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Kushinagar News: रिंगबांध क्षतिग्रस्त, जलस्तर बढ़ने पर गंडक नदी मचाती है तबाही

Fri, 30 Jun 2023 12:21 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Fri, 30 Jun 2023 12:21 AM IST
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ringbandh damage
छितौनी व बलुआ गांव के बीच बांध से पानी बहने के चलते नाला बन गया है,यह बरसात में ढाता है तबाही ।
खड्डा तहसील क्षेत्र के कई गांवों व फसलों की सुरक्षा के लिए बनाया गया था बंधा
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गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने पर पानी घुसकर मचाता है तांडव
आसन्न बाढ़ को लेकर लोग चिंतित हैं ग्रामीण

संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना/खड्डा। छितौनी कस्बा सहित कई गांवों की 55 हजार से ज्यादा आबादी को गंडक नदी की बाढ़ से बचाव के लिए तीन दशक पहले बना साढे़ चार किलोमीटर लंबा छितौनी-दरगौंली बांध पूरी तरह ध्वस्त हो गया है। गंडक नदी उफान पर होती है तो बिहार सीमा से होकर पानी विकास खंड के गांवोंं व कस्बे तथा सड़कों को डुबो देता है। लोग काफी समय से इसे दुरुस्त करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। बरसात का मौसम शुरू होते ही ग्रामीण बाढ़ की आशंका से भयभीत हैं।
नगर पंचायत छितौनी के बोधी माई देवी मंदिर व बिहार के श्रीपतनगर गांव के पास से नरकहवां के आगे कटाई भरपुरवा बांध तक छितौनी-दरगौली गाइड बांध सिचाई विभाग ने बनाया था। इसके पीछे सोच थी कि बाढ़ का पानी बिहार सीमा से होकर यूपी सीमा में न आए। निर्माण के समय ही आधा अधूरा कार्य किया गया और लगभग पांच जगहों पर बांध का कुछ हिस्सा बिना निर्माण के ही छोड़ दिया गया। अब तक इस बांध की सुध नहीं ली गई। वर्तमान में यह बांध पूरी तरह ध्वस्त हो गया है।
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छितौनी कस्बा व ग्राम सभा नरकहवा के बलुआ टोला के पास लगभग सौ मीटर हिस्सा बना ही नहीं। हर साल पानी के बहाव से यह खाली जगह नाले में तब्दील हो जाता है। जब नदी में बाढ़ आती है और बिहार की सीमा में पानी भरता है तो इस रास्ते पानी बलुआ टोला, छितौनी कस्बा में पहुंचकर एनएच 727 पर बने चलंतवा पुल (ड्रेन में) समा जाता है। इससे आसपास के खेत व गांव जलमग्न हो जाते हैं।
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छितौनी से नरकहवा जाने वाली सड़क पर जगह जगह पानी भरने से आवागमन प्रभावित हो जाता है। बड़हरवा टोला, छोटका नरकहवा व नरकहवा गांव के घरों में पानी घुस जाता है। इस साल भी बाढ़ आने का समय हो गया है। लोग आने वाली बाढ़ के नुकसान के अंदेशा से सहमे हुए हैं।



छितौनी-तमकुही निर्माणाधीन रेल लाइन का बांध टूटने से भर जाता है पानी

छितौनी से तमकुही तक प्रस्तावित रेल लाइन के लिए कुछ साल पहले बिहार सीमा में सेमरा लबेदहा पंचायत तक बांध बनाया गया था। यह छितौनी-दरगौली रिंग बांध के आगे होने के चलते बाढ़ का पानी इधर आने की आशंका कम हो गई थी, लेकिन अचानक नदी ने बांध को तोड़ दिया, जिसे अभी तक भरा नहीं जा सका है। इस रास्ते पानी तेजी से छितौनी-दरगौली बांध के पार यूपी क्षेत्र में प्रवेश कर तबाही मचाता है।



ग्रामीण बोले, आजिज आ गए हैं इस परेशानी से
बाढ़ के पानी से परेशान बलुआ टोला निवासी अजय कुशवाहा, दुर्गावती देवी, कलावती देवी, लवंगी देवी, सुशीला देवी, अनिता, झुन्नू पांडेय, अशोक, रंजीत आदि का कहना है कि बाढ़ का पानी सीधे बांध के खाली जगह से प्रवेश करता है और घरों में घुस जाता है। धारा से जगह जगह बड़े बड़े गड्ढे हो गए हैं। तेज बहाव में कई बार बच्चे डूबने लगते हैं। हालांकि, उन्हें समय रहते बचा लिया गया है, फिर भी भय बरकरार है। बांध की मरम्मत कर बना दिया जाए तो हर वर्ष बड़ी त्रासदी से राहत मिल जाएगी।


वर्जन-
यह बांध बहुत पहले बना था। उस समय क्यों पूरा कार्य नहीं हुआ, पता नहीं है। इसके नवनिर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार कराकर शासन को भेजा जाएगा, ताकि इस बांध के रास्ते बिहार का पानी छितौनी की तरफ न आ पाए, जिससे जनता को राहत मिल सके।
-मनोरंजन चौधरी, एसडीओ, बाढ़खंड
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