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ट्रामा सेंटर के निर्माण की जगी उम्मीद, शासन ने मांगा प्रस्ताव
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ट्रामा सेंटर के निर्माण के लिए सीएम से मिलते सांसद विजय दूबे।
- फोटो : KUSHINAGAR
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ट्रामा सेंटर के निर्माण की जगी उम्मीद, शासन ने मांगा प्रस्ताव
पडरौना। जिले में मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति मिलने के बाद अब ट्रामा सेंटर के निर्माण की उम्मीद भी जग गई है। शासन ने वित्तीय वर्ष-2021 में ट्रामा सेंटर के निर्माण के लिए जनपद मुख्यालय के पास हाईवे पर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के बारे में ब्यौरा मांगा है। शहर के कुछ युवाओं की तरफ से ट्रामा सेंटर के लिए चलाए गए आंदोलनों को ध्यान में रखते हुए कुशीनगर के सांसद ने सीएम से मिलकर ट्रामा सेंटर का निर्माण कराने का अनुरोध किया था।
जनपद से होकर गुजरने वाले एनएच-28, एनएच-28बी, स्टेट हाईवे व अन्य मार्गों पर आए दिन सड़क हादसों में लोग गंभीर रूप से घायल हो गए रहे हैं। कई की घटनास्थल पर ही मौत हो जा रही है। जबकि कुछ समय से जिले में चिकित्सकीय सुविधा न मिलने की वजह से मेडिकल कॉलेज जाते-जाते दम तोड़ दे रहे हैं। ऐसी दशा में ट्रामा सेंटर की कमी लोगों को बेहद खलती है। अब ट्रामा सेंटर की कमी भी दूर होने की उम्मीद दिखने लगी है। जिले में मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन अधिग्रहित होने के साथ-साथ इसके निर्माण की दिशा में प्रक्रिया शुरू हो जाने के बाद अब ट्रामा सेंटर के लिए भी जगह की तलाश शुरू हो गई है। इससे पहले भी शासन की तरफ से ट्रामा सेंटर के लिए जमीन उपलब्ध कराने के लिए पत्र आया था, लेकिन उस समय जमीन उपलब्ध न होने की बात बताई गई थी।
इस बार अधीक्षण अभियंता, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं लखनऊ, राकेश त्रिपाठी ने सीएमओ और डीएम को पत्र भेजकर शहरी क्षेत्र में जमीन उपलब्ध न होने की दशा में जनपद मुख्यालय के पास नेशनल हाईवे के किनारे स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिह्नित करने को कहा है, जहां ट्रामा सेंटर का निर्माण कराया जा सके। इसके लिए 1200 वर्ग मीटर भूमि की आवश्यकता है। इसे चिह्नित कर ट्रामा सेंटर के भवन निर्माण के लिए एक सप्ताह के अंदर महानिदेशालय को ई-मेल के माध्यम से सूचित कराने को कहा गया है, ताकि महानिदेशालय स्तर से भवन निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा जा सके।
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ट्रामा सेंटर बनाओ संघर्ष समिति ने चलाया था अभियान
एक स्वास्थ्यकर्मी की सड़क हादसे में मौत के बाद शहर के कुछ जागरूक युवाओं ने 11 फरवरी-2020 को ट्रामा सेंटर बनाओ संघर्ष समिति गठित कर इसके लिए धरना-प्रदर्शन, मशाल जुलूस, डोर टू डोर संपर्क अभियान, ग्राम प्रधानों को जागरूक करना, हस्ताक्षर अभियान और तत्कालीन डीएम व सांसद को ज्ञापन सौंपने तक चरणबद्ध आंदोलन किया था।
कुशीनगर में मेडिकल कॉलेज के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अब यहां ट्रामा सेंटर के निर्माण की जरूरत है, क्योंकि यहां सड़क हादसों में हर दिन लोग घायल हो रहे हैं। ट्रामा सेंटर न होने से अनेक लोगों की मौत हो जाती है। इसके लिए कुछ युवाओं ने अभियान भी चलाया। इस बारे में सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलकर फरवरी में ही अवगत कराया गया था। इसी क्रम में सीएम के निर्देश पर ट्रामा सेंटर के निर्माण के लिए जगह तलाशने का कार्य शुरू हुआ है।
विजय कुमार दूबे, सांसद
ट्रामा सेंटर के निर्माण के लिए जमीन चिह्नित करने के संबंध में शासन से पत्र प्राप्त हुआ है। जमीन चिह्नित करने के निर्देश दिए गए हैं। नेशनल हाईवे के किनारे स्थित ऐसे सीएचसी का चयन किया जाना है, जो जिला मुख्यालय के पास हो। आवागमन भी सुगम हो। क्योंकि ट्रामा सेंटर पर यदि दुर्घटना के एक घंटे के अंदर मरीज पहुंच जाए तो उसके बचने की संभावना अधिक रहती है।
