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Kushinagar News: वैज्ञानिकों ने रॉकेट और कैनसैट का डिजाइन परखा
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जगदीश पब्लिक स्कूल मे स्वनिर्मित राकेटो की जांच कराते प्रतिभागी छात्र।
तमकुहीरोड। इन-स्पेस नारायणी रॉकेट्री कप-2026 में देशभर से पहुंचे 530 युवा वैज्ञानिक अपनी प्रतिभा और तकनीकी कौशल का प्रदर्शन कर रहे हैं। शनिवार को प्रतियोगिता में विद्यार्थियों की ओर से तैयार मॉडल रॉकेट और कैनसैट की वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने तकनीकी समीक्षा की। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों से सवाल पूछे और मॉडलों को बेहतर बनाने के सुझाव दिए।
तकनीकी समीक्षा के लिए वरिष्ठ वैज्ञानिकों की पांच-पांच सदस्यीय दो टीमें गठित की गई थीं। दोनों टीमों ने अलग-अलग कक्षों में विद्यार्थियों के मॉडलों का बारीकी से परीक्षण किया। वैज्ञानिकों ने मॉडल की तकनीकी संरचना और डिजाइन परखने के साथ उसकी कार्यप्रणाली और प्रयोग से जुड़े पहलुओं पर भी सवाल किए। विद्यार्थियों ने अपने प्रयोगों के पीछे की वैज्ञानिक अवधारणा समझाई और विशेषज्ञों के सवालों के जवाब दिए।
देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे प्रतिभागियों के लिए यह अपने नवाचार और वैज्ञानिक सोच को विशेषज्ञों के सामने प्रस्तुत करने का अवसर रहा। समीक्षा के दौरान मिली तकनीकी सलाह से विद्यार्थियों को अपने मॉडलों की खूबियों और कमियों को समझने तथा उनमें जरूरी सुधार करने का मौका मिला। प्रतियोगिता में मॉडल तैयार करने से लेकर उसकी तकनीकी कार्यप्रणाली समझाने तक युवा वैज्ञानिकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
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फाउंडेशन के निदेशक मनीष बजाज ने बताया कि प्रतियोगिता में कुल 530 युवा वैज्ञानिक हिस्सा ले रहे हैं। इनमें 370 पुरुष और 160 महिला प्रतिभागी शामिल हैं। देवरिया के सांसद शशांक मणि ने भी युवा वैज्ञानिकों से मुलाकात की और रविवार को होने वाले रॉकेट प्रक्षेपण के संबंध में चर्चा की।
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तकनीकी समीक्षा के लिए वरिष्ठ वैज्ञानिकों की पांच-पांच सदस्यीय दो टीमें गठित की गई थीं। दोनों टीमों ने अलग-अलग कक्षों में विद्यार्थियों के मॉडलों का बारीकी से परीक्षण किया। वैज्ञानिकों ने मॉडल की तकनीकी संरचना और डिजाइन परखने के साथ उसकी कार्यप्रणाली और प्रयोग से जुड़े पहलुओं पर भी सवाल किए। विद्यार्थियों ने अपने प्रयोगों के पीछे की वैज्ञानिक अवधारणा समझाई और विशेषज्ञों के सवालों के जवाब दिए।
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देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे प्रतिभागियों के लिए यह अपने नवाचार और वैज्ञानिक सोच को विशेषज्ञों के सामने प्रस्तुत करने का अवसर रहा। समीक्षा के दौरान मिली तकनीकी सलाह से विद्यार्थियों को अपने मॉडलों की खूबियों और कमियों को समझने तथा उनमें जरूरी सुधार करने का मौका मिला। प्रतियोगिता में मॉडल तैयार करने से लेकर उसकी तकनीकी कार्यप्रणाली समझाने तक युवा वैज्ञानिकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
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फाउंडेशन के निदेशक मनीष बजाज ने बताया कि प्रतियोगिता में कुल 530 युवा वैज्ञानिक हिस्सा ले रहे हैं। इनमें 370 पुरुष और 160 महिला प्रतिभागी शामिल हैं। देवरिया के सांसद शशांक मणि ने भी युवा वैज्ञानिकों से मुलाकात की और रविवार को होने वाले रॉकेट प्रक्षेपण के संबंध में चर्चा की।