कसया। लेखपाल संघ के तहसील मंत्री सुनील कुशवाहा को एसडीएम ने कार्य में लापरवाही बरतने पर निलंबित कर दिया। मंगलवार से लेखपाल संघ ने कार्रवाई के विरोध में कलमबंद हड़ताल शुरू कर दिया। लेखपालों का आरोप है कि मुख्यमंत्री जनता दर्शन गोरखपुर में जाने के लिए चार बार एसडीएम दबाव बनाए। किसी कारणवश जाने से लेखपाल ने मना किया तो निलंबित कर दिया गया। लेखपाल की बहाली जब तक नहीं होगी, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष नीलेश रंजन राव ने कहा कि लेखपाल 14 से 15 घंटे कार्य कर रहे हैं, बावजूद अधिकारी द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है। तहसील मंत्री लेखपाल सुनील कुशवाहा पर हुई कार्रवाई गलत है। इनके खिलाफ हुई कार्रवाई जब तक वापस नहीं ली जाएगी। तब तक तहसील में लेखपालों का कलमबंद हड़ताल जारी रहेगा। सोमवार की शाम को जूम मीटिंग में तहसील मंत्री को लगातार चार बार से गोरखपुर जाने के लिए दबाव बनाया जा रहा था और इनकी बात नहीं सुनी जा रही थी। दोपहर बाद बैठक करने के बाद लेखपाल संघ तहसील सभागार में धरने पर बैठ गया। इस दौरान धर्मेद्र सिंह, अजय दुबे, सुनील कुशवाहा, कालिंदी यादव, कन्हैया यादव, राजन मिश्रा, सन्नी गुप्ता, अशोक कनोजिया, निशा निगम, गुलफसा खातुन, अकरम अलि, राजन पांडेय, पियूष धर द्विवेदी आदि मोजूद रहे।