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Kushinagar News: पांचवीं की मान्यता पर जूनियर और हाईस्कूल तक की कक्षाओं का संचालन
Tue, 29 Apr 2025 12:52 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 29 Apr 2025 12:52 AM IST
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पडरौना/मंसाछापर। विशुनपुरा ब्लॉक में पांचवीं की मान्यता पर जूनियर और हाईस्कूल तक चलने वाले दो विद्यालयों को बीईओ ने बंद कराया। यहां पढ़ने वाले बच्चों को पास के सरकारी स्कूलों में नामांकन कराने का निर्देश दिया। यह दोनों विद्यालय काफी दिनों से संचालित हो रहे थे। शिकायत के बाद कार्रवाई की गई है।
बीईओ जयंत भारती सोमवार को पीडी चिल्ड्रेन पब्लिक स्कूल पिपरा बुजुर्ग पहुंचे। उन्होंने संचालक से मान्यता के कागज मांगे तो वह पांचवीं तक की मान्यता के कागजात ही दिखा सके, जबकि विद्यालय में 10वीं तक के बच्चों का नामांकन हुआ था और पढ़ाई भी हो रही थी। बीईओ ने जूनियर कक्षाओं को बंद करने को कहा तो संचालक ने बीएसए कार्यालय में तैनात एक चर्चित बाबू का नाम लिया। इस पर बीईओ ने ऊपर तक शिकायत होने की बात कहकर स्कूल को बंद करा दिया और विद्यार्थियों को घर भिजवा दिया। बीईओ ने दोबारा छह से 10 की कक्षाओं का संचालन नहीं करने की चेतावनी दी। इसके बाद वह पिपरा बुजुर्ग के बालिका विद्यालय पहुंचे। अभिलेख देखने के बाद पता चला कि पांचवीं तक अस्थाई मान्यता है, लेकिन आठ तक कक्षाएं संचालित हो रही हैं। यहां भी छह से आठवीं तक की कक्षाओं को बंद कराकर बच्चों को बीईओ ने घर भिजवा दिया। उन्होंने संचालक को मान्यता के अनुरुप ही कक्षाओं को संचालन करने को कहा। बीएसए कार्यालय के बाबुओं के शह पर जिले में यह खेल काफी दिनों से चल रहा है। उच्चाधिकारियों तक मामला पहुंचता है तो ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों को बंद कराकर कार्रवाई की रिपोर्ट भेज दी जाती है, लेकिन मानक को दरकिनार कर स्कूलों के संचालन पर रोक नहीं लग पा रही है।
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बीईओ जयंत भारती सोमवार को पीडी चिल्ड्रेन पब्लिक स्कूल पिपरा बुजुर्ग पहुंचे। उन्होंने संचालक से मान्यता के कागज मांगे तो वह पांचवीं तक की मान्यता के कागजात ही दिखा सके, जबकि विद्यालय में 10वीं तक के बच्चों का नामांकन हुआ था और पढ़ाई भी हो रही थी। बीईओ ने जूनियर कक्षाओं को बंद करने को कहा तो संचालक ने बीएसए कार्यालय में तैनात एक चर्चित बाबू का नाम लिया। इस पर बीईओ ने ऊपर तक शिकायत होने की बात कहकर स्कूल को बंद करा दिया और विद्यार्थियों को घर भिजवा दिया। बीईओ ने दोबारा छह से 10 की कक्षाओं का संचालन नहीं करने की चेतावनी दी। इसके बाद वह पिपरा बुजुर्ग के बालिका विद्यालय पहुंचे। अभिलेख देखने के बाद पता चला कि पांचवीं तक अस्थाई मान्यता है, लेकिन आठ तक कक्षाएं संचालित हो रही हैं। यहां भी छह से आठवीं तक की कक्षाओं को बंद कराकर बच्चों को बीईओ ने घर भिजवा दिया। उन्होंने संचालक को मान्यता के अनुरुप ही कक्षाओं को संचालन करने को कहा। बीएसए कार्यालय के बाबुओं के शह पर जिले में यह खेल काफी दिनों से चल रहा है। उच्चाधिकारियों तक मामला पहुंचता है तो ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों को बंद कराकर कार्रवाई की रिपोर्ट भेज दी जाती है, लेकिन मानक को दरकिनार कर स्कूलों के संचालन पर रोक नहीं लग पा रही है।
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