फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   Raj and Nikhil

बेजोड़ तर्क ने राज और निखिल को बनाया अव्वल

Thu, 25 Jul 2019 11:36 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 25 Jul 2019 11:36 PM IST
विज्ञापन
Raj and Nikhil
यूएनपीजी कॉलेज पडरौना में आयोजित मुरारीलाल माहेश्वरी स्मृति वाद-विवाद प्रतियोगिता में अतिथियो - फोटो : KUSHINAGAR
बेजोड़ तर्क ने राज और निखिल को बनाया अव्वल
विज्ञापन

पडरौना (कुशीनगर)। ‘अमर उजाला’ की तरफ से बृहस्पतिवार को आयोजित मुरारीलाल माहेश्वरी वाद विवाद प्रतियोगिता के पक्ष में कुमार राज और निखिल शुक्ला के तर्कों ने अन्य प्रतिभागियों को पीछे छोड़ दिया। फिर इन दोनों के बीच मुकाबला हुआ, जो बराबरी पर रहा। निर्णायक मंडल ने दोनों प्रतिभागियों को प्रथम पुरस्कार से नवाजा। सोशल मीडिया के पक्ष में जबरदस्त संवाद प्रस्तुत करने वाले अविनाश उपाध्याय ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। इस प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय, तृतीय पुरस्कार विजेताओं के साथ-साथ सांत्वना पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। इसमें दस महाविद्यालयों से प्रतिभागी शामिल हुए।
पडरौना नगर के उदित नारायण स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित इस प्रतियोगिता में ‘एक देश एक चुनाव’ विषय पर आयोजित मुरारीलाल माहेश्वरी वाद विवाद प्रतियोगिता में दस महाविद्यालयों के विद्यार्थी शामिल हुए। शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला विद्यालय निरीक्षक उदय प्रकाश मिश्र के साथ यूएनपीजी कॉलेज के भूगोल विभाग केे असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. संजय सिंह, शिक्षाशास्त्र विभाग के प्रवक्ता डॉ. भुआली सिंह, भूगोल विभाग के अध्यक्ष डॉ. जेपी जायसवाल, बुद्घ पीजी कॉलेज की मनोविज्ञान विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सीमा त्रिपाठी ने संयुक्त रूप से किया। संचालक डॉ. संजय सिंह ने प्रतियोगिता के नियमों की जानकारी दी।
विज्ञापन

यूएनपीजी कॉलेज के छात्र कुमार राज ने ‘एक देश एक चुनाव’ के विपक्ष में विचार देते हुए कहा कि इससे क्षेत्रीय दल और क्षेत्रीय मुद्दे दब जाएंगे। इसी कॉलेज की छात्रा मानसी विश्वकर्मा ने पक्ष में अपनी बात रखते हुए लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ होने पर समय, धन का खर्च रुकने तथा देश की तरक्की पर जोर दिया। विद्यार्थी पीजी कॉलेज जगदीशपुर बरडीहा के विद्यार्थी अभिषेक कुमार वर्मा और ज्योति गुप्ता ने सोशल मीडिया के पक्ष और विपक्ष पर विचार व्यक्त किए। तीसरी प्रतियोगिता में राजकीय महाविद्यालय ढाढ़ा के छात्र पंकज कुमार कश्यप और विकास पासवान ने ‘मीडिया स्वतंत्र होने की बजाए राजनीति से प्रेरित’ विषय पर पक्ष में एक ने मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए देशहित में बताया तो दूसरे ने कुछ मामलों में सत्ताधारी दलों से प्रभावित बताया। बन्नी देवी महाविद्यालय के छात्र निखिल शुक्ला एवं अविनाश उपाध्याय ने ‘सोशल मीडिया पर देशहित में प्रतिबंध जरूरी’ विषय पर पक्ष एवं विपक्ष में अपने विचार व्यक्त किए। दादी राजमती देवी महिला महाविद्यालय पटखौली कप्तानगंज श्वेता पांडेय और कात्यायनी शर्मा ने ‘एक देश एक चुनाव’ विषय पर पक्ष-विपक्ष रखा। मुख्य अतिथि जिला विद्यालय निरीक्षक उदय प्रकाश मिश्र ने कहा कि मंच पर आकर अपनी बात कहना बहुत बड़ी बात है। प्रतियोगिता के सफल आयोजन में लक्ष्मण सिंह के अलावा समशेर मल्ल, मनोज साहा सहित यूएनीजी कॉलेज के सभी प्रवक्ता एवं कर्मचारियों का योगदान रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

