{"_id":"606ca3a38ebc3e8c8e61caf6","slug":"rozgar-kushinagar-news-gkp3910786153","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुबई में फंसे छह में से चार लोग दिल्ली पहुंचे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुबई में फंसे छह में से चार लोग दिल्ली पहुंचे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दुबई में फंसे छह में से चार लोग दिल्ली पहुंचे
आज घर पहुंचने की उम्मीद, एजेंट के अनुसार सभी वर्क वीजा पर भेजे गए थे दुबई
संवाद न्यूज एजेंसी
खड्डा। रोजगार के लिए दुबई गए भैंसहा गांव के जिन छह लोगों को वहां फंसा होना बताया जा रहा था, उसमें से चार लोग मंगलवार को दिल्ली एयरपोर्ट पहुंच गए। बुधवार को इन लोगों के घर पहुंचने की उम्मीद है। इन्हें वहां भेजने वाले एजेंट का कहना है सभी छह लोग वर्क वीजा पर फरवरी में दुबई गए थे और अपनी मर्जी से ही स्वदेश लौटे हैं। सभी हेल्पर का काम करने वहां गए थे।
खड्डा विकास खंड के ग्राम सभा भैंसहा निवासी मनोज कन्नौजिया, प्रभु निषाद, खुशबू, जयप्रकाश, रमेश यादव व मनोज यादव बीते फरवरी में दुबई गए थे। परिजनों ने बताया कि दुबई में इन सभी को मजदूरी के काम में लगा दिया गया। बाद में अच्छा काम दिलाने के नाम पर प्रति व्यक्ति 60 हजार रुपये की मांग की जाने लगी। दुबई भेजने वाले स्थानीय एजेंट से संपर्क भी नहीं हो रहा है। मन मुताबिक काम नहीं मिलने व दुबारा धन की मांग से परेशान लोगों ने अपने परिजनों को इसकी सूचना देकर दुबई में फंसाए जाने की जानकारी देकर घर वापस बुलाने के लिए प्रयास करने को कहा। परिजनों ने सांसद विजय कुमार दूबे को इसकी सूचना देकर मदद की मांग की थी। दुबई गए जयप्रकाश के पुत्र दयानंद यादव ने बताया कि छह में से चार लोगों को वापस बुलाने के लिए हवाई जहाज का किराया भेजा गया है। इसमें से मनोज यादव, जयप्रकाश यादव, मनोज कन्नौजिया व प्रभु निषाद मंगलवार को दुबई से हवाई जहाज से दिल्ली पहुंच गए हैं। वहां से किसी साधन से बुधवार की सुबह तक घर आने की उम्मीद है। खुशबू व रमेश यादव अभी दुबई में ही हैं।
वहीं इन लोगों को विदेश भेजने वाले ट्रेवल एजेंट मोहन ने दूरभाष पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि सभी लोग वर्क वीजा पर दुबई भेजा था। इन्हें हेल्पर के तौर पर काम करने के लिए वहां भेजा गया था। इनमें से एक व्यक्ति के परिजन चुनाव की घोषणा होने के बाद से अपने घर के लड़के को वापस बुलाने की मांग कर रहे थे। बाद में इन लोगों ने वहां फंसा होने की बात कहकर हल्ला करना शुरू कर दिया। एजेंट का कहना है कि जरूरत पड़ी तो वह भी प्रशासन के सामने अपना पक्ष रखेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
आज घर पहुंचने की उम्मीद, एजेंट के अनुसार सभी वर्क वीजा पर भेजे गए थे दुबई
संवाद न्यूज एजेंसी
खड्डा। रोजगार के लिए दुबई गए भैंसहा गांव के जिन छह लोगों को वहां फंसा होना बताया जा रहा था, उसमें से चार लोग मंगलवार को दिल्ली एयरपोर्ट पहुंच गए। बुधवार को इन लोगों के घर पहुंचने की उम्मीद है। इन्हें वहां भेजने वाले एजेंट का कहना है सभी छह लोग वर्क वीजा पर फरवरी में दुबई गए थे और अपनी मर्जी से ही स्वदेश लौटे हैं। सभी हेल्पर का काम करने वहां गए थे।
खड्डा विकास खंड के ग्राम सभा भैंसहा निवासी मनोज कन्नौजिया, प्रभु निषाद, खुशबू, जयप्रकाश, रमेश यादव व मनोज यादव बीते फरवरी में दुबई गए थे। परिजनों ने बताया कि दुबई में इन सभी को मजदूरी के काम में लगा दिया गया। बाद में अच्छा काम दिलाने के नाम पर प्रति व्यक्ति 60 हजार रुपये की मांग की जाने लगी। दुबई भेजने वाले स्थानीय एजेंट से संपर्क भी नहीं हो रहा है। मन मुताबिक काम नहीं मिलने व दुबारा धन की मांग से परेशान लोगों ने अपने परिजनों को इसकी सूचना देकर दुबई में फंसाए जाने की जानकारी देकर घर वापस बुलाने के लिए प्रयास करने को कहा। परिजनों ने सांसद विजय कुमार दूबे को इसकी सूचना देकर मदद की मांग की थी। दुबई गए जयप्रकाश के पुत्र दयानंद यादव ने बताया कि छह में से चार लोगों को वापस बुलाने के लिए हवाई जहाज का किराया भेजा गया है। इसमें से मनोज यादव, जयप्रकाश यादव, मनोज कन्नौजिया व प्रभु निषाद मंगलवार को दुबई से हवाई जहाज से दिल्ली पहुंच गए हैं। वहां से किसी साधन से बुधवार की सुबह तक घर आने की उम्मीद है। खुशबू व रमेश यादव अभी दुबई में ही हैं।
विज्ञापन
वहीं इन लोगों को विदेश भेजने वाले ट्रेवल एजेंट मोहन ने दूरभाष पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि सभी लोग वर्क वीजा पर दुबई भेजा था। इन्हें हेल्पर के तौर पर काम करने के लिए वहां भेजा गया था। इनमें से एक व्यक्ति के परिजन चुनाव की घोषणा होने के बाद से अपने घर के लड़के को वापस बुलाने की मांग कर रहे थे। बाद में इन लोगों ने वहां फंसा होने की बात कहकर हल्ला करना शुरू कर दिया। एजेंट का कहना है कि जरूरत पड़ी तो वह भी प्रशासन के सामने अपना पक्ष रखेगा।
विज्ञापन