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कृषि कानून के विरोध में वामदलों ने दिया धरना, चार सूत्री ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा
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कृषि कानून के विरोध में वामदलों ने दिया धरना, चार सूत्री ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा
संवाद न्यूज एजेंसी
तमकुहीराज। कृषि कानून के विरोध में वामदलों ने शनिवार को तहसील मुख्यालय पहुंचकर धरना दिया। कानून को वापस लेने की मांग की। राष्ट्रपति को संबोधित चार सूत्री ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा।
शनिवार को उत्तर प्रदेश खेत मजदूर यूनियन के जिला मंत्री सुदामा यादव की अगुवाई में वामदलों के कार्यकर्ता तहसील मुख्यालय पर पहुंचकर धरना प्रदर्शन करने लगे। धरना को संबोधित करते हुए कामरेड सुदामा यादव ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार किसान विरोधी है। सरकार के तानाशाही रवैये के चलते दिल्ली में देश के कोने-कोने से भारी संख्या में किसान पहुंचकर कृषि कानून के खिलाफ आंदोलन करने को विवश हैं। इन लोगों ने किसान विरोधी कानून वापस लेने, किसानों की उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने और आंदोलन में बंद किसानों को रिहा करने सहित चार सूत्री ज्ञापन तहसीलदार रामप्यारे को सौंपकर धरना समाप्त किया। इस दौरान अशोक यादव, मतीउल्लाह सिद्दीकी, मोहन प्रसाद गोंड, परमहंस सिंह, गुड्डू यादव, नासिर हुसैन, द्वारिका यादव, रामपदार्थ कुशवाहा, लक्ष्मीना देवी, ऐनुल्लाह, बलिस्टर कुशवाहा, धनश्याम प्रद्युम्न यादव, जंगबहादुर, नुर मोहम्मद, हलीम अंसारी सहित कई लोग मौजूद थे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
तमकुहीराज। कृषि कानून के विरोध में वामदलों ने शनिवार को तहसील मुख्यालय पहुंचकर धरना दिया। कानून को वापस लेने की मांग की। राष्ट्रपति को संबोधित चार सूत्री ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा।
शनिवार को उत्तर प्रदेश खेत मजदूर यूनियन के जिला मंत्री सुदामा यादव की अगुवाई में वामदलों के कार्यकर्ता तहसील मुख्यालय पर पहुंचकर धरना प्रदर्शन करने लगे। धरना को संबोधित करते हुए कामरेड सुदामा यादव ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार किसान विरोधी है। सरकार के तानाशाही रवैये के चलते दिल्ली में देश के कोने-कोने से भारी संख्या में किसान पहुंचकर कृषि कानून के खिलाफ आंदोलन करने को विवश हैं। इन लोगों ने किसान विरोधी कानून वापस लेने, किसानों की उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने और आंदोलन में बंद किसानों को रिहा करने सहित चार सूत्री ज्ञापन तहसीलदार रामप्यारे को सौंपकर धरना समाप्त किया। इस दौरान अशोक यादव, मतीउल्लाह सिद्दीकी, मोहन प्रसाद गोंड, परमहंस सिंह, गुड्डू यादव, नासिर हुसैन, द्वारिका यादव, रामपदार्थ कुशवाहा, लक्ष्मीना देवी, ऐनुल्लाह, बलिस्टर कुशवाहा, धनश्याम प्रद्युम्न यादव, जंगबहादुर, नुर मोहम्मद, हलीम अंसारी सहित कई लोग मौजूद थे।
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