‘अमर उजाला ने दिया है बेहतर प्लेटफार्म’
यूएनपीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अयोध्यानाथ त्रिपाठी ने कहा कि श्री मुरारीलाल माहेश्वरी स्मृति राष्ट्रीय वाद विवाद प्रतियोगिता के जरिए ‘अमर उजाला’ ने छात्रों की ऊंची उड़ान के लिए बेहतर प्लेटफार्म दिया है। इसके जरिए छात्रों में मंच पर बोलने की क्षमता विकसित होगी।
‘एक देश और एक चुनाव गंभीर विषय’
निर्णायक मंडल में शामिल बुद्घ पीजी कॉलेज के मनोविज्ञान विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सीमा त्रिपाठी ने कहा कि ‘एक देश और एक चुनाव’ गंभीर विषय है। इस पर गंभीरता से चिंतन की जरूरत है। ‘अमर उजाला’ का यह प्रयास सराहनीय है कि महाविद्यालय स्तर पर ऐसी प्रतियोगिता का आयोजन कर मंच पर छात्रों में अभिव्यक्ति का भाव विकसित करने का प्रयास कर रहा है।
बोले प्रतिभागी-
प्रथम पुरस्कार विजेता कुमार राज ने कहा कि चुनाव एक साथ होने से राष्ट्रीय पार्टियां तो आगे बढ़ेंगी, लेकिन क्षेत्रीय दलों का वजूद खत्म हो जाएगा। हर साल महंगे होते चुनाव में सामान्य लोग उम्मीदवारी से दूर होते जाएंगे।
..
प्रथम पुरस्कार के दूसरे विजेता निखिल शुक्ला ने कहा कि ‘एक देश एक चुनाव’ से फिजूल खर्ची रुकेगी। इस मद में खर्च होने वाला धन देशहित में काम आएगा। मतदान ड्यूटी के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों को बार-बार परेशान नहीं होना पड़ेगा।
..
द्वितीय पुरस्कार विजेता अविनाश उपाध्याय ने कहा कि बार-बार के चुनाव से खर्च बढ़ता है, जिसका भार भी जनता पर पड़ता है। 19512 से 1967-68 तक एक चुनाव की व्यवस्था थी, लेकिन उसके बाद बदली परिस्थितियों की वजह से चुनाव अलग-अलग कराए जाने की व्यवस्था शुरू हुुई थी।
..
तृतीय पुरस्कार जीतने वाली छात्रा कात्यायनी शर्मा ने कहा कि इस देश में एक साथ सभी चुनाव कराए जाने की बात कहने-सुनने में तो सहज लगती है, लेकिन सवा सौ करोड़ की आबादी वाले इस देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराना बड़ा मुश्किल है।
पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्रतिभागी-
प्रथम पुरस्कार- 5000 रुपये
कुमार राज, यूएनपीजी कॉलेज पडरौना और निखिल शुक्ला, बन्नी देवी महिला महाविद्यालय
द्वितीय पुरस्कार- 3000 रुपये
अविनाश उपाध्याय, बन्नी देवी महिला महाविद्यालय
तृतीय पुरस्कार- 2000 रुपये
कात्यायनी शर्मा- राजमती देवी महिला महाविद्यालय
सांत्वना पुरस्कार- 1000 रुपये
श्वेता पांडेय, दादी राजमती देवी महिला महाविद्यालय
मानसी विश्वकर्मा, यूएनपीजी कॉलेज
बोले निर्णायक-
निर्णायक डॉ. संजय सिंह ने कहा कि मौजूदा समय में ‘एक देश एक चुनाव’ राष्ट्रीय बहस का मुद्दा बन गया है। ‘अमर उजाला’ का प्रयास सराहनीय है। इसमें भी डिग्री कॉलेज के छात्रों के बीच इस बहस को प्रतियोगिता का हिस्सा बनाकर उन्हें जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। यह अच्छी बात है।

निर्णायक डॉ. भुआली सिंह ने कहा कि भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में बार-बार के चुनाव को लेकर कई वर्षों से बहस छिड़ी हुई है। वर्तमान समय में सरकार ने इस बहस को आगे बढ़ाने की फिर कोशिश की है। इसके परिणाम जो भी हों, लेकिन इसे लेकर जनता अपना-अपना तर्क अवश्य रखती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed