिक्री होती थी। पुलिस का शिकंजा कसने के बाद ठिकाना बदलकर आज भी भोर से धंधा चल रहा है। यह तो महज एक बानगी है। क्षेत्र के गांवों में खुलेआम नशे का सामान बिक रहा है और पुलिस नशा तस्करों को हाईवे पर तलाश कर रही है। क्षेत्र के गांवों में खुलेआम नशे का सामान बिक रहा है और पुलिस नशा तस्करों को हाईवे पर तलाश कर रही है।
क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि कस्बों में कथित तौर पर गांजा, नशे की गोलियां और कफ सिरप की फुटकर बिक्री हो रही हैं। पान, किराना और टॉफी-बिस्कुट की कुछ दुकानों पर गांजे की छोटी-छोटी पुड़िया आसानी से मिल जा रही हैं। चौक-चौराहों के आसपास कुछ अवैध क्लिनिक में नशीले सिरप और टैबलेट भी बिक रहे हैं। इसका सबसे ज्यादा असर किशोरों और युवाओं पर पड़ रहा है।
एक सप्ताह पूर्व दुदही नगर के मेडिकल स्टोर से कोडिन सिरप बिक्री का वीडियो वायरल हुआ था और डीएम तक शिकायत भी पहुंची थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की निगरानी अक्सर हाईवे और बड़े तस्करी नेटवर्क पर केंद्रित रहती है, लेकिन गांवों की छोटी दुकानों तक प्रभावी कार्रवाई नहीं पहुंच पाती।
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सुभाष चौक, बावली चौक, तिलक चौक, कठकुईया मोड़, छावनी के अलावा कसया कस्बे और तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के तुर्कपट्टी, महुअवा, बरवा राजापाकड़, खुदरा अहिरौली, सपही टड़वा, गुरवलिया बाजार, सरिसवां और गड़हिया समेत कई इलाके इस लिहाज से संवेदनशील हैं।
पूरे जिले तक फैला नेटवर्क
जानकारों का कहना है कि तुर्कपट्टी क्षेत्र पहले भी गांजा तस्करी को लेकर चर्चा में रहा है, लेकिन नशीले पदार्थों का नेटवर्क केवल इसी इलाके तक सीमित नहीं है। पूर्व में जिले और सीमावर्ती क्षेत्रों से जुड़े कई तस्कर अन्य जिलों और राज्यों में भी पकड़े जा चुके हैं। पुलिस रिकॉर्ड में भी अंतरराज्यीय गिरोहों के खुलासे सामने आते रहे हैं।
शराब और गांजा की अवैध बिक्री करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं। किसी भी कीमत पर अवैध तरीके से शराब, गांजा की बिक्री नहीं होने दी जाएगी। बीच-बीच में अभियान चलाकर कार्रवाई भी की जाती है। -सिद्धार्थ वर्मा, एएसपी कुशीनगर
मेडिकल स्टोर संचालकों को नशे की गोली या सिरप बिना डाॅक्टर की पर्ची बेचने से मना किया गया है। ड्रग्स एसोसिएशन के साथ इसके लिए बैठक भी की जाती है। अभियान चलाकर ऐसे मेडिकल स्टोर संचालकों पर कार्रवाई भी होती है। नशे की गोली बिना डाक्टर की पर्ची पर देने वाले मेडिकल स्टोर संचालकों पर कार्रवाई होगी। -दीपक पांडेय, ड्रग्स इंस्पेक्टर कुशीनगर
डाक्टर और छात्रों ने ली नशा मुक्ति की शपथ
पडरौना। नशा मुक्ति पखवारे में मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से अभियान चलाया गया है। मेडिकल कॉलेज कैंपस हरका में छात्रों, डाक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों को नशा मुक्ति के लिए प्राचार्य डॉ. केपी गोंड़ ने शपथ दिलाई। कैंपस में सफाई की गई। प्राचार्य ने बताया कि नशा मुक्ति के खिलाफ युवा पीढ़ी को बचाना जरूरी है। यह सबकी जिम्मेदारी हैं, नशा शरीर को खोखला बना देती है, सोचने समझने की शक्ति कमजोर हो जाती है। छात्रों को नशे से दूर रहने की नसीहत देते हुए कहा कि आने वाले मरीजों और तीमारदारों को भी इलाज के साथ-साथ डाक्टर समझाएं, ताकि लोग नशा के खिलाफ अभियान चलाए और नशे की दलदल में फंस रही नई पीढ़ी को बचाया जा सके। इस दौरान डॉ. नरोत्तम समदर्शी,डॉ. सुधांशु शेखर,डॉ.सुभाष गुप्ता,डॉ. राकेश खा, डॉ. प्रतीक कुमार, डॉ. प्रिंस पटेल,डॉ. सुभाष समांता, डॉ. योगेश बंसल, डॉ. स्नेह, डॉ. सुनील मिश्रा, डॉ. ओमप्रकाश, डॉ. सुजीत माथुर आदि मौजूद रहे। संवाद