भूपेंद्र एस चौधरी, डीएम
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पडरौना। जिले में मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति मिलने के बाद अब ट्रामा सेंटर के निर्माण की उम्मीद भी जग गई है। शासन ने वित्तीय वर्ष-2021 में ट्रामा सेंटर के निर्माण के लिए जनपद मुख्यालय के पास हाईवे पर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के बारे में ब्यौरा मांगा है। शहर के कुछ युवाओं की तरफ से ट्रामा सेंटर के लिए चलाए गए आंदोलनों को ध्यान में रखते हुए कुशीनगर के सांसद ने सीएम से मिलकर ट्रामा सेंटर का निर्माण कराने का अनुरोध किया था।
जनपद से होकर गुजरने वाले एनएच-28, एनएच-28बी, स्टेट हाईवे व अन्य मार्गों पर आए दिन सड़क हादसों में लोग गंभीर रूप से घायल हो गए रहे हैं। कई की घटनास्थल पर ही मौत हो जा रही है। जबकि कुछ समय से जिले में चिकित्सकीय सुविधा न मिलने की वजह से मेडिकल कॉलेज जाते-जाते दम तोड़ दे रहे हैं। ऐसी दशा में ट्रामा सेंटर की कमी लोगों को बेहद खलती है। अब ट्रामा सेंटर की कमी भी दूर होने की उम्मीद दिखने लगी है। जिले में मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन अधिग्रहित होने के साथ-साथ इसके निर्माण की दिशा में प्रक्रिया शुरू हो जाने के बाद अब ट्रामा सेंटर के लिए भी जगह की तलाश शुरू हो गई है। इससे पहले भी शासन की तरफ से ट्रामा सेंटर के लिए जमीन उपलब्ध कराने के लिए पत्र आया था, लेकिन उस समय जमीन उपलब्ध न होने की बात बताई गई थी।
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इस बार अधीक्षण अभियंता, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं लखनऊ, राकेश त्रिपाठी ने सीएमओ और डीएम को पत्र भेजकर शहरी क्षेत्र में जमीन उपलब्ध न होने की दशा में जनपद मुख्यालय के पास नेशनल हाईवे के किनारे स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिह्नित करने को कहा है, जहां ट्रामा सेंटर का निर्माण कराया जा सके। इसके लिए 1200 वर्ग मीटर भूमि की आवश्यकता है। इसे चिह्नित कर ट्रामा सेंटर के भवन निर्माण के लिए एक सप्ताह के अंदर महानिदेशालय को ई-मेल के माध्यम से सूचित कराने को कहा गया है, ताकि महानिदेशालय स्तर से भवन निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा जा सके।
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ट्रामा सेंटर बनाओ संघर्ष समिति ने चलाया था अभियान
एक स्वास्थ्यकर्मी की सड़क हादसे में मौत के बाद शहर के कुछ जागरूक युवाओं ने 11 फरवरी-2020 को ट्रामा सेंटर बनाओ संघर्ष समिति गठित कर इसके लिए धरना-प्रदर्शन, मशाल जुलूस, डोर टू डोर संपर्क अभियान, ग्राम प्रधानों को जागरूक करना, हस्ताक्षर अभियान और तत्कालीन डीएम व सांसद को ज्ञापन सौंपने तक चरणबद्ध आंदोलन किया था।
कुशीनगर में मेडिकल कॉलेज के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अब यहां ट्रामा सेंटर के निर्माण की जरूरत है, क्योंकि यहां सड़क हादसों में हर दिन लोग घायल हो रहे हैं। ट्रामा सेंटर न होने से अनेक लोगों की मौत हो जाती है। इसके लिए कुछ युवाओं ने अभियान भी चलाया। इस बारे में सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलकर फरवरी में ही अवगत कराया गया था। इसी क्रम में सीएम के निर्देश पर ट्रामा सेंटर के निर्माण के लिए जगह तलाशने का कार्य शुरू हुआ है।
विजय कुमार दूबे, सांसद
ट्रामा सेंटर के निर्माण के लिए जमीन चिह्नित करने के संबंध में शासन से पत्र प्राप्त हुआ है। जमीन चिह्नित करने के निर्देश दिए गए हैं। नेशनल हाईवे के किनारे स्थित ऐसे सीएचसी का चयन किया जाना है, जो जिला मुख्यालय के पास हो। आवागमन भी सुगम हो। क्योंकि ट्रामा सेंटर पर यदि दुर्घटना के एक घंटे के अंदर मरीज पहुंच जाए तो उसके बचने की संभावना अधिक रहती है।
भूपेंद्र एस चौधरी, डीएम