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कुशीनगर: किराया तो बढ़ाया, सुविधाएं जस की तस
Wed, 08 Feb 2023 11:44 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 08 Feb 2023 11:44 PM IST
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किराया तो बढ़ाया, सुविधाएं जस की तस
- रोडवेज बसों की फटी सीट और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में सफर कर रहे यात्री
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना/ कसया। रोडवेज बसों का बढ़ा हुआ किराया लागू हो गया है। जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ने से यात्री परेशान हैं। यात्रियों का कहना है कि परिहवन निगम ने किराया तो बढ़ा दिया है, सुविधाएं भी बढ़ाएं। तब कहीं जाकर इसका लाभ मिल सकेगा। पडरौना डिपो पर यात्रियों के लिए न तो बुनियादी सुविधाएं हैं, न ही शाम ढलने के बाद बसों के मिलने का कोई ठिकाना है। बसों के शीशे टूट हैं तो सीट की भी हालत खराब है।
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने रोडवेज की साधारण बसों का किराया सोमवार आधी रात के बाद से 25 पैसे बढ़ा दिया। पहले 1.05 रुपये प्रतिकिलोमीटर किराया चुकाकर यात्री सफर करते थे। नए किराए के अनुसार हर यात्री को प्रति किमी 1.30 रुपये का भुगतान करना होगा। जनरथ एसी (तीन सीट और दो सीट) से प्रति किलोमीटर का 1.64 रुपये किराया देना पड़ेगा। जनरथ (दो सीटर) का प्रति किलोमीटर किराया 1.94 रुपये निर्धारित है। वातानुकूलित स्लीपर बस का प्रति किलोमीटर किराया 2.59 रुपये है। हाई एंड वाल्वो और स्कैनिया बसों का प्रति किलोमीटर किराया 2.67 रुपये प्रति किमी हो गया है।
इस तरह से बढ़ा है प्रति किमी किराया
वर्ष किराया (रुपये)
2023 1.30
2020 1.05
2017 0.95
2016 0.86
2014 0.81
2013 0.78
2012 0. 70
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यह होनी चाहिए सुविधा
- महिलाओं के लिए अलग से शौचालय हों, सुरक्षा की व्यवस्था हो।
- बस डिपो पर छांव के साथ बेंच, कुर्सी लगी हो। लोगों के लिए पेयजल का बूथ बनाया गया हो। स्वच्छ पीने का पानी उपलब्ध हो।
- बस अड्डे के एक किमी के दायरे में प्राइवेट बसों का संचालन नहीं होना चाहिए।
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प्रतिक्रिया
बसों का किराया बढ़ने से जेब पर असर पड़ा है। बसों की हालत सुधरी नहीं है। सीट से लेकर अन्य सुविधाएं भी बढ़ाई जानी चाहिए।
इंद्रजीत, यात्री
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किराया भले ही बढ़ा दिया गया है, लेकिन खटारा बसों से ही सफर करना होगा। यदि अधिक पैसा लिया जा रहा है तो रोडवेज को चाहिए कि सुविधाएं भी बढ़ाएं।
बूटन यादव, यात्री
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मैं सीतापुर से आ रहा हूं। बसों की हालत देख लीजिए। इनके बस स्टाप और डिपो पर साफ-सफाई का इंतजाम नहीं है। यात्री परेशान होते हैं।
मयंकेश्वर चौधरी, यात्री
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किराया तभी बढ़ाया जाना चाहिए था, जब डीजल के दाम बढ़े थे। इस समय किराया बढ़ाया जाना जनहित में नहीं है। प्रदेश सरकार को इस पर विचार करना चाहिए।
प्रशांत किशोर, यात्री
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बढ़ा हुआ किराया लागू कर दिया गया है। बसों में सफर के दौरान टिकट लेने पर लोग नए किराए का भुगतान कर रहे हैं। पडरौना बस डिपो को नए तरीके से बनाया जाएगा। इसकी प्रक्रिया लंबित है। जल्द ही इसे पूरा करा लिया जाएगा।