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क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि कस्बों में कथित तौर पर गांजा, नशे की गोलियां और कफ सिरप की फुटकर बिक्री हो रही हैं। पान, किराना और टॉफी-बिस्कुट की कुछ दुकानों पर गांजे की छोटी-छोटी पुड़िया आसानी से मिल जा रही हैं। चौक-चौराहों के आसपास कुछ अवैध क्लिनिक में नशीले सिरप और टैबलेट भी बिक रहे हैं। इसका सबसे ज्यादा असर किशोरों और युवाओं पर पड़ रहा है।
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एक सप्ताह पूर्व दुदही नगर के मेडिकल स्टोर से कोडिन सिरप बिक्री का वीडियो वायरल हुआ था और डीएम तक शिकायत भी पहुंची थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की निगरानी अक्सर हाईवे और बड़े तस्करी नेटवर्क पर केंद्रित रहती है, लेकिन गांवों की छोटी दुकानों तक प्रभावी कार्रवाई नहीं पहुंच पाती।
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सुभाष चौक, बावली चौक, तिलक चौक, कठकुईया मोड़, छावनी के अलावा कसया कस्बे और तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के तुर्कपट्टी, महुअवा, बरवा राजापाकड़, खुदरा अहिरौली, सपही टड़वा, गुरवलिया बाजार, सरिसवां और गड़हिया समेत कई इलाके इस लिहाज से संवेदनशील हैं।
पूरे जिले तक फैला नेटवर्क
जानकारों का कहना है कि तुर्कपट्टी क्षेत्र पहले भी गांजा तस्करी को लेकर चर्चा में रहा है, लेकिन नशीले पदार्थों का नेटवर्क केवल इसी इलाके तक सीमित नहीं है। पूर्व में जिले और सीमावर्ती क्षेत्रों से जुड़े कई तस्कर अन्य जिलों और राज्यों में भी पकड़े जा चुके हैं। पुलिस रिकॉर्ड में भी अंतरराज्यीय गिरोहों के खुलासे सामने आते रहे हैं।
शराब और गांजा की अवैध बिक्री करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं। किसी भी कीमत पर अवैध तरीके से शराब, गांजा की बिक्री नहीं होने दी जाएगी। बीच-बीच में अभियान चलाकर कार्रवाई भी की जाती है। -सिद्धार्थ वर्मा, एएसपी कुशीनगर
मेडिकल स्टोर संचालकों को नशे की गोली या सिरप बिना डाॅक्टर की पर्ची बेचने से मना किया गया है। ड्रग्स एसोसिएशन के साथ इसके लिए बैठक भी की जाती है। अभियान चलाकर ऐसे मेडिकल स्टोर संचालकों पर कार्रवाई भी होती है। नशे की गोली बिना डाक्टर की पर्ची पर देने वाले मेडिकल स्टोर संचालकों पर कार्रवाई होगी। -दीपक पांडेय, ड्रग्स इंस्पेक्टर कुशीनगर
डाक्टर और छात्रों ने ली नशा मुक्ति की शपथ
पडरौना। नशा मुक्ति पखवारे में मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से अभियान चलाया गया है। मेडिकल कॉलेज कैंपस हरका में छात्रों, डाक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों को नशा मुक्ति के लिए प्राचार्य डॉ. केपी गोंड़ ने शपथ दिलाई। कैंपस में सफाई की गई। प्राचार्य ने बताया कि नशा मुक्ति के खिलाफ युवा पीढ़ी को बचाना जरूरी है। यह सबकी जिम्मेदारी हैं, नशा शरीर को खोखला बना देती है, सोचने समझने की शक्ति कमजोर हो जाती है। छात्रों को नशे से दूर रहने की नसीहत देते हुए कहा कि आने वाले मरीजों और तीमारदारों को भी इलाज के साथ-साथ डाक्टर समझाएं, ताकि लोग नशा के खिलाफ अभियान चलाए और नशे की दलदल में फंस रही नई पीढ़ी को बचाया जा सके। इस दौरान डॉ. नरोत्तम समदर्शी,डॉ. सुधांशु शेखर,डॉ.सुभाष गुप्ता,डॉ. राकेश खा, डॉ. प्रतीक कुमार, डॉ. प्रिंस पटेल,डॉ. सुभाष समांता, डॉ. योगेश बंसल, डॉ. स्नेह, डॉ. सुनील मिश्रा, डॉ. ओमप्रकाश, डॉ. सुजीत माथुर आदि मौजूद रहे। संवाद