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Kushinagar News: निजी अस्पतालों में अनियमितता पर बिफरे
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पडरौना। निजी अस्पतालों व नर्सिंग होमों में कथित अनियमितताओं को लेकर बिफरे भाजपा नेताओं ने सीएमओ डॉ. चंद्रप्रकाश को मांग पत्र सौंपा। आरोप लगाया कि कई निजी अस्पतालों में मरीजों के जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है।
सरकारी अस्पतालों से मरीजों को कमीशन के आधार पर निजी अस्पतालों में भेजने, बिना पंजीकृत चिकित्सक के अस्पताल संचालित करने और विशेषज्ञ चिकित्सकों की अनुपस्थिति में ऑपरेशन जैसे गंभीर आरोप लगाए गए।
भाजपा नेताओं ने कहा कि कई अस्पतालों में बोर्ड पर हृदय रोग विशेषज्ञ, न्यूरो सर्जन समेत अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों के नाम प्रदर्शित किए जाते हैं लेकिन जरूरत के समय ये चिकित्सक उपलब्ध नहीं रहते। आरोप है कि कई जगह कंपाउंडर और नर्स के भरोसे मरीजों का इलाज किया जा रहा है। सर्जन और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की मौजूदगी के बिना बड़े ऑपरेशन किए जाने से पोस्ट ऑपरेटिव जटिलताओं और मरीजों की मौत की घटनाएं सामने आ रही हैं।
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भाजपा नेताओं ने सीएमओ के नेतृत्व में सात दिन में सभी निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम की जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि बिना पंजीकरण या आवश्यक चिकित्सकीय व्यवस्था के संचालित अस्पतालों को तत्काल सील किया जाए। साथ ही अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता और पंजीकरण की भी जांच कराई जाए। चेतावनी दी कि यदि 15 दिन के भीतर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो डीएम कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
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सरकारी अस्पतालों से मरीजों को कमीशन के आधार पर निजी अस्पतालों में भेजने, बिना पंजीकृत चिकित्सक के अस्पताल संचालित करने और विशेषज्ञ चिकित्सकों की अनुपस्थिति में ऑपरेशन जैसे गंभीर आरोप लगाए गए।
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भाजपा नेताओं ने कहा कि कई अस्पतालों में बोर्ड पर हृदय रोग विशेषज्ञ, न्यूरो सर्जन समेत अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों के नाम प्रदर्शित किए जाते हैं लेकिन जरूरत के समय ये चिकित्सक उपलब्ध नहीं रहते। आरोप है कि कई जगह कंपाउंडर और नर्स के भरोसे मरीजों का इलाज किया जा रहा है। सर्जन और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की मौजूदगी के बिना बड़े ऑपरेशन किए जाने से पोस्ट ऑपरेटिव जटिलताओं और मरीजों की मौत की घटनाएं सामने आ रही हैं।
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भाजपा नेताओं ने सीएमओ के नेतृत्व में सात दिन में सभी निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम की जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि बिना पंजीकरण या आवश्यक चिकित्सकीय व्यवस्था के संचालित अस्पतालों को तत्काल सील किया जाए। साथ ही अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता और पंजीकरण की भी जांच कराई जाए। चेतावनी दी कि यदि 15 दिन के भीतर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो डीएम कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।