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बिंदू प्रसाद, एआरएम, पडरौना
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- रोडवेज बसों की फटी सीट और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में सफर कर रहे यात्री
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना/ कसया। रोडवेज बसों का बढ़ा हुआ किराया लागू हो गया है। जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ने से यात्री परेशान हैं। यात्रियों का कहना है कि परिहवन निगम ने किराया तो बढ़ा दिया है, सुविधाएं भी बढ़ाएं। तब कहीं जाकर इसका लाभ मिल सकेगा। पडरौना डिपो पर यात्रियों के लिए न तो बुनियादी सुविधाएं हैं, न ही शाम ढलने के बाद बसों के मिलने का कोई ठिकाना है। बसों के शीशे टूट हैं तो सीट की भी हालत खराब है।
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने रोडवेज की साधारण बसों का किराया सोमवार आधी रात के बाद से 25 पैसे बढ़ा दिया। पहले 1.05 रुपये प्रतिकिलोमीटर किराया चुकाकर यात्री सफर करते थे। नए किराए के अनुसार हर यात्री को प्रति किमी 1.30 रुपये का भुगतान करना होगा। जनरथ एसी (तीन सीट और दो सीट) से प्रति किलोमीटर का 1.64 रुपये किराया देना पड़ेगा। जनरथ (दो सीटर) का प्रति किलोमीटर किराया 1.94 रुपये निर्धारित है। वातानुकूलित स्लीपर बस का प्रति किलोमीटर किराया 2.59 रुपये है। हाई एंड वाल्वो और स्कैनिया बसों का प्रति किलोमीटर किराया 2.67 रुपये प्रति किमी हो गया है।
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इस तरह से बढ़ा है प्रति किमी किराया
वर्ष किराया (रुपये)
2023 1.30
2020 1.05
2017 0.95
2016 0.86
2014 0.81
2013 0.78
2012 0. 70
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यह होनी चाहिए सुविधा
- महिलाओं के लिए अलग से शौचालय हों, सुरक्षा की व्यवस्था हो।
- बस डिपो पर छांव के साथ बेंच, कुर्सी लगी हो। लोगों के लिए पेयजल का बूथ बनाया गया हो। स्वच्छ पीने का पानी उपलब्ध हो।
- बस अड्डे के एक किमी के दायरे में प्राइवेट बसों का संचालन नहीं होना चाहिए।
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प्रतिक्रिया
बसों का किराया बढ़ने से जेब पर असर पड़ा है। बसों की हालत सुधरी नहीं है। सीट से लेकर अन्य सुविधाएं भी बढ़ाई जानी चाहिए।
इंद्रजीत, यात्री
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किराया भले ही बढ़ा दिया गया है, लेकिन खटारा बसों से ही सफर करना होगा। यदि अधिक पैसा लिया जा रहा है तो रोडवेज को चाहिए कि सुविधाएं भी बढ़ाएं।
बूटन यादव, यात्री
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मैं सीतापुर से आ रहा हूं। बसों की हालत देख लीजिए। इनके बस स्टाप और डिपो पर साफ-सफाई का इंतजाम नहीं है। यात्री परेशान होते हैं।
मयंकेश्वर चौधरी, यात्री
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किराया तभी बढ़ाया जाना चाहिए था, जब डीजल के दाम बढ़े थे। इस समय किराया बढ़ाया जाना जनहित में नहीं है। प्रदेश सरकार को इस पर विचार करना चाहिए।
प्रशांत किशोर, यात्री
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बढ़ा हुआ किराया लागू कर दिया गया है। बसों में सफर के दौरान टिकट लेने पर लोग नए किराए का भुगतान कर रहे हैं। पडरौना बस डिपो को नए तरीके से बनाया जाएगा। इसकी प्रक्रिया लंबित है। जल्द ही इसे पूरा करा लिया जाएगा।
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बिंदू प्रसाद, एआरएम, पडरौना