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‘वैश्विक चुनौतियों को ध्यान में रखकर बनाई गई है नई शिक्षा नीति’
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‘वैश्विक चुनौतियों को ध्यान में रखकर बनाई गई है नई शिक्षा नीति’
- उदित नारायण स्नात्तकोत्तर महाविद्यालय में संगोष्ठी का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। नगर के उदित नारायण स्नात्तकोत्तर महाविद्यालय में शिक्षा शास्त्र विभाग और आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ की संगोष्ठी हुई। बृहस्पतिवार को वक्ताओं ने कहा कि नई शिक्षा नीति वैश्विक चुनौतियों को ध्यान में रखकर बनाई गई है।
संगोष्ठी की अध्यक्षता कॉलेज की प्राचार्य डॉ. ममता मणि त्रिपाठी ने की। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रोफेसर बृजेश कुमार पांडेय ने बताया कि सरकार की राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 वर्ष 1986 के बाद के 24 साल बाद कोरोना संक्रमण काल में आई। इस नीति के जरिए सरकार की पिछली नीति के प्रावधानों में आमूल चूल परिवर्तन किया गया है। यह नीति 21वीं सदी के भारत की सामाजिक-आर्थिक आवश्यकताओं और वैश्विक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है। यह नीति अवश्य ही देश को नई दिशा देगी। संचालन समाज शास्त्र के विभागाध्यक्ष डॉ. नरेंद्र त्रिपाठी ने किया। इस दौरान डॉ. विजेंद्र सिंह, डॉ आशुतोष सिंह, अजीत जायसवाल, अंगद प्रसाद, मनीष सिंह, समशेर मल्ल, प्रदीप मोदनवाल, रिजवान अली आदि मौजूद रहे।
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- उदित नारायण स्नात्तकोत्तर महाविद्यालय में संगोष्ठी का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। नगर के उदित नारायण स्नात्तकोत्तर महाविद्यालय में शिक्षा शास्त्र विभाग और आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ की संगोष्ठी हुई। बृहस्पतिवार को वक्ताओं ने कहा कि नई शिक्षा नीति वैश्विक चुनौतियों को ध्यान में रखकर बनाई गई है।
संगोष्ठी की अध्यक्षता कॉलेज की प्राचार्य डॉ. ममता मणि त्रिपाठी ने की। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रोफेसर बृजेश कुमार पांडेय ने बताया कि सरकार की राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 वर्ष 1986 के बाद के 24 साल बाद कोरोना संक्रमण काल में आई। इस नीति के जरिए सरकार की पिछली नीति के प्रावधानों में आमूल चूल परिवर्तन किया गया है। यह नीति 21वीं सदी के भारत की सामाजिक-आर्थिक आवश्यकताओं और वैश्विक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है। यह नीति अवश्य ही देश को नई दिशा देगी। संचालन समाज शास्त्र के विभागाध्यक्ष डॉ. नरेंद्र त्रिपाठी ने किया। इस दौरान डॉ. विजेंद्र सिंह, डॉ आशुतोष सिंह, अजीत जायसवाल, अंगद प्रसाद, मनीष सिंह, समशेर मल्ल, प्रदीप मोदनवाल, रिजवान अली आदि मौजूद रहे।
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