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भारत और तिब्बत के संबंध ऐतिहासिक
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पडरौना उदित नारायण पीजी कॉलेज में कार्यक्रम को संबोधित करते प्राचार्य डॉ ममता मणी त्रिपाठी।संव
- फोटो : KUSHINAGAR
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भारत और तिब्बत के संबंध ऐतिहासिक
चीन व भारत संबंध में तिब्बत के महत्व विषय पर हुई गोष्ठी
उदित नारायण पीजी कॉलेज के सभागार में हुआ आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। नगर के उदित नारायण इंटर कॉलेज परिसर में बृहस्पतिवार को भारत-तिब्बत संवाद मंच की तरफ से संगोष्ठी का आयोजन हुआ। इसमें चीन व भारत के संबंध में तिब्बत के महत्व विषय पर चर्चा की गई।
मुख्य अतिथि तिब्बत के जिग्मे सुल्ठीम ने कहा कि तिब्बत की सामाजिक सांस्कृतिक भारत से मिलती है। भारत के बौद्ध धर्म की शत-प्रतिशत छाप तिब्बत के लोगों पर है। भारत तिब्बत का हमेशा सहयोग करता रहा है। इसी के चलते तिब्बत के लोग भारत पर विश्वास करते हैं। लेकिन चीन सरकार तिब्बतियों पर अत्याचार कर रही है। उन्होंने भारत-तिब्बत की साझा संस्कृतियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। संगोष्ठी को प्राचार्य डॉ. ममता मणि त्रिपाठी, डॉ. शुभलाल साह, डॉ. पीएन राय आदि ने भी संबोधित किया। संगोष्ठी की अध्यक्षता डॉ. सीबी सिंह और संचालन डॉ. संजय कुमार सिंह ने किया। इस दौरान रितिका साहा, पायल, डॉ. जेपी जायसवाल, डॉ. मुकेश, चंदन, डॉ. विश्वंभर, डॉ. आशुतोष सिंह, शमशेर मल्ल, प्रमोद श्रीवास्तव, मनोज साहा, मिथिलेश आदि मौजूद रहे।
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चीन व भारत संबंध में तिब्बत के महत्व विषय पर हुई गोष्ठी
उदित नारायण पीजी कॉलेज के सभागार में हुआ आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। नगर के उदित नारायण इंटर कॉलेज परिसर में बृहस्पतिवार को भारत-तिब्बत संवाद मंच की तरफ से संगोष्ठी का आयोजन हुआ। इसमें चीन व भारत के संबंध में तिब्बत के महत्व विषय पर चर्चा की गई।
मुख्य अतिथि तिब्बत के जिग्मे सुल्ठीम ने कहा कि तिब्बत की सामाजिक सांस्कृतिक भारत से मिलती है। भारत के बौद्ध धर्म की शत-प्रतिशत छाप तिब्बत के लोगों पर है। भारत तिब्बत का हमेशा सहयोग करता रहा है। इसी के चलते तिब्बत के लोग भारत पर विश्वास करते हैं। लेकिन चीन सरकार तिब्बतियों पर अत्याचार कर रही है। उन्होंने भारत-तिब्बत की साझा संस्कृतियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। संगोष्ठी को प्राचार्य डॉ. ममता मणि त्रिपाठी, डॉ. शुभलाल साह, डॉ. पीएन राय आदि ने भी संबोधित किया। संगोष्ठी की अध्यक्षता डॉ. सीबी सिंह और संचालन डॉ. संजय कुमार सिंह ने किया। इस दौरान रितिका साहा, पायल, डॉ. जेपी जायसवाल, डॉ. मुकेश, चंदन, डॉ. विश्वंभर, डॉ. आशुतोष सिंह, शमशेर मल्ल, प्रमोद श्रीवास्तव, मनोज साहा, मिथिलेश आदि मौजूद रहे।
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