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Kushinagar News: लाखों खर्च कर बनाए अमृत सरोवर, रखरखाव के अभाव में बदहाल

Wed, 23 Sep 2026 01:44 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 23 Sep 2026 01:44 AM IST
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'Amrit Sarovars' built at a cost of lakhs lie in a dilapidated state due to lack of maintenance.
बदहाल अमृत सरोवर।
मंसाछापर। जल संरक्षण, भूजल रिचार्ज और ग्रामीणों को बेहतर सार्वजनिक सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गांवों में लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए अमृत सरोवर अब रखरखाव के अभाव में अपनी उपयोगिता खोते जा रहे हैं। निर्माण के समय तालाबों की खोदाई, सुंदरीकरण, पाथवे, सीढ़ियां और बैठने की व्यवस्था पर धन खर्च किया गया लेकिन नियमित साफ-सफाई और देखरेख नहीं होने से कई सरोवरों की स्थिति खराब हो रही है। कहीं गंदगी का अंबार है तो कहीं घास-फूस और झाड़ियां उग आई हैं।
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विशुनपुरा ब्लॉक के बलकुड़िया गांव में वित्तीय वर्ष 2022-23 में करीब 12 लाख रुपये की लागत से अमृत सरोवर का निर्माण कराया गया था। निर्माण के समय ग्रामीणों को उम्मीद थी कि इससे जल संरक्षण के साथ टहलने और बैठने की सुविधा भी मिलेगी। वर्तमान में सरोवर के आसपास गंदगी और घास-फूस दिखाई दे रही है। जगह-जगह झाड़ियां उग आई हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण के बाद नियमित देखरेख पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। साफ-सफाई के अभाव में सरोवर परिसर धीरे-धीरे बदहाल होता जा रहा है। ग्रामीणों ने नियमित सफाई और परिसर के रखरखाव की व्यवस्था कराने की मांग की है।
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विशुनपुरा ब्लॉक के डुमरी गांव में भी अमृत सरोवर का निर्माण कराया गया है। जल संरक्षण और ग्रामीणों की सुविधा के लिए तैयार कराए गए इस सरोवर में भी नियमित साफ-सफाई नहीं होने से गंदगी और घास-फूस बढ़ रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि योजना का उद्देश्य केवल सरोवर का निर्माण कराना नहीं, बल्कि उसका नियमित रखरखाव कर लंबे समय तक ग्रामीणों को लाभ पहुंचाना भी है। लोगों ने सरोवर की सफाई कराने और परिसर को उपयोगी बनाने की मांग की है।


बंगाली पट्टी में पाथवे और परिसर की देखरेख पर सवाल

पडरौना ब्लॉक के बंगाली पट्टी गांव में वित्तीय वर्ष 2022-23 में अमृत सरोवर का निर्माण कराया गया था। जल संरक्षण के साथ ग्रामीणों के टहलने और बैठने की सुविधा के लिए विकसित किए गए सरोवर की स्थिति अब खराब होती जा रही है। ग्रामीणों के मुताबिक सरोवर की नियमित सफाई नहीं होती है। ग्रामीणों का कहना है कि कभी-कभार सफाई होने से पूरे साल परिसर की व्यवस्था ठीक नहीं रह पाती। पाथवे और आसपास के हिस्से में भी नियमित देखरेख की जरूरत है। लोगों ने सरोवर की नियमित सफाई और सुविधाओं को दुरुस्त कराने की मांग की है।


बरहज में भी सफाई के अभाव में बढ़ी गंदगी

पडरौना ब्लॉक के बरहज गांव में भी वित्तीय वर्ष 2022-23 में अमृत सरोवर का निर्माण कराया गया था। इसे जल संरक्षण के साथ ग्रामीणों के लिए उपयोगी सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित किया गया था। मगर नियमित साफ-सफाई और रखरखाव के अभाव में यहां भी स्थिति खराब होती जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार समय पर सफाई नहीं होने से घास-फूस और गंदगी बढ़ जाती है। टहलने और बैठने की सुविधाएं भी अपेक्षा के अनुरूप उपयोगी नहीं हैं। ग्रामीणों ने सरोवर की नियमित सफाई, परिसर के सुंदरीकरण और बैठने-टहलने की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है।



निर्माण के बाद रखरखाव पर उठ रहे सवाल

ग्रामीणों का कहना है कि अमृत सरोवरों के निर्माण पर लाखों रुपये खर्च किए गए, लेकिन निर्माण के बाद नियमित निगरानी और रखरखाव की व्यवस्था कमजोर पड़ गई। कभी-कभार होने वाली सफाई से समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों ने जिम्मेदार विभाग से नियमित निगरानी और साफ-सफाई कराने की मांग की है, ताकि अमृत सरोवरों का उद्देश्य पूरा हो सके।